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क्या आईपीएल में धीमी ओवर गति के लिए खिलाड़ियों की जगह अंपायरों को सजा मिलनी चाहिए? यह सवाल मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के क्रिकेट प्रमुख फ्रेजर स्टीवर्ट ने उठाया है. फ्रेजर स्टीवर्ट ने मुंबई के वानखेड़े मैदान में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच खेला गया मुकाबला देखा था. यह मैच पूरे चार घंटे और बाईस मिनट तक चला. इसके बाद मुंबई क्रिकेट संघ के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि मैच के धीमे होने के लिए सिर्फ खिलाड़ी और कप्तान जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि अंपायरों की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए.
उन्होंने कहा, “अंपायर मैच को धीमा होने दे रहे थे. खेल को लगातार आगे बढ़ाते रहना अंपायर की जिम्मेदारी है. लेकिन जब हर ब्रेक करोड़ों दर्शकों के लिए विज्ञापन का मौका बन जाता है, तब यह समझना मुश्किल नहीं है कि मैच क्यों रुक-रुक कर चल रहा है. एक तरीका यह हो सकता है कि अगर ओवर पूरे करने की गति खराब हो तो अंपायरों पर जुर्माना लगाया जाए. इससे शायद मैच तेज़ी से पूरे होने लगेंगे.”
अंपायर्स पर लगना चाहिए जुर्माना
स्टीवर्ट ने कहा कि खेल के नियम अंपायरों को चेतावनी देने और समय खराब करने पर पांच रन की पेनल्टी लगाने का अधिकार देते हैं, लेकिन अंपायर इन अधिकारों का इस्तेमाल करने से बचते हैं. फिलहाल यदि कोई टीम समय पर अपने ओवर पूरे नहीं कर पाती है, तो उसकी सजा कप्तान को भुगतनी पड़ती है. कप्तान पर जुर्माना लगाया जाता है, टीम पर क्षेत्ररक्षण संबंधी पाबंदियां लग सकती हैं और विरोधी टीम को अतिरिक्त रन भी मिल सकते हैं. लेकिन स्टीवर्ट का मानना है कि अगर समय की निगरानी के लिए अंपायरों को भी जिम्मेदार बनाया जाए, तो इससे खेल को बड़ा फायदा होगा.
द हंड्रेड का दिया उदाहरण
उन्होंने कहा, “यह वास्तव में एक बड़ी समस्या है. जब हमने मैच देखा, तो सबसे ज्यादा जिस चीज़ ने ध्यान खींचा, वह थी खेल की बहुत धीमी रफ्तार और बार-बार रुकावटें. द हंड्रेड में जैसे ही विकेट गिरता है, साठ सेकंड की घड़ी शुरू हो जाती है. अगले बल्लेबाज़ को तय समय के भीतर तैयार होना पड़ता है, नहीं तो टीम के पांच रन काट लिए जाते हैं.” उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि यहां ज्यादा गर्मी होती है और खिलाड़ियों को पानी और अन्य चीज़ों की जरूरत पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद बहुत ज्यादा लोग लगातार मैदान पर आ-जा रहे थे.”