Faria Abdulla Video: तेलुगु एक्ट्रेस फारिया अब्दुल्ला एक धार्मिक विवाद के बाद भावुक हो गईं. हैदराबाद के बोनालू उत्सव में शामिल होने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया. कुछ यूजर्स ने उनके मुस्लिम बैकग्राउंड को लेकर सवाल उठाए और यहां तक कि उन्हें काफिर भी कहा. इसके बाद अभिनेत्री ने सोशल मीडिया वीडियो में अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके लिए धर्म से ज्यादा जरूरी प्यार, शांति और इंसानियत है.
बोनालू में शामिल हुईं फारिया
10 अगस्त को फारिया हैदराबाद के मिरालम मंडी स्थित श्री महांकालेश्वर अम्मावरी मंदिर में बोनालू सेलिब्रेशन में शामिल हुईं. पारंपरिक कपड़े पहनकर उन्होंने बोनम लिया और भक्तों के साथ उत्सव का हिस्सा बनीं. मंदिर में डप्पू की धुन पर उनका डांस भी कैमरे में कैद हुआ और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. जहां कई लोगों ने उनके इस अंदाज की तारीफ की, वहीं कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके धर्म को लेकर सवाल खड़े कर दिए. लोगों के एक वर्ग ने एक मुस्लिम बैकग्राउंड से आने वाली अभिनेत्री के हिंदू त्योहार में शामिल होने पर आपत्ति जताई.
मेरे पापा कन्वर्टेड मुस्लिम हैं – रोते हुए दिया जवाब
ट्रोलिंग से आहत फारिया ने इंस्टाग्राम वीडियो में अपनी परवरिश और परिवार के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि उनके पिता जन्म से हिंदू थे, लेकिन बाद में उन्होंने इस्लाम अपनाया. फारिया ने कहा कि उनके पिता ने अपनी पसंद और विश्वास के कारण इस्लाम स्वीकार किया था.
एक्ट्रेस ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार से अलग-अलग धार्मिक और आध्यात्मिक विचारों को समझना सीखा है. उनके मुताबिक, किसी दूसरे समुदाय की संस्कृति और परंपरा को सम्मान देना अपने धर्म को छोड़ना नहीं है. फारिया ने आलोचकों के लिए भी नफरत के बजाय प्यार का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि वह प्यार, एकता और शांति में विश्वास रखती हैं और उनसे नफरत करने वालों के लिए भी अच्छा चाहती हैं.
‘अल्लाह का मतलब रोशनी बताया था मां ने’
फारिया ने अपनी बचपन की एक याद भी साझा की. उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने अपनी मां से पूछा था कि अल्लाह शब्द का क्या मतलब है. उनकी मां ने जवाब दिया था कि इसका मतलब रोशनी है. इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें प्रकृति और दुनिया की खूबसूरती में भी आध्यात्मिकता दिखाई देती है. फारिया ने यह भी बताया कि वह मल्टीकल्चरल माहौल में पली-बढ़ी हैं और मंदिर समेत अलग-अलग धार्मिक स्थानों को हमेशा पवित्र मानती रही हैं. उन्होंने कहा कि पहली बार बोनालू का अनुभव करना उनके लिए अपनी संस्कृति से जुड़ने जैसा था.
क्या है बोनालू?
बोनालू तेलंगाना का प्रसिद्ध पारंपरिक हिंदू लोक उत्सव है, जो देवी महाकाली को समर्पित होता है. यह मुख्य रूप से हैदराबाद, सिकंदराबाद और तेलंगाना के अन्य हिस्सों में मनाया जाता है. फारिया के मुताबिक, इस उत्सव में शामिल होना उनके लिए धार्मिक विवाद नहीं, बल्कि उस संस्कृति का हिस्सा बनने का अनुभव था जिसमें वह बड़ी हुई हैं.