नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026: आस्था, जनसेवा, राष्ट्रीय जिम्मेदारी और खेल उत्कृष्टता के प्रभावशाली संगम ने ‘सेवा संकल्प – राष्ट्रनिर्माण के 25 साल’ को विशेष बनाया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन यात्रा के 25 वर्षों को चिह्नित करने वाला राष्ट्रीय समारोह था।
डॉ. अशोक कुमार मित्तल, सदस्य, राज्यसभा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, युवाओं, सांस्कृतिक हस्तियों और खेल जगत के चैंपियनों को एक साथ लाया गया, ताकि सेवा, सद्भाव, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण जैसे व्यापक विषयों पर विचार किया जा सके।
इस समारोह में कई विशिष्ट राजनीतिक अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें श्री संदीप पाठक, सदस्य, राज्यसभा; श्री जगदंबिका पाल, सदस्य, लोकसभा; श्री संजय गोयल, सदस्य, दिल्ली विधानसभा (विधायक), शाहदरा; श्री दीपक म्हास्के, राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक, भाजपा; तथा डॉ. अश्विन फर्नांडिस, चेयर, QS India एवं वाइस प्रेसिडेंट, Strategic and International Engagement, QS सहित कई अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल रहे।

शाम को विभिन्न धर्म परंपराओं के प्रतिनिधि एक साझा मंच पर एकत्रित हुए, जिसने भारत की धार्मिक विविधता और साझा राष्ट्रीय उद्देश्य के संदेश को मजबूत किया। कार्यक्रम में सर्वधर्म प्रार्थना, सेवा और सार्वजनिक जिम्मेदारी पर विचार, डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुति और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे।
इस समारोह में विभिन्न परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख आध्यात्मिक एवं धर्मगुरु भी शामिल हुए, जिनमें श्री मरज़बान नरिमान ज़ैवाला, ट्रस्टी, दिल्ली पारसी अंजुमन; योग मनीषी आचार्य श्री विवेक मुनि जी महाराज, संस्थापक, आचार्य सुशील मुनि मिशन; ज्ञानी दिलबाग सिंह जी, हेड ग्रंथी, गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब; स्वामी राजेश्वरा नंद जी, चेयरमैन, संत समाज दल; गोस्वामी सुशील जी महाराज, राष्ट्रीय संयोजक, भारतीय सर्व धर्म संसद; साहिबज़ादा जिया निज़ामी, साहिबज़ादा, हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह; भंते दीपांकर सुमेधो, चेयरमैन, Buddhist Cultural Foundation India; तथा श्रीमती कार्मेल त्रिपाठी, निदेशक, Baha’i Office of Public Affairs शामिल रहे।

इनकी सहभागिता ने सेवा संकल्प के केंद्रीय संदेश को रेखांकित किया कि भारत की विभिन्न आस्थाएं सेवा, सद्भाव, करुणा और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की साझा भावना के साथ एकजुट हो सकती हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के एकजुट, समावेशी और प्रगतिशील भारत के विजन के केंद्रीय मूल्यों में रही हैं।
विभिन्न राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिनमें निकारागुआ, चाड, बुरुंडी, लाइबेरिया, मेडागास्कर, जॉर्डन, रूस, कैमरून, बोत्सवाना, लेसोथो, वेनेजुएला, अंगोला, बुर्किना फासो, नाइजर और इज़राइल सहित देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल थे।
एशियाई खेलों के चैंपियनों का सम्मान
शाम का एक प्रमुख आकर्षण 2026 एशियाई खेलों में देश का गौरव बढ़ाने वाले भारतीय खिलाड़ियों का सम्मान रहा।
खिलाड़ियों को एक-एक करके मंच पर आमंत्रित किया गया और डॉ. अशोक कुमार मित्तल सहित वरिष्ठ गणमान्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह में उनकी मेहनत, अनुशासन और भारत की खेल उपलब्धियों में उनके योगदान का सम्मान किया गया।
सम्मानित खिलाड़ियों में नीरू धांडा, अमन सहरावत, अंतिम पंघाल, सुजीत कलकल, कमलजीत, नितेश सिवाच, पूजा सिंह, किरण पहल, सतनाम सिंह, मनीषा कीर, हिमांशु ढिल्लों, साक्षी राणा और सलमान खान शामिल थे। इन खिलाड़ियों ने शूटिंग, कुश्ती, एथलेटिक्स, रोइंग और हॉकी सहित विभिन्न खेल विधाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक कुमार मित्तल, सदस्य, राज्यसभा, ने कहा, “मेरे लिए यह केवल एक समारोह नहीं है; यह एक ऐसे व्यक्ति की 25 वर्षों की यात्रा को याद करने का यज्ञ है, जिसने अपने जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा जनसेवा के लिए समर्पित किया है। गुजरात से दिल्ली तक नरेंद्र मोदी जी की यात्रा जन जिम्मेदारी, विश्वास और सेवा की यात्रा रही है। पिछले 25 वर्ष हमें बहुत कुछ याद करने और उसका उत्सव मनाने का अवसर देते हैं, लेकिन हमारी नजरें अगले 25 वर्षों पर भी होनी चाहिए। आज इंडिया गेट से हम अब तक की इस यात्रा को नमन करते हैं और एक विकसित, मजबूत तथा वैश्विक नेतृत्व करने वाले भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेते हैं। अगले 25 वर्षों के लिए, हम इसे करके दिखाएंगे।”

कार्यक्रम में शासन के 25 वर्षों को समर्पित एक गीत का शुभारंभ भी किया गया, जिसके बाद युवाओं के नेतृत्व में सेवा संकल्प की शपथ दिलाई गई। सात चयनित युवा प्रतिभागियों ने इस शपथ का नेतृत्व किया, जो सेवा और राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों को आगे बढ़ाने में अगली पीढ़ी की जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।
शाम का समापन ‘Sounds of Seva’ के साथ हुआ, जिसमें भारत की विविध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का उत्सव मनाने वाली लाइव संगीत प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम का समापन एकता और सामूहिक उत्सव के संदेश के साथ हुआ।
इस समारोह ने एक सरल लेकिन प्रभावशाली संदेश को रेखांकित करने का प्रयास किया: भारत की शक्ति उसकी विविधता में है, लेकिन उसका भविष्य इस बात से आकार लेता है कि उसके लोग राष्ट्रसेवा के लिए एक साथ आने की इच्छा रखते हैं।