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Home > धर्म > सावन का आखिरी सोमवार, कुंभ, मीन और मेष राशि वाले करें ये उपाय; शनि की साढ़ेसाती में मिलेगा सहारा

सावन का आखिरी सोमवार, कुंभ, मीन और मेष राशि वाले करें ये उपाय; शनि की साढ़ेसाती में मिलेगा सहारा

Sawan Last Monday 2026: 24 अगस्त 2026 को सावन का आखिरी सोमवार है. कुंभ, मीन और मेष राशि वाले शिव पूजा, जलाभिषेक और दान कर शनि की साढ़ेसाती में मानसिक सहारा पा सकते हैं.

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Last Updated: August 23, 2026 15:43:08 IST

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Sawan Last Monday 2026: सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त 2026 को है. सावन का सोमवार भगवान शिव को समर्पित होता है. ज्योतिष के अनुसार इस समय कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव माना जाता है. ऐसे में इन तीनों राशियों के लिए सावन के आखिरी सोमवार को शिव पूजा और दान करना विशेष माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना और शनि से जुड़े उपाय करने से साढ़ेसाती के दौरान आने वाली परेशानियों से निपटने में मानसिक सहारा मिल सकता है.

कुंभ राशि वाले करें जलाभिषेक

कुंभ राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का मध्य चरण माना जाता है. इस दौरान काम का दबाव, जिम्मेदारियां और मानसिक तनाव बढ़ सकता है. ऐसे में सावन के आखिरी सोमवार को सुबह शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं. इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें. कुछ समय मंदिर में शांत बैठना भी अच्छा माना जाता है. इस दिन जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें.

मीन राशि वाले करें पूजा और दान

मीन राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण माना जाता है. इस दौरान काम में रुकावट या छोटी-छोटी परेशानियां सामने आ सकती हैं. सावन के आखिरी सोमवार को शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं. इसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल, कपड़े या अन्य जरूरी सामान दान कर सकते हैं. दान करते समय दिखावे से बचना चाहिए.

मेष राशि वाले विवाद से रहें दूर

मेष राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण माना जाता है. इस दौरान पुराने काम और जिम्मेदारियों का दबाव महसूस हो सकता है. सोमवार को शिव मंदिर जाकर जल चढ़ाएं और बेलपत्र अर्पित करें. कुछ देर शांत मन से भगवान शिव का ध्यान करें. जरूरतमंदों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है. साथ ही इस दिन बहस और विवाद से दूर रहना बेहतर रहेगा.

साढ़ेसाती में शिव पूजा क्यों?

ज्योतिष में शनि को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है. वहीं भगवान शिव की पूजा को शनि की कठिन परिस्थितियों में राहत देने वाली माना जाता है. सावन में शिव आराधना का महत्व और बढ़ जाता है. इसलिए साढ़ेसाती से गुजर रहे लोग इस दिन श्रद्धा से भगवान शिव की पूजा और जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं.

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Sawan Last Monday 2026: सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त 2026 को है. सावन का सोमवार भगवान शिव को समर्पित होता है. ज्योतिष के अनुसार इस समय कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव माना जाता है. ऐसे में इन तीनों राशियों के लिए सावन के आखिरी सोमवार को शिव पूजा और दान करना विशेष माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना और शनि से जुड़े उपाय करने से साढ़ेसाती के दौरान आने वाली परेशानियों से निपटने में मानसिक सहारा मिल सकता है.

कुंभ राशि वाले करें जलाभिषेक

कुंभ राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का मध्य चरण माना जाता है. इस दौरान काम का दबाव, जिम्मेदारियां और मानसिक तनाव बढ़ सकता है. ऐसे में सावन के आखिरी सोमवार को सुबह शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं. इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें. कुछ समय मंदिर में शांत बैठना भी अच्छा माना जाता है. इस दिन जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें.

मीन राशि वाले करें पूजा और दान

मीन राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण माना जाता है. इस दौरान काम में रुकावट या छोटी-छोटी परेशानियां सामने आ सकती हैं. सावन के आखिरी सोमवार को शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं. इसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल, कपड़े या अन्य जरूरी सामान दान कर सकते हैं. दान करते समय दिखावे से बचना चाहिए.

मेष राशि वाले विवाद से रहें दूर

मेष राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण माना जाता है. इस दौरान पुराने काम और जिम्मेदारियों का दबाव महसूस हो सकता है. सोमवार को शिव मंदिर जाकर जल चढ़ाएं और बेलपत्र अर्पित करें. कुछ देर शांत मन से भगवान शिव का ध्यान करें. जरूरतमंदों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है. साथ ही इस दिन बहस और विवाद से दूर रहना बेहतर रहेगा.

साढ़ेसाती में शिव पूजा क्यों?

ज्योतिष में शनि को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है. वहीं भगवान शिव की पूजा को शनि की कठिन परिस्थितियों में राहत देने वाली माना जाता है. सावन में शिव आराधना का महत्व और बढ़ जाता है. इसलिए साढ़ेसाती से गुजर रहे लोग इस दिन श्रद्धा से भगवान शिव की पूजा और जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं.

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