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HomeVideosकोसी की लहरों में जिंदगी की हार, कर्ज के बोझ तले दबे गरीब ने कुरसेला पुल से लगाई छलांग, देखें वीडियो!

कोसी की लहरों में जिंदगी की हार, कर्ज के बोझ तले दबे गरीब ने कुरसेला पुल से लगाई छलांग, देखें वीडियो!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-14 15:57:25

बिहार के कटिहार जिले के कुरसेला स्थित कोसी नदी के पुल से एक व्यक्ति ने गरीबी और कर्ज के असहनीय बोझ के कारण आत्महत्या की कोशिश की, पीड़ित व्यक्ति आर्थिक तंगी और साहूकारों के कर्ज से इस कदर टूट चुका था कि उसे अपनी जान देना ही आखिरी रास्ता लगा हालांकि, वहां मौजूद एक स्थानीय युवक ने अदम्य साहस और सूझबूझ का उधारण दिया, युवक ने ना केवल उसे डूबने से बचाया, बल्कि उसे समझा-बुझाकर जीवन के प्रति सकारात्मक रहने के लिए प्रेरित किया.


Bihar Man Suicide Attempt Kosi River Kursela: यह घटना समाज और सरकार दोनों के लिए एक बड़ी चेतावनी है, भारत के तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्रों में कर्ज का जाल (Debt Trap) लोगों को सुसाइड जैसे कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है, जहां लोग अक्सर ऐसी घटनाओं का वीडियो बनाने में व्यस्त रहते हैं, वहीं उस युवक ने पानी में कूदकर और पीड़ित की काउंसलिंग कर एक मिसाल पेश की, छोटे व्यापारियों और मजदूरों के लिए बैंकों से लोन मिलना मुश्किल होता है, जिसके कारण वे निजी साहूकारों के चंगुल में फंस जाते हैं और ऊंची ब्याज दरों की भेंट चढ़ जाते हैं, मांग उठ रही है कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार ऐसे पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करें ताकि उन्हें दोबारा ऐसे कदम ना उठाने पड़ें.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-14 15:57:25


Bihar Man Suicide Attempt Kosi River Kursela: यह घटना समाज और सरकार दोनों के लिए एक बड़ी चेतावनी है, भारत के तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्रों में कर्ज का जाल (Debt Trap) लोगों को सुसाइड जैसे कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है, जहां लोग अक्सर ऐसी घटनाओं का वीडियो बनाने में व्यस्त रहते हैं, वहीं उस युवक ने पानी में कूदकर और पीड़ित की काउंसलिंग कर एक मिसाल पेश की, छोटे व्यापारियों और मजदूरों के लिए बैंकों से लोन मिलना मुश्किल होता है, जिसके कारण वे निजी साहूकारों के चंगुल में फंस जाते हैं और ऊंची ब्याज दरों की भेंट चढ़ जाते हैं, मांग उठ रही है कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार ऐसे पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करें ताकि उन्हें दोबारा ऐसे कदम ना उठाने पड़ें.

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