Live TV
Search
Home > Education > केन्द्र सरकार की नई पहल, अब हवाई जहाज से पहुंचेगा NEET परीक्षा का पेपर

केन्द्र सरकार की नई पहल, अब हवाई जहाज से पहुंचेगा NEET परीक्षा का पेपर

NEET UG 2026: NEET UG री- एग्जाम की गोपनियता को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली में हाई लेवल की मीटिंग हुई. इस बार क्वेश्चन पेपर हवाई जहाज से पहुंचाने का प्लान किया जा रहा है. इसमें इंडियन एयर फोर्स की भी मदद ली जा सकती है.

Written By:
Last Updated: 2026-05-30 18:51:54

Mobile Ads 1x1

NEET UG 2026: NEET UG री- एग्जाम की गोपनियता को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली में हाई लेवल की मीटिंग हुई. इस बार क्वेश्चन पेपर हवाई जहाज से पहुंचाने का प्लान किया जा रहा है. इसमें इंडियन एयर फोर्स की भी मदद ली जा सकती है. 
जाहिर है कि NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद केन्द्र सरकार इस बार परीक्षा की सुरक्षा को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती. NEET री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी. संभव है परीक्षा सेंटर पर क्वेश्चन पेपर भारतीय वायुसेना (IAF) से पहुंचाए जाएंगे. सरकार और NTA इस बाबत फैसला ले सकती हैं. ताकि परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े.

सुरक्षा के मद्देनजर ली जाएगी एयरफोर्स की मदद

NEET UG  री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली में एक हाई-लेवल की मीटिंग हुई. इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जबकि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहें. 
सरकार की माने तो हवाई मार्ग से पेपर भेजने से मार्ग में किसी तरह की कोई छेड़छाड़, चोरी, पेपर लीक और अन्य किसी प्रकार की समस्या से निजात पाया जा सकता है. बहरहाल अभी किसी भी तरह की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

पीएम मोदी को दी जा रही है सभी संबधित सूचनाएं

बैठक में केवल प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्ट पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, पैकिंग, स्टोरेज और परीक्षा केन्द्रों तक सुरक्षा व्यवस्था के हर फेज की समीक्षा की गई. इस दौरान NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत कई सीनियर ऑफिसर मौजूद रहें.

राज्यों की पुलिस और CRPF भी रहेंगी तैनात

शिक्षा मंत्री ने बताया कि केवल एयरफोर्स ही नहीं बल्कि पूरे देश का सुरक्षा तंत्र इस बार परीक्षा व्यवस्था में शामिल रहेगा. जहां जरूरत होगी वहां राज्य पुलिस और CRPF की मदद ली जाएगी.उन्होंने कहा कि 21 जून को होने वाली NEET परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र शामिल होंगे. ऐसे में जिम्मेदारी बहुत बड़ी है और सरकार बच्चों की सुरक्षा और भरोसे को सबसे ऊपर रख रही है.

 

MORE NEWS

Home > Education > केन्द्र सरकार की नई पहल, अब हवाई जहाज से पहुंचेगा NEET परीक्षा का पेपर

Written By:
Last Updated: 2026-05-30 18:51:54

Mobile Ads 1x1

NEET UG 2026: NEET UG री- एग्जाम की गोपनियता को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली में हाई लेवल की मीटिंग हुई. इस बार क्वेश्चन पेपर हवाई जहाज से पहुंचाने का प्लान किया जा रहा है. इसमें इंडियन एयर फोर्स की भी मदद ली जा सकती है. 
जाहिर है कि NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद केन्द्र सरकार इस बार परीक्षा की सुरक्षा को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती. NEET री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी. संभव है परीक्षा सेंटर पर क्वेश्चन पेपर भारतीय वायुसेना (IAF) से पहुंचाए जाएंगे. सरकार और NTA इस बाबत फैसला ले सकती हैं. ताकि परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े.

सुरक्षा के मद्देनजर ली जाएगी एयरफोर्स की मदद

NEET UG  री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली में एक हाई-लेवल की मीटिंग हुई. इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जबकि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहें. 
सरकार की माने तो हवाई मार्ग से पेपर भेजने से मार्ग में किसी तरह की कोई छेड़छाड़, चोरी, पेपर लीक और अन्य किसी प्रकार की समस्या से निजात पाया जा सकता है. बहरहाल अभी किसी भी तरह की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

पीएम मोदी को दी जा रही है सभी संबधित सूचनाएं

बैठक में केवल प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्ट पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, पैकिंग, स्टोरेज और परीक्षा केन्द्रों तक सुरक्षा व्यवस्था के हर फेज की समीक्षा की गई. इस दौरान NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत कई सीनियर ऑफिसर मौजूद रहें.

राज्यों की पुलिस और CRPF भी रहेंगी तैनात

शिक्षा मंत्री ने बताया कि केवल एयरफोर्स ही नहीं बल्कि पूरे देश का सुरक्षा तंत्र इस बार परीक्षा व्यवस्था में शामिल रहेगा. जहां जरूरत होगी वहां राज्य पुलिस और CRPF की मदद ली जाएगी.उन्होंने कहा कि 21 जून को होने वाली NEET परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र शामिल होंगे. ऐसे में जिम्मेदारी बहुत बड़ी है और सरकार बच्चों की सुरक्षा और भरोसे को सबसे ऊपर रख रही है.

 

MORE NEWS