Pregnancy and Oral Health: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए. क्योंकि, इस दौरान उनके शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं. इनका असर केवल अंदरूनी स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि ओरल हेल्थ यानी मुंह और दांतों की सेहत पर भी पड़ता है. यही कारण है कि इस दौरान ओरल हेल्थ का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, गर्भावस्था में मसूड़ों में सूजन, खून आना और इंफेक्शन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, जिसे ‘प्रेग्नेंसी जिंजिवाइटिस’ कहा जाता है. अगर समय रहते इन समस्याओं का इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकती हैं और मां के साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती हैं. अब सवाल है कि आखिर, प्रेग्नेंसी में ओरल हेल्थ का ध्यान रखना क्यों जरूरी? परेशानी से बचने के लिए क्या करें? इस बारे में बता रही हैं एम्स रायबरेली की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ज्योत्सना देवी-
प्रेग्नेंसी में ओरल हेल्थ का ध्यान रखना जरूरी क्यों?
डॉक्टर कहती हैं कि खराब ओरल हेल्थ का संबंध समय से पहले डिलीवरी और कम वजन वाले बच्चे के जन्म से भी जोड़ा गया है. इसलिए डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से दांतों की सफाई, सही ब्रशिंग और समय-समय पर डेंटल चेकअप जरूर कराना चाहिए. दरअसल, इस खास दौर में थोड़ी सी लापरवाही बड़ी समस्या बन सकती है, इसलिए बेहतर है कि ओरल हेल्थ को नजरअंदाज न करें और मां-बच्चे दोनों की सेहत का पूरा ध्यान रखें.
प्रेग्नेंसी में क्यों बढ़ती है दांतों की समस्या
करीब 70% महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं झेलनी पड़ती हैं. लंबे समय तक नज़रअंदाज़ करने पर आगे चलकर यह जिंजीवाइटिस गंभीर बीमारियों की वजह भी बन सकती हैं. दरअसल प्रेग्नेंसी के दौरान बॉडी में हॉर्मोन लेवल तेज़ी से बदलता है, जिससे मसूड़ों में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है. यह मसूड़ों में सूजन और सेंसिटिविटी बढ़ाने की वजह बनता है. महिलाएं इस दौरान दांत साफ करने में दर्द का सामना करती हैं और इसी वजह से दांतों में फंसे खाने के कण और पनपने बैक्टीरिया ओरल हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं. इसके अलावा पेट में गैस और एसिडिटी बनने से टूथ इनेमल कमज़ोर होते चले जाते हैं.
भ्रूण की सेहत पर क्या पड़ सकता प्रभाव
डॉक्टर कहती हैं कि, प्रेग्नेंसी जिंजीवाइटिस मां के अलावा अजन्मे बच्चे के लिए भी खतरनाक होता है. इसकी वजह से मिसकैरेज, प्रीमैच्योर डिलीवरी, लो बर्थ वेट के अलावा बच्चे में ब्रेन इंजरी, देखने की क्षमता में कमी या फिर न सुन पाने जैसी समस्याएं भी विकसित हो सकती है. इसलिए मां और बच्चे दोनों की सेहत का ध्यान रखने के लिए खानपान और लाइफस्टाइल ओरल हेल्थ पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है.
प्रेग्नेंसी जिंजीवाइटिस से कैसे करें बचाव
- प्रेग्नेंसी के दौरान मसूड़े सेंसटिव हो जाते हैं, इसलिए सॉफ्ट ब्रश का इस्तेमाल करें.
- डेंटिस्ट की दी गई सलाह के हिसाब से दिन भर में एक या दो बार फ्लॉस ज़रूर करें.
- मीठी चीज़ों को खाने से परहेज़ करें. ये दांत में चिपककर बैक्टीरिया की प्रॉब्लम बढ़ा सकते हैं.
- डेंटिस्ट की सलाह के हिसाब से ही प्रेग्नेंसी में माउथवॉश का इस्तेमाल करें.
- डेंटिस्ट को अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में बताएं और ज़रूरत के हिसाब से ट्रीटमेंट लें.