Bihar firecracker accident: बिहार के सीवान जिले में पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट ने एक मकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. हादसा जामो थाना क्षेत्र के अलमापुर गांव में हुआ, जहां अमीरुद्दीन के मकान में पटाखा निर्माण का काम किया जा रहा था. विस्फोट के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. अब तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि मलबे में अन्य लोगों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है. घटना की जानकारी मिलने के बाद सीवान के जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.
पटाखा बनाते समय अचानक हुआ विस्फोट
जानकारी के मुताबिक, अलमापुर गांव में अमीरुद्दीन के मकान में पटाखा बनाने का काम हो रहा था. इसी दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हो गया. धमाका इतना तेज था कि मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. विस्फोट के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया.
मकान में सात लोगों के मौजूद होने की जानकारी
सीवान के एसपी भारत सोनी ने बताया कि स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, विस्फोट के समय मकान में कुल सात लोग मौजूद थे. अब तक चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं. अन्य लोगों की तलाश जारी है. प्रशासन की ओर से मलबे में फंसे लोगों को खोजने और बरामद शवों की पहचान करने पर ध्यान दिया जा रहा है. हादसे में प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति जांच पूरी होने के बाद और स्पष्ट हो सकेगी.
डीएम और एसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर लिया जायजा
हादसे की सूचना मिलने के बाद सीवान के जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी खुद घटनास्थल पर पहुंचे. डीएम ने बताया कि मकान में पटाखा बनाने की सूचना मिल रही थी और इसी मकान में विस्फोट हुआ है. प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं. घटनास्थल पर एफएसएल की टीम भी पहुंची है, जो विस्फोट से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है.
पटाखा निर्माण के लाइसेंस और दस्तावेजों की होगी जांच
एसपी भारत सोनी के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने मकान में पटाखा निर्माण के लिए लाइसेंस होने की बात कही है. हालांकि, इसकी पुष्टि दस्तावेजों की जांच के बाद ही हो सकेगी. मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी और लाइसेंस के साथ पटाखा निर्माण से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच होगी. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पटाखा निर्माण किस व्यवस्था के तहत किया जा रहा था और क्या सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था.
विस्फोट की वजह जानने में जुटी जांच टीम
फिलहाल, अलमापुर गांव में राहत एवं बचाव अभियान जारी है. जांच में विस्फोट की परिस्थितियों, मकान में पटाखा निर्माण की व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है. एफएसएल टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है. बरामद शवों की पहचान, मलबे में अन्य लोगों की तलाश और विस्फोट के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है. जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.