West Bengal Assembly Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि पहले चरण के मतदान में सबसे अमीर और गरीब उम्मीदवारों की संपत्ति में कितने का अंतर है?
पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण में सबसे अमीर और सबसे गरीब उम्मीदवारों की संपत्ति में कितना अंतर है?
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल, 2026 को डाला जाएगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि पहले चरण में 1478 उम्मीदवारों में से कौन सबसे अमीर और कौन सबसे गरीब है. जानकारी के अनुसार, 1478 उम्मीदवारों में से 20 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं. इनमें से 228 उम्मीदवारों के पास ₹1 करोड़ से ₹5 करोड़ के बीच की संपत्ति है. इसके अलावा, 46 उम्मीदवारों के पास ₹5 करोड़ से ₹10 करोड़ के बीच की संपत्ति है, जबकि 35 उम्मीदवारों के पास ₹10 करोड़ से अधिक की संपत्ति है.
सबसे ज़्यादा करोड़पति उम्मीदवार ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के हैं. ये सभी आंकड़े ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स’ (ADR) और ‘वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच’ (WBEW) द्वारा किए गए एक विश्लेषण से सामने आए हैं. ADR ने पहले चरण में चुनाव लड़ रहे 1,475 उम्मीदवारों द्वारा जमा किए गए हलफ़नामों का विश्लेषण करके ये आंकड़े जुटाए हैं. इस बीच, तीन उम्मीदवारों के हलफनामों में कुछ विसंगतियां भी पाई गईं हैं.
सबसे अमीर उम्मीदवारों में जंगीपुर से चुनाव लड़ रहे तृणमूल कांग्रेस के जाकिर हुसैन इस सूची में सबसे ऊपर हैं. अगर उनकी संपत्ति की बात करें तो वो 133 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. उनके बाद बरजोरा से गौतम मिश्रा (₹105 करोड़) और दुर्गापुर पश्चिम से कवि दत्ता (₹72 करोड़) का स्थान है. औसत संपत्ति के मामले में भी टीएमसी सभी पार्टियों को पछाड़ते हुए नजर आ रही है. टीएमसी के एक उम्मीदवार की औसत संपत्ति 5.7 करोड़ रुपये हैं. इसकी तुलना में बीजेपी उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.5 करोड़ रुपये, कांग्रेस उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2 करोड़ रुपये और सीपीआई (एम) उम्मीदवारों की औसत संपत्ति लगभग 92 लाख रुपये है.
इसके अलावा, अगर सबसे गरीब उम्मीदवारों की बात करें तो इस लिस्ट में हुमांयू कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी की उम्मीदवार रुबिया बेगम का नाम आता है. जो दुर्गापुर पूर्व से चुनाव लड़ रही हैं. उनकी कुल संपत्ति मात्र 500 रुपये हैं. उनके बाद एसयूसीआई की उम्मीदवार सुश्रिता सरेन (700 रुपये) और जशोदा बर्मन (924 रुपये) का स्थान आता है.
इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 23% उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं, जबकि 20% उम्मीदवारों पर गंभीर अपराधों से जुड़े आरोप हैं. बीजेपी द्वारा मैदान में उतारे गए 152 उम्मीदवारों में से 106 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं; इनमें से 96 उम्मीदवारों पर गंभीर अपराधों से जुड़े आरोप हैं. इस बीच, तृणमूल के 148 उम्मीदवारों में से 63 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं और 48 पर गंभीर आरोप हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण में सबसे अमीर और सबसे गरीब उम्मीदवारों की संपत्ति में अंतर देखें तो वो आपको काफी अधिक लगेगा. सबसे अमीर उम्मीदवार की संपत्ति 133 करोड़ रुपये है तो सबसे गरीब उम्मीदवार की संपत्ति 500 रुपये की है. इस हिसाब से सबसे अमीर और सबसे गरीब उम्मीदवारों की संपत्ति में करोड़ों का अंतर है.
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