Who is IAS Deepak Rawat: उत्तराखंड के मशहूर IAS ऑफिसर दीपक रावत एक बार फिर सुर्खियों में हैं. अपने अनोखे काम करने के तरीके, सरप्राइज इंस्पेक्शन और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो के लिए जाने जाने वाले, उनके पॉलिटिक्स में आने की अफवाहें तेज हो गई हैं. इसकी वजह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी का एक कमेंट है. तो, आइए दीपक रावत के बारे में और जानते हैं.
कौन हैं IAS दीपक रावत?
दीपक रावत उत्तराखंड कैडर के 2007 बैच के IAS ऑफिसर हैं. 14 सितंबर, 1977 को जन्मे, वे मूल रूप से उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के लोली गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने अपनी स्कूलिंग मसूरी के सेंट जॉर्ज कॉलेज से पूरी की. फिर उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से हिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से हिस्ट्री में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया. IAS ऑफिसर बनने से पहले, वे इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) ऑफिसर भी थे.
एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में अपने करियर के दौरान, दीपक रावत ने उत्तराखंड में कई अहम पदों पर काम किया है. उन्होंने बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के तौर पर काम किया. उन्होंने कुमाऊं मंडल विकास निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर, रुड़की डेवलपमेंट अथॉरिटी के वाइस चेयरमैन और हरिद्वार कुंभ मेले के ऑफिसर-इन-चार्ज जैसे पदों पर भी काम किया. उन्होंने UPCL और पिटकुल के मैनेजिंग डायरेक्टर और UREDA के डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया है. वे अभी कुमाऊं डिवीज़न के कमिश्नर और मुख्यमंत्री के सेक्रेटरी हैं.
CM धामी के किस कमेंट से पॉलिटिकल बहस छिड़ गई?
दीपक रावत के पॉलिटिकल भविष्य पर चर्चा तब शुरू हुई जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी पहुंचे. फॉरेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के स्पोर्ट्स ग्राउंड में बने हेलीपैड पर कैबिनेट मिनिस्टर राम सिंह कैड़ा और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. मिनिस्टर ने मुख्यमंत्री को फूलों का गुलदस्ता दिया. खबर है कि सीएम धामी ने दीपक रावत की ओर इशारा करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में कमिश्नर का भी यही हाल होगा. उनके इस कमेंट से वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई. इसके बाद से ही उनके पॉलिटिक्स में आने के कयास लगाए जा रहे हैं.
क्या दीपक रावत BJP में शामिल होंगे?
मुख्यमंत्री के इस कमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दीपक रावत एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस छोड़कर BJP में शामिल होंगे. अगर वह पॉलिटिकल रूप से एक्टिव होते हैं, तो कुमाऊं रीजन को उनके संभावित चुनावी बेस के तौर पर देखा जा सकता है, क्योंकि उनके करियर का एक बड़ा हिस्सा इसी रीजन में बीता है. हालांकि, दीपक रावत ने न तो पॉलिटिक्स में आने का ऐलान किया है, और न ही BJP ने उनके आने या टिकट के बारे में कोई ऑफिशियल जानकारी जारी की है. इसलिए, किसी खास असेंबली सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाएं सिर्फ कयास हैं.