BCCI Recruitment: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने देश के जूनियर क्रिकेट ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. बोर्ड ने जूनियर क्रिकेट कमेटी के पांच पदों के लिए आवेदन मांगे हैं. इस कमेटी की जिम्मेदारी सिर्फ खिलाड़ियों के चयन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि अंडर-22 स्तर तक भारतीय टीमों के लिए प्रतिभाओं की पहचान, कप्तान का चुनाव, कोचिंग स्टाफ की नियुक्ति और खिलाड़ियों के विकास की निगरानी तक फैली होगी. यानी आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी तैयार करने में इस कमेटी की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है.
5 पदों के लिए मांगे आवेदन, 5 सितंबर तक मौका
बीसीसीआई ने जूनियर क्रिकेट कमेटी के पांच सदस्यों की नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 5 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड सभी आवेदनों की समीक्षा करेगा और योग्य उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. इसके बाद चुने गए उम्मीदवारों को व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा. पूरी चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पांच सदस्यों वाली नई जूनियर क्रिकेट कमेटी का गठन किया जाएगा.
कौन कर सकता है आवेदन?
बीसीसीआई ने जूनियर क्रिकेट कमेटी के सदस्य बनने के लिए कुछ अहम पात्रता शर्तें भी तय की हैं. इसके लिए उम्मीदवार का पूर्व क्रिकेटर होना जरूरी है. उसके पास कम से कम 25 प्रथम श्रेणी मैच खेलने का अनुभव होना चाहिए. इसके अलावा खिलाड़ी के संन्यास लिए कम से कम पांच साल पूरे हो चुके होने चाहिए. बोर्ड के नियमों के मुताबिक, जो व्यक्ति पहले ही किसी क्रिकेट कमेटी में कुल पांच साल तक सदस्य रह चुका है, वह इस पद के लिए पात्र नहीं होगा. इन शर्तों का मकसद ऐसे अनुभवी और अपेक्षाकृत स्वतंत्र लोगों को कमेटी में शामिल करना है, जो जूनियर क्रिकेटरों के चयन और विकास को बेहतर तरीके से समझते हों.
अंडर-22 तक टीम चयन की जिम्मेदारी
नई जूनियर क्रिकेट कमेटी के पास अंडर-22 स्तर तक भारतीय टीमों के चयन की अहम जिम्मेदारी होगी. कमेटी के सदस्य अलग-अलग आयु वर्ग के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे और घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उभर रही प्रतिभाओं की पहचान करेंगे. कोचिंग कैंप, घरेलू प्रतियोगिताओं और विदेशी दौरों के लिए टीमों का चयन भी कमेटी करेगी. इसका बड़ा लक्ष्य भविष्य के लिए मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना होगा, ताकि सीनियर टीम के लिए लगातार प्रतिभाशाली खिलाड़ी उपलब्ध होते रहें.
कप्तान से लेकर कोच तक
नई कमेटी सिर्फ खिलाड़ियों के चयन तक सीमित नहीं रहेगी. अलग-अलग प्रारूपों में जूनियर भारतीय टीमों के कप्तान का चुनाव भी इसी कमेटी की जिम्मेदारी होगी. इसके अलावा टीम के कोच और सपोर्ट स्टाफ के चयन से पहले उम्मीदवारों की जांच और सिफारिश में भी कमेटी की भूमिका रहेगी. सपोर्ट स्टाफ में फिजियोथेरेपिस्ट, ट्रेनर, थेरेपिस्ट, एनालिस्ट और मेडिकल स्टाफ जैसे पद शामिल होंगे. इस तरह कमेटी खिलाड़ियों के साथ-साथ पूरी टीम के क्रिकेटिंग और सपोर्ट सिस्टम पर नजर रखेगी.
खिलाड़ियों के प्रदर्शन और विकास पर भी नजर
नई व्यवस्था में जूनियर खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उनके विकास का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा. कमेटी खिलाड़ियों की प्रगति पर नजर रखकर समय-समय पर रिपोर्ट तैयार करेगी. इससे बोर्ड को यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन से खिलाड़ी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और किन खिलाड़ियों को अतिरिक्त ट्रेनिंग या मार्गदर्शन की जरूरत है. बीसीसीआई के जूनियर टूर्नामेंट और विदेशी दौरों से जुड़े आयोजन एवं प्रशासनिक मामलों में भी कमेटी की भूमिका होगी.
घरेलू क्रिकेट के टाइटल स्पॉन्सर की भी तलाश
जूनियर क्रिकेट में बदलाव की तैयारी के बीच बीसीसीआई घरेलू सीजन के लिए नए टाइटल स्पॉन्सर की तलाश भी कर रहा है. IDFC का मौजूदा कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक बोर्ड को अभी तक अपनी उम्मीदों के मुताबिक प्रस्ताव नहीं मिला है. ऐसे में नए टाइटल स्पॉन्सर को लेकर बीसीसीआई की बातचीत जारी है और अंतिम फैसला अभी होना बाकी है. यानी एक तरफ बोर्ड जूनियर क्रिकेट के ढांचे में बदलाव की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नए घरेलू सीजन के व्यावसायिक साझेदार को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है.