GIMS Hospital Doctors Strike: ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) में सोमवार सुबह उस समय हलचल बढ़ गई, जब जूनियर डॉक्टरों ने काम छोड़कर हड़ताल शुरू कर दी. अस्पताल परिसर के वेटिंग एरिया में डॉक्टर इकट्ठे हुए और अपने साथी के साथ हुई मारपीट के विरोध में आवाज उठाई. उनकी मांग है कि मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका विरोध जारी रहेगा. मरीजों की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर में कामकाज जारी रखने की बात कही है.
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत 10 अक्टूबर को हुई घटना से हुई. जूनियर डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल में तैनात नर्स नीतू चपराना ने बाहर से दो-तीन लोगों को बुलाया था, जिन्होंने जूनियर डॉक्टर राहुल के साथ मारपीट की. इस घटना के बाद से ही डॉक्टरों में नाराजगी बनी हुई है. उनका आरोप है कि अस्पताल परिसर में ही उनके साथी के साथ मारपीट होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. इसी घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने प्रबंधन से मामले में शिकायत दर्ज कराने और उचित कार्रवाई की मांग की है.
A resident doctor was allegedly assaulted inside GIMS Greater Noida reportedly involving nursing staff We stand with RDA GIMS Why has no institutional FIR been filed yet? @noidapolice @DCP_Noida ensure strict action and justice for resident doctors @myogiadityanath https://t.co/6v36tQ3UFJ
— Dr Mohammad Momin Khan (@DrMohammadMomin) October 11, 2026
सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
सोमवार सुबह हड़ताल पर बैठे जूनियर डॉक्टरों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है. उनका कहना है कि अगर अस्पताल परिसर में ही डॉक्टर सुरक्षित नहीं हैं और मुश्किल समय में प्रशासन उनका साथ नहीं देता, तो वे निडर होकर अपनी जिम्मेदारियां कैसे निभा पाएंगे? डॉक्टरों ने साफ कहा है कि ये केवल एक घटना नहीं बल्कि सम्मान से जुड़ी बात भी है. ऐसे में जब तक कार्रवाई नहीं होगी वे हड़ताल करेंगे.
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