वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे उभरते युवा खिलाड़ी में क्यों गिना जाता है. आईपीएल 2026 में बिहार के इस बल्लेबाज़ ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 400 रन बना लिए हैं और टूर्नामेंट के शीर्ष रन-स्कोररों में अपनी जगह बना ली है. पिछले सीजन से ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले सूर्यवंशी ने इस बार और भी आक्रामक बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया है. उनकी विस्फोटक पारियों ने नेशनल टीम में चयन को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है. लेकिन इस बीच धवन ने यह भी कह दिया है कि टीम में जगह बनाना आसान नहीं होता है.
भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन का मानना है कि वैभव के प्रदर्शन को उनकी उम्र से ऊपर रखा जाना चाहिए. धवन के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी उच्च स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो उसकी उम्र नहीं बल्कि उसकी प्रतिभा और प्रभाव मायने रखने चाहिए. धवन ने कहा, “अगर वैभव सीनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहा है, तो उसकी उम्र नहीं बल्कि उसका प्रदर्शन देखा जाना चाहिए. वह अभी बहुत छोटा है, लेकिन जिस तरह वह जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह जैसे गेंदबाज़ों के खिलाफ बड़े-बड़े छक्के लगा रहा है, वह हैरान करने वाला है. कई अनुभवी खिलाड़ी भी इतनी कम उम्र में वह नहीं कर पाए, जो वैभव कर रहा है. उसका समय जरूर आएगा.”
हालांकि, धवन ने यह भी स्वीकार किया कि भारतीय टीम में जगह बनाना आसान नहीं होता, खासकर तब जब शीर्ष क्रम में पहले से स्थापित खिलाड़ी मौजूद हों. उन्होंने अपने करियर का उदाहरण देते हुए बताया कि जब वह, रोहित शर्मा और विराट कोहली भारतीय टीम के शीर्ष क्रम का हिस्सा थे, तब नए खिलाड़ियों के लिए टीम में जगह बनाना बेहद कठिन था.
उन्होंने कहा, “जब टॉप ऑर्डर अच्छा प्रदर्शन कर रहा हो, तो उन्हें आसानी से बदला नहीं जा सकता. मैं, रोहित और विराट लगभग एक दशक तक साथ खेले और उस दौरान किसी के लिए टीम में जगह बनाना आसान नहीं था. मौका देर से मिलने पर निराशा हो सकती है, लेकिन हिम्मत नहीं हारनी चाहिए. वैभव के पास इस उम्र में अपार प्रतिभा और उज्ज्वल भविष्य है.”