<
Categories: धर्म

50 साल पुरानी अनोखी परंपरा: रंगपंचमी से रंग तेरस तक लगता है बिल्लम बावजी का दरबार, शादी की मन्नत लेकर उमड़ती है कुंवारों की भीड़

Billam Bawji Temple: मध्यप्रदेश के नीमच जिले के जावद में स्थित बिल्लम बावजी को कुंवारों के देवता माना जाता है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मन्नत मांगने पर विवाह की बाधाएं दूर हो जाती हैं. हर साल होली के बाद रंगपंचमी से रंग तेरस तक बिल्लम बावजी का विशेष दरबार लगता है, जहां देशभर से कुंवारे युवक-युवतियां और उनके परिवार मन्नत मांगने आते हैं. मन्नत पूरी होने पर नवदंपती यहां आकर पान और नारियल चढ़ाकर धन्यवाद देते हैं. करीब 50-60 साल पहले मनोरंजन के रूप में शुरू हुई यह परंपरा आज लोगों की गहरी आस्था का केंद्र बन चुकी है.

Billam Bawji Temple: मध्यप्रदेश के नीमच जिले के जावद कस्बे में एक ऐसी अनोखी परंपरा देखने को मिलती है, जहां शादी की इच्छा लेकर देशभर से कुंवारे युवक-युवतियां मन्नत मांगने आते हैं. यहां विराजमान लोक देवता ‘बिल्लम बावजी’ को कुंवारों के देवता के रूप में माना जाता है. मान्यता है कि सच्चे मन से यहां मन्नत मांगने वालों की शादी की बाधाएं दूर हो जाती हैं. होली के बाद रंगपंचमी से लेकर रंग तेरस तक यहां विशेष दरबार लगता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.

हर साल होली के बाद रंगपंचमी के दिन बिल्लम बावजी की भव्य सवारी पूरे नगर में निकाली जाती है. इसके बाद उन्हें पारंपरिक स्थान भगवान गणेश मंदिर के बाहर स्थापित किया जाता है. रंगपंचमी से लेकर रंग तेरस तक यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. इस दौरान खासकर वे युवक-युवतियां यहां आते हैं जिनकी शादी किसी कारणवश नहीं हो पा रही होती. कई लोग परिवार के साथ आते हैं तो कुछ अकेले ही मन्नत मांगने पहुंचते हैं.

मन्नत पूरी होने पर नवदंपती करते हैं दर्शन

स्थानीय लोगों के अनुसार यहां मन्नत मांगने के बाद कई युवाओं की शादियां तय हो जाती हैं. इसलिए मन्नत पूरी होने पर नवविवाहित जोड़े यहां आकर माथा टेकते हैं और आभार प्रकट करते हैं. श्रद्धालु यहां पान और नारियल चढ़ाकर अपनी मन्नत पूरी होने की खुशी जताते हैं. हर साल ऐसे कई नवदंपती यहां पहुंचते हैं, जिससे इस परंपरा के प्रति लोगों का विश्वास और भी मजबूत होता जा रहा है.

कैसे शुरू हुई बिल्लम बावजी की परंपरा

बताया जाता है कि करीब 50-60 साल पहले जावद के बाजार में व्यापारियों ने रंगपंचमी के अवसर पर मनोरंजन के लिए प्रतीक स्वरूप एक पत्थर स्थापित किया था. उन व्यापारियों में से एक को बिल्लम सेठ के नाम से जाना जाता था. धीरे-धीरे लोगों ने उसी नाम से इस लोक देवता को “बिल्लम बावजी” कहना शुरू कर दिया. समय के साथ यह परंपरा मजबूत होती गई और हर साल पंचमी से रंग तेरस तक यहां पूजा और प्रसादी का आयोजन होने लगा.आज यह परंपरा आस्था का रूप ले चुकी है. अब केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से भी लोग अपने परिवार के कुंवारे सदस्यों की शादी की मन्नत लेकर यहां पहुंचते हैं. मन्नत पूरी होने पर पान और नारियल चढ़ाकर आभार व्यक्त करने की परंपरा भी निभाई जाती है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

Shivashakti narayan singh

मूल रूप से चन्दौली जनपद के निवासी शिवशक्ति नारायण सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. वर्तमान में वे इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. एस्ट्रो (ज्योतिष) और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा हेल्थ और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करते हैं.तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

Recent Posts

फर्जी हस्तांक्षर कांड पर ममता का तगड़ा एक्शन, विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा की TMC से हुई छुट्टी

TMC MLA Expelled: ममता बनर्जी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के संबंध में एक बड़ा कदम…

Last Updated: June 1, 2026 16:12:56 IST

IRCTC Tour Package: ₹20 हजार से भी सस्ते खर्च में आयोध्या-काशी-पुरी की यात्रा, रहना-खाना सब फ्री, बुकिंग भी आसान!

क्या आप भी काफी समय से अपने परिवार के साथ कहीं घूमने का सोच रहे…

Last Updated: June 1, 2026 14:54:38 IST

मां ने तीन बेटियों के साथ खाया जहर, तीन की मौके पर ही मौत, हैरान कर देगा मामला

मध्य प्रदेश के शहडोल में एक मां ने अपनी तीन बेटियों के साथ कीटनाशक का…

Last Updated: June 1, 2026 14:52:25 IST

ऊना जिला परिषद में भाजपा का प्रभुत्व, 17 में से 11 सीटें जीतकर मचाया धमाल, जानिए ताजा हाल

Himachal Pradesh News: ऊना जिला परिषद चुनाव में 17 में से 11 सीटें जीतकर भाजपा…

Last Updated: June 1, 2026 14:28:17 IST

गलत टाइम पर खाएंगे तो ‘अमृत’ भी बनेगा जहर! एक्सपर्ट से जानें कद्दू, अलसी और चिया सीड्स खाने का सही समय और तरीका

न्यूजीलैंड हार्ट फाउंडेशन के एक शोध से पता चलता है कि सप्ताह में 3-4 मुट्ठी…

Last Updated: June 1, 2026 14:55:54 IST