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Home > बिज़नेस > Delhi Protest: CJP विरोध प्रदर्शन से कितने का हुआ नुकसान? आकड़े सुन पकड़ लेंगे माथा

Delhi Protest: CJP विरोध प्रदर्शन से कितने का हुआ नुकसान? आकड़े सुन पकड़ लेंगे माथा

Delhi Protest: CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, इस विरोध प्रदर्शन से अकेले दिल्ली में लगभग ₹2,000 करोड़ के बिजनेस पर असर पड़ सकता है.

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Last Updated: October 10, 2026 15:48:05 IST

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Delhi Protest: देश की राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन जारी है. दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. विरोध प्रदर्शनों की वजह से दिल्ली की सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है, कई इलाकों में दुकानें बंद हैं. रोजी-रोटी और बिजनेस पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है. आखिर में, दिल्ली-NCR में रहने वाले लाखों लोग परेशान हैं. व्यापारियों और बिजनेसमैन के सबसे बड़े संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने लगभग ₹2,000 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया है.

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, इस विरोध प्रदर्शन से अकेले दिल्ली में लगभग ₹2,000 करोड़ के बिजनेस पर असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि नवरात्रि और रामलीला से ठीक एक दिन पहले दिल्ली में बहुत बुरे हालात बन गए हैं. लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं, और इकॉनमी पूरी तरह से चरमरा गई है. इस बीच, अलग-अलग इलाकों से आ रही खबरों से पता चलता है कि दिल्ली के सभी बड़े मार्केट लॉकडाउन में हैं. सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट, भागीरथ प्लेस वगैरह में बिजनेस पूरी तरह से ठप हैं.

नहीं आए बाहर के कस्टमर

CTI चेयरमैन के मुताबिक, दिल्ली में रोज़ाना 300,000-400,000 लोग शॉपिंग के लिए आते हैं. प्रोटेस्ट से बने हालात की वजह से ये खरीदार आज दिल्ली में नहीं आ पाए, और लोकल कस्टमर भी ट्रैफिक जाम और खराब हालात के डर से घरों से बाहर नहीं निकले. मेट्रो स्टेशन बंद होने से परेशानी और बढ़ गई. ज़्यादातर बड़े मेट्रो स्टेशन बंद हैं, जिससे दिल्ली में बहुत कम मूवमेंट हो रही है. इसका सर्विस सेक्टर पर काफी असर पड़ा है. पेट्रोल पंप पर भीड़ नहीं थी, और होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, ब्यूटी पार्लर और सैलून में कोई बुकिंग नहीं हो रही थी.

दिल्ली में प्रोटेस्ट पर बैन की मांग

CTI के जनरल सेक्रेटरी गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा के मुताबिक, त्योहारों का सीजन चल रहा है. 11 अक्टूबर से नवरात्रि और रामलीला शुरू हो रही है. इसलिए दिल्ली के बड़े इलाकों में प्रोटेस्ट और प्रदर्शन पूरी तरह से बैन होने चाहिए. भविष्य में, प्रोटेस्ट के लिए बाहरी दिल्ली में एक परमानेंट प्रोटेस्ट ज़ोन बनाया जाना चाहिए. इससे दिल्ली में बिजनेस को होने वाले रोज़ाना के नुकसान को कम किया जा सकेगा.

यह स्थिति क्यों पैदा हुई?

चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन की परमिशन का मामला अभी कोर्ट में पेंडिंग है. कोर्ट का फैसला आना बाकी है. इस बीच, CJP ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया, जबकि सरकार ने परमिशन देने से मना कर दिया. इससे दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई है. इसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है.

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Delhi Protest: देश की राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन जारी है. दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. विरोध प्रदर्शनों की वजह से दिल्ली की सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है, कई इलाकों में दुकानें बंद हैं. रोजी-रोटी और बिजनेस पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है. आखिर में, दिल्ली-NCR में रहने वाले लाखों लोग परेशान हैं. व्यापारियों और बिजनेसमैन के सबसे बड़े संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने लगभग ₹2,000 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया है.

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, इस विरोध प्रदर्शन से अकेले दिल्ली में लगभग ₹2,000 करोड़ के बिजनेस पर असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि नवरात्रि और रामलीला से ठीक एक दिन पहले दिल्ली में बहुत बुरे हालात बन गए हैं. लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं, और इकॉनमी पूरी तरह से चरमरा गई है. इस बीच, अलग-अलग इलाकों से आ रही खबरों से पता चलता है कि दिल्ली के सभी बड़े मार्केट लॉकडाउन में हैं. सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट, भागीरथ प्लेस वगैरह में बिजनेस पूरी तरह से ठप हैं.

नहीं आए बाहर के कस्टमर

CTI चेयरमैन के मुताबिक, दिल्ली में रोज़ाना 300,000-400,000 लोग शॉपिंग के लिए आते हैं. प्रोटेस्ट से बने हालात की वजह से ये खरीदार आज दिल्ली में नहीं आ पाए, और लोकल कस्टमर भी ट्रैफिक जाम और खराब हालात के डर से घरों से बाहर नहीं निकले. मेट्रो स्टेशन बंद होने से परेशानी और बढ़ गई. ज़्यादातर बड़े मेट्रो स्टेशन बंद हैं, जिससे दिल्ली में बहुत कम मूवमेंट हो रही है. इसका सर्विस सेक्टर पर काफी असर पड़ा है. पेट्रोल पंप पर भीड़ नहीं थी, और होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, ब्यूटी पार्लर और सैलून में कोई बुकिंग नहीं हो रही थी.

दिल्ली में प्रोटेस्ट पर बैन की मांग

CTI के जनरल सेक्रेटरी गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा के मुताबिक, त्योहारों का सीजन चल रहा है. 11 अक्टूबर से नवरात्रि और रामलीला शुरू हो रही है. इसलिए दिल्ली के बड़े इलाकों में प्रोटेस्ट और प्रदर्शन पूरी तरह से बैन होने चाहिए. भविष्य में, प्रोटेस्ट के लिए बाहरी दिल्ली में एक परमानेंट प्रोटेस्ट ज़ोन बनाया जाना चाहिए. इससे दिल्ली में बिजनेस को होने वाले रोज़ाना के नुकसान को कम किया जा सकेगा.

यह स्थिति क्यों पैदा हुई?

चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन की परमिशन का मामला अभी कोर्ट में पेंडिंग है. कोर्ट का फैसला आना बाकी है. इस बीच, CJP ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया, जबकि सरकार ने परमिशन देने से मना कर दिया. इससे दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई है. इसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है.

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