Smriti Mandhana captain: भारतीय महिला क्रिकेट में नेतृत्व का नया अध्याय शुरू हो गया है. BCCI ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को स्मृति मंधाना को टीम का पूर्णकालिक व्हाइट बॉल कप्तान बनाने का ऐलान किया. 2013 से भारतीय टीम का हिस्सा रहीं स्मृति को लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ यह जिम्मेदारी सौंपी गई है.
हरमनप्रीत के बाद स्मृति को मिली बड़ी जिम्मेदारी
स्मृति मंधाना अब भारतीय महिला टीम की वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नियमित कप्तान होंगी. यह बदलाव हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद हुआ है. BCCI ने हरमनप्रीत के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट के विकास और टीम के कई अहम पड़ावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. स्मृति के लिए यह जिम्मेदारी नई जरूर है, लेकिन कप्तानी का अनुभव उनके पास पहले से है. वह भारत की ओर से 18 T20I और 4 ODI मुकाबलों में टीम की कप्तानी कर चुकी हैं. अब BCCI ने उन्हें पूर्णकालिक व्हाइट बॉल कप्तान की जिम्मेदारी दी है.
2013 से टीम का हिस्सा, लंबे अनुभव का मिला फायदा
स्मृति मंधाना 2013 से भारतीय टीम का हिस्सा हैं और पिछले कई वर्षों से टीम की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रही हैं. BCCI के मुताबिक, उन्होंने सभी फॉर्मेट में भारतीय महिला क्रिकेट की प्रगति में अहम भूमिका निभाई है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी स्मृति ने अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाई है. हाल के वर्षों में उनका सबसे बड़ा उदाहरण रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी रही, जहां उनकी अगुवाई में टीम ने 2024 और 2026 में विमेंस प्रीमियर लीग का खिताब जीता.
खुद स्मृति ने हरमनप्रीत के योगदान को किया याद
कप्तानी मिलने के बाद स्मृति मंधाना ने इसे अपने लिए बेहद खास जिम्मेदारी बताया. उन्होंने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व हमेशा उनके लिए खास रहा है और अब टीम का नेतृत्व करने का मौका मिलना उनके लिए बहुत मायने रखता है. स्मृति ने अपनी नियुक्ति के बाद हरमनप्रीत कौर के योगदान का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत ने लंबे समय तक पूरी प्रतिबद्धता के साथ टीम की अगुवाई की और भारतीय महिला क्रिकेट की यात्रा में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि वह इस जिम्मेदारी को समझती हैं और टीम के साथ काम करते हुए आगे सीखने तथा भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती हैं.
BCCI को स्मृति पर पूरा भरोसा
BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने स्मृति को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि स्मृति लंबे समय से भारतीय क्रिकेट का अहम हिस्सा रही हैं और उन्होंने आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करने की क्षमता दिखाई है. BCCI के मानद सचिव देवजीत सैकिया ने भी स्मृति के अनुभव और नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताया. उनके मुताबिक, भारत की कप्तानी बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन स्मृति के पास इसे संभालने का अनुभव और सही स्वभाव मौजूद है. उन्होंने WPL में RCB की कप्तानी में मिली सफलता को भी स्मृति की नेतृत्व क्षमता का उदाहरण बताया.
अब स्मृति के सामने नए दौर की चुनौती
BCCI ने स्मृति की नियुक्ति ऐसे समय में की है जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम एक नए चरण में प्रवेश कर रही है. इसी साल भारतीय टीम ने महिला एशिया कप का खिताब रिकॉर्ड आठवीं बार जीता, जिसमें स्मृति टीम की उपकप्तान थीं. अब टीम की कमान संभालने के बाद स्मृति के सामने हाल के वर्षों में बनी इस लय को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी. BCCI का भरोसा, उनका लंबा अंतरराष्ट्रीय अनुभव और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में कप्तानी की सफलता इस नई जिम्मेदारी में उनके लिए अहम साबित हो सकती है.