Car Touch Screen Display: कार की टच स्क्रीन ड्राइवर के प्रतिक्रिया करने की क्षमता को 50% स्लो कर देता है. जिससे अनहोनी की संभावना बढ़ जाती है. दिमाग और हाथ टचस्क्रीन पर लगे रहते हैं.
Car Touch Screen Display
Car Touch Screen Display: आज के दौर में कारों में बहुत तेजी से टच स्क्रीन डिस्प्ले बढ़ाए जा रहे हैं, जिसे एडवांस फीचर्स भी कहा जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं, यह मोबाइल से भी ज्यादा खतरनाक है. ड्राइविंग के दौरान यहा ड्राइवर का रिएक्शन टाइम 50% स्लो कर देता है. अनहोनी घटना से बचने का रिस्क 50% कम हो जाता है. जो कई मामलों में माबाइल इस्तेमाल करने से भी ज्यादा खतरनाक है.
दुनिया के कुछ कार सेफ्टी एंजेंशियों नें, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में साफ तौर पर ऐलान कर दिया है कि इस साल से कार में फीचर्स के लिए फिजिकल बटन दिए जाएंगे, इसका उद्देश्य ड्राइविंग के दौरान भटकाव को कम करना है.
टच स्क्रीन वाली गाड़ियों को एडवांस और लग्जरी गाड़ी के तौर पर देखा जाता है. लेकिन यह सुरक्षा के लिहाजे से खतरनाक साबित हो रहा है.
पहले जिस स्थान पर रेडियों, एसी आदि के लिए अलग-अलग नॉब्स होते थे, उन सभी का कंट्रोल अब एक ही जगह यानी टच स्क्रीन में फिक्स कर दिया गया है. अब ऐसे में समस्या यह होती है कि, टच स्क्रीन चलाने के लिए, आंखों को सड़क से हटाकर टच स्क्रीन पर लाना पड़ता है, फिर विकल्प ढ़ूंढ़ने में ज्याद समय लगता है और सड़क से ध्यान बार-बार हटता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि गाड़ी चलाने के दौरान गाना बदलने, एसी सेट करने के लिए टच स्क्रीन का इस्तेमाल किया जाता है. जो मोबाइल से ज्यादा खतरनाक है.
मेलबर्न यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार, टच स्क्रीन के मैन्यू में उलझने से, ड्राइवर का रिएक्शन टाइम 50% तक स्लो हो जाता है. यानी अचानक कोई अनहोनी घटना सामने आ जाए तो ड्राइवर बचने के लिए 50% धीमा रिएक्ट कर पाएगा. मतलब खतरे की संभावना बढ़ जाती है. वहीं मैसेज टाइप करने पर यही गति 35% और फोन पर बात करने पर 46% स्लो होती है.
मेलबर्न यूनिवर्सिटी के डॉ. मिलाद हघानी का कहना है कि, ‘टचस्क्रीन ड्राइवर का ध्यान तीन तरह से भटकाती है-देखने, हाथ चलाने और सोचने में. स्क्रीन चलाने के लिए सड़क से आंख हटाना होता है और स्टेरिंग से हाथ और ऑप्शन ढूंढने के लिए दिमाग. यह तीनों खतरनाक मेल बड़े हादसों की वजह बन सकते हैं.
इस समस्या को दूर करने के लिए नॉब्स या मैनुअल बटन कारगर उपाय है. मैनुअल बटन या नॉब्स को बिना देखे भी ड्राइवर इस्तेमाल कर सकता है. यह काम मसल मिमोरी के द्वारा होता है. यानी बार-बार इस्तेमाल करने से पता होता है कि कौन-सा बटन कहां है और उसे कैसे चलाना है. लेकिन टच स्क्रीन के साथ ऐसा नहीं है. इसे देखना है फिर सोचने और समझने के बाद विकल्फ चुनना है.
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