Rajasthan News: राजस्थान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने आगाह करते हुए कहा कि, 1 जून 2026 तक मांगे न मानी गई तो हड़ताल, वैट घटाने, सप्लाई लिमिट खत्म करने और बकाया भुगतान की मांग को लेकर चर्चा तेज हो सकती है. जयपुर में पेट्रोल पंपों पर आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ सकती है.
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने 1 जून 2026 से पहले उनकी मांगों पर बातचीत नहीं की, तो प्रदेश भर के पेट्रोल पंप संचालक हड़ताल पर जा सकते है. इसके अतिरिक्त सबसे बड़ा मुद्दा राजस्थान में पेट्रोल और डीजल पर ज्यादा वैट का बताया जा रहा है, जिसके कारण यहां ईंधन दुसरे राज्यों के मुकाबले अधिक महंगा बिक रहा है. एसोसिएशन ने इस बाबत सीएम भजनलाल ,शर्मा को पत्र लिखकर अपनी मांगे रखी है. उनका कहना है कि पंजाब के बराबर वैट दरें लागू की जाए. एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि प्रमुख शासन के द्वारा कोई फोन कॉल तक का जवाब नहीं दिया जा रहा. इसी नाराजगी के बीच अब आंदोलन का दौर शुरु करने की तैयारी जोरों पर है.
आपूर्ति रोकने और सीमा लगाने से बढ़ा विवाद
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार प्रदेश के कई पंप रोजाना ड्राई हो रहे है. इंडियन आॉयल की तरफ से मौखिक आदेश, वॉट्सएप और मोबाइल मैसेज के जरिए एक ग्राहक को 50 हजार रुपये तक पेट्रोल देने की सामा तय कर दी गई है. वहीं भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने भी सप्लाई सामित कर दी है.
किसानों को डीजल आपूर्ति पर उठाया सवाल
संस्था ने किसानों को ड्रम में डीजल नहीं देने के फैसले पर भी नाराजगी जाहिर की है. उनका कहना है कि बारिश और बुआई का मौसम आने वाला है और निचले इलाकों में किसानों को बहुतायत मात्रा में डीजल की आवश्यकता पड़ती है. परंतु तेल कंपनियों की मनमानी के कारण ड्रम में डीजल नहीं मिल पा रहा हैं, इससे किसानों की परेशानियों में लगातार इजाफा हो रहा है.
CNG और लंबित भुगतान का भी मुद्दा भी गरमाया
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि राजस्थान में CNG की कीमतें आसमान छू रहीं है, इस बाबत कोई ठोस फैसला उठाना अनिवार्य हैं. गौरतलब है कि, सीएनजी की कीमतें हरियाणा और पंजाब से ज्यादा हैं. अलग-अलग कस्बों में कीमतों में अंतर भी लोगों को परेशान कर रहा है. साथ ही प्रधानमंत्री के दौरे और सरकारी रैलियों में उधार दिए गए ईंधन का भुगतान अब तक नहीं निलने का मुद्दा भी उठाया गया.
एसोसिएशन ने साफ कहा कि अगर सरकार ने जल्द इसका कोई समाधान नहीं निकाला तो 1 जून से प्रदेशभर के पेट्रोल पंप संचालक धरना-प्रदर्शन और हड़ताल पर उतरेंगे. ऐसे में आने वाले समय में राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई और आम लोगों की परेशानी दोनों बड़ा मुद्दा बन सकता है.