IPL 2026 के 43वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स (RR) ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. लेकिन यह फैसला शुरुआत में ही उल्टा पड़ता नजर आया, जब रॉयल्स के शानदार फॉर्म में चल रहे ओपनर्स यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी पहली बार इस सीजन में दहाई का आंकड़ा छुए बिना ही पवेलियन लौट गए. शुरुआती झटकों के बाद कप्तान रियान पराग ने मोर्चा संभाला और ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर पारी को पटरी पर लाने की कोशिश की. पराग ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए इस सीजन का अपना पहला अर्धशतक(90) जड़ा, लेकिन जुरेल(42) एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और कैच आउट हो गए.
पिच को देखते हुए रॉयल्स की नजरें 200 से ज्यादा के स्कोर पर टिकी थीं. जुरेल के आउट होने के बाद मैदान पर एक चौंकाने वाला नजारा दिखा, डोनोवन फरेरा की जगह रवींद्र जडेजा को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया.
आखिर फरेरा से पहले जडेजा क्यों आए?
रवींद्र जडेजा ने पिछले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ 29 गेंदों में नाबाद 43 रनों की शानदार पारी खेली थी, जो टीम की जीत में निर्णायक साबित हुई. दूसरी ओर डोनोवन फरेरा(ferreira) राजस्थान के सबसे विस्फोटक फिनिशर माने जाते हैं. ऐसे में जब पारी के 7 ओवर से ज्यादा का खेल बचा हो तो फरेरा अपनी लय में आकर मैच का रुख पूरी तरह पलट सकते थे. राजस्थान रॉयल्स के बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ ने ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत में इस रणनीति का खुलासा किया. राठौड़ के मुताबिक जडेजा(Ravindra Jadeja) स्पिन को बहुत अच्छे से खेलते हैं और यह फैसला खास तौर पर कुलदीप यादव के बचे हुए दो ओवरों को ध्यान में रखकर लिया गया था.
विक्रम राठौड़ ने यह भी कहा कि जडेजा की विकेटों के बीच दौड़ने की गजब की फुर्ती मिडिल ओवर्स में स्कोर को बढ़ाने में मदद करेगी. हालांकि, जब फरेरा की बारी आई तो उन्होंने इस फैसले को एक तरह से गलत साबित कर दिया. फरेरा ने 17वें ओवर में कुलदीप यादव की गेंदों पर तीन गगनचुंबी छक्के जड़ दिए. अपनी पुरानी टीम के खिलाफ खेलते हुए इस दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी ने आखिर में ऐसी फिनिशिंग टच दी कि राजस्थान रॉयल्स एक बेहद मजबूत और चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचने में सफल रही.