Rajkot robbery case: गुजरात के राजकोट में दिनदहाड़े 11 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, मामा से लिए गए 40 लाख रुपये लौटाने से बचने के लिए भांजे ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर लूट की झूठी कहानी रची थी. इतना ही नहीं, कथित वारदात के बाद पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 112 पर फोन कर बैग लूटे जाने की सूचना भी दी गई. हालांकि, पुलिस की पूछताछ में कहानी के कई पहलू संदिग्ध पाए गए और कथित साजिश का खुलासा हो गया. इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
मामा से लिए थे 40 लाख रुपये, लौटाने का था दबाव
पुलिस के अनुसार, हरदेव सिंह सजुभा झाला ने अपने भांजे धीरेंद्र सिंह वाघेला को वाहन खरीदने बेचने के कारोबार के लिए 40 लाख रुपये दिए थे. यह रकम जुटाने के लिए हरदेव सिंह ने अपने सोने के गहने गिरवी रखे थे. पिछले कुछ समय से वह भांजे से अपने पैसे वापस मांग रहे थे. पुलिस जांच में सामने आया कि धीरेंद्र सिंह पर रकम लौटाने का दबाव था और इसी से बचने के लिए उसने कथित तौर पर लूट की साजिश तैयार की.
11 लाख रुपये देने के बहाने मामा को बुलाया
पुलिस के मुताबिक, धीरेंद्र सिंह ने मामा को 11 लाख रुपये लौटाने का वादा किया और उन्हें अपने घर बुलाया. दोपहर में हरदेव सिंह रकम लेने पहुंचे तो धीरेंद्र सिंह लाल रंग का बैग लेकर उनकी बाइक पर पीछे बैठ गया. हरदेव सिंह को यह रकम मोटामावा में अपनी साली के घर ले जानी थी. दोनों नानामवा रोड से सागर चौक की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में कथित लूट की कहानी शुरू हुई.
बाइक को लात मारकर लूट का बनाया माहौल
पुलिस की जांच के मुताबिक, रास्ते में बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर सवार दो लोग पीछे से आए और हरदेव सिंह की बाइक पर लात मार दी. इसके बाद पीछे बैठे धीरेंद्र सिंह ने मामा से उन लोगों का पीछा करने को कहा. कुछ देर बाद ऐसा दिखाया गया, जैसे दोनों लोग मौके से भाग गए हों. इसके बाद धीरेंद्र सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 112 पर फोन कर 11 लाख रुपये से भरा बैग लूटे जाने की सूचना दी.
पूछताछ में जवाबों की विसंगतियों से खुला मामला
घटना की सूचना मिलने के बाद तालुका पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस के मुताबिक, धीरेंद्र सिंह के बयान और जवाबों में कई विसंगतियां सामने आईं. सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कथित लूट की साजिश रचने की बात कबूल कर ली. जांच में यह भी सामने आया कि योजना करीब एक सप्ताह पहले तैयार की गई थी. पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर बैग में बड़ी रकम होने का आभास पैदा किया गया और दोस्तों की मदद से लूट की कहानी बनाई गई.
दो दोस्तों के साथ मिलकर रची थी कथित साजिश
पुलिस के अनुसार, धीरेंद्र सिंह ने अपने परिचित ध्रुवराज सिंह गोहिल और भावेश खुवा को भी इस योजना में शामिल किया था. आरोप है कि तीनों ने मिलकर ऐसी स्थिति बनाई, जिससे मामला असली लूट जैसा लगे और हरदेव सिंह की रकम लौटाने की जिम्मेदारी से बचा जा सके. पुलिस ने धीरेंद्र सिंह वाघेला, ध्रुवराज सिंह गोहिल और भावेश खुवा के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने, कानून का दुरुपयोग करने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया है. पुलिस कांस्टेबल को शिकायतकर्ता बनाकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है.