Bengal News: बंगाल सरकार का वित्त विभाग टेंडर प्रक्रिया की तैयारी में हैं. विभाग के कथनानुसार नई व्यवस्था में पारदर्शिता पर बल दिया जाएगा. बंगाल सरकार ने राज्य का राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से एक बार फिर ‘धनलक्ष्मी’ और ‘बंगलक्ष्मी’ लॉटरी सेवा बहाल करने को लेकर आश्वस्त है. राज्य सचिवालय सूत्रों के अनुसार, वित्त विभाग इस सेवा को शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया की तैयारी कर रहा है.
पश्चिम बंगाल सरकार ने राजकीय कोष बढ़ाने के उद्देश्य से लॉटरी सेवा को पुन: शुरू करने जा रही है. इस बार लोगों को पारदर्शिता देखने को भी मिल सकती है. ताकि लोगों का विश्वास बना रहें. गौरतलब है कि, पहले लॉटरी सेवा बंद करने का मुख्य कारण भ्रष्टाचार की अधिकता का होना था. अब इस पर रोक लगाई जाएगी ताकि किसी भी प्रकार का कोई असंतोष न फैले.
लॉटरी सेवा शुरू करने के निर्देश जारी
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने अगले वित्त वर्ष से लॉटरी सेवा बहाल करने के विर्देश पहले ही दे दिए हैं. बहरहाल राज्य में लॉटरी सेवा बाहरी संस्थाओं को
‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) के द्वारा ही संचालित कराई जाती हैं. सरकार का मानना है कि इससे राज्य को अपेक्षित राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा था. इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है. ताकि राजकीय कोष की पारदर्शिता के साथ भरपाई हो सकें.
भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच हुआ था बंद
उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लॉटरी सेवा को लेकर कई बार भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आये थे. अब नई सरकार लॉटरी व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए बेहद गंभीर नजर आ रही हैं. बंगाल सरकार का मुख्य उद्देश्य राजकीय कोष को बढ़ाना है.
पूर्व लॉटरी सेवा से असंतोष
बंगाल सरकार ने साफ कर दिया कि पहले लॉटरी सेवा की पारदर्शिता को लेकर संतोष की स्थिति नहीं थी. लेकिन अब सरकार अपनी निगरानी में यह कार्य करने में तत्पर नजर आ रही हैं. अब भ्रष्टाचार की कोई भी गुंजाइश नहीं होगी.