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KBC 18: अमिताभ को सिखाई GEN Z भाषा, फिर 25 लाख के सवाल पर फंसे आर्या; छोड़ना पड़ा गेम

KBC 18: कौन बनेगा करोड़पति के हालिया एपिसोड में हाल ही में आर्या साहनी पहुंचे, जिन्होंने अमिताभ के साथ काफी मस्ती की. इस एपिसोड में उन्होंने 12.5 लाख रुपये जीते. वो 25 लाख के सवाल पर अटके और गेम क्विट किया.

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Last Updated: September 26, 2026 13:03:39 IST

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KBC 18: कौन बनेगा करोड़पति 18 के गुरुवार वाले एपिसोड में मुंबई के MBBS फाइनल ईयर के स्टूडेंट आर्या साहनी हॉट सीट पर पहुंचे. आर्या ने शुरुआत से ही शानदार खेल दिखाया. उन्होंने 12.5 लाख रुपये तक के सभी सवालों का सही जवाब देकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. हालांकि जैसे-जैसे रकम बढ़ी, सवाल भी मुश्किल होते गए और 25 लाख रुपये के सवाल ने उन्हें ऐसा उलझाया कि उन्होंने गेम क्विट करने का फैसला कर लिया.

शो के दौरान आर्या ने अमिताभ बच्चन से भी ढेर सारी बातें कीं. इस दौरान उन्होंने Gen Z भाषा से भी अमिताभ बच्चन को खूब प्रभावित किया. उन्होंने अपने माता-पिता को होमीज यानी करीबी दोस्त बताया. इस दौरान उन्होंने अमिताभ को क्लॉक इट, सस और ग्वॉप जैसे शब्दों के मतलब बताए.

कैसा रहा शो?

बता दें कि आर्या के सामने आया कि नाजी जर्मनी से भागकर भारत आए किस आर्किटेक्ट ने 1940 के दशक में बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस की कुछ इमारतों को डिजाइन किया था? इसके लिए आर्या को चार ऑप्शन दिए गए थे. इनमें अल्बर्ट स्पीयर, ओटो कोनिग्सबर्गर, फ्रिट्ज शूमाकर और वाल्टर ग्रोपियस थे. आर्या ने 50:50 लाइफलाइन ली. इसके बाद स्क्रीन पर सिर्फ ओटो कोनिग्सबर्गर और फ्रिट्ज शूमाकर रह गए. हालांकि, दोनों में से सही नाम को लेकर आर्या का कन्फ्यूजन दूर नहीं हुआ. उन्होंने जोखिम लेने के बजाय गेम छोड़ने का फैसला लिया. उन्होंने फ्रिट्ज शूमाकर को अपना जवाब बताया लेकिन वो गलत था. इस सवाल का सही जवाब ओटो कोनिग्सबर्गर था.

कौन थे ओटो कोनिग्सबर्गर?

बता दें कि ओटो कोनिग्सबर्गर का जन्म बर्लिन में एक यहूदी परिवार में हुआ था. वह 1930 के दशक में भारत आए और 1939 में उन्हें मैसूर राज्य का मुख्य आर्किटेक्ट और प्लानर बनाया गया. IISc के अलावा उन्होंने भारत में कई महत्वपूर्ण इमारतों और संस्थानों के डिजाइन पर काम किया. उन्होंने मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च और बेंगलुरु की कुछ प्रमुख इमारतों के डिजाइन में भी योगदान दिया. 1950 में वह भारतीय नागरिक बने लेकिन अगले साल इंग्लैंड चले गए.

ये भी पढ़ें: KBC 18: जब KBC में राजकुमार राव बने ‘विजय’, बिग बी के सामने किया ‘दीवार’ का सीन, देखकर अमिताभ ने कहा ये

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KBC 18: कौन बनेगा करोड़पति 18 के गुरुवार वाले एपिसोड में मुंबई के MBBS फाइनल ईयर के स्टूडेंट आर्या साहनी हॉट सीट पर पहुंचे. आर्या ने शुरुआत से ही शानदार खेल दिखाया. उन्होंने 12.5 लाख रुपये तक के सभी सवालों का सही जवाब देकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. हालांकि जैसे-जैसे रकम बढ़ी, सवाल भी मुश्किल होते गए और 25 लाख रुपये के सवाल ने उन्हें ऐसा उलझाया कि उन्होंने गेम क्विट करने का फैसला कर लिया.

शो के दौरान आर्या ने अमिताभ बच्चन से भी ढेर सारी बातें कीं. इस दौरान उन्होंने Gen Z भाषा से भी अमिताभ बच्चन को खूब प्रभावित किया. उन्होंने अपने माता-पिता को होमीज यानी करीबी दोस्त बताया. इस दौरान उन्होंने अमिताभ को क्लॉक इट, सस और ग्वॉप जैसे शब्दों के मतलब बताए.

कैसा रहा शो?

बता दें कि आर्या के सामने आया कि नाजी जर्मनी से भागकर भारत आए किस आर्किटेक्ट ने 1940 के दशक में बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस की कुछ इमारतों को डिजाइन किया था? इसके लिए आर्या को चार ऑप्शन दिए गए थे. इनमें अल्बर्ट स्पीयर, ओटो कोनिग्सबर्गर, फ्रिट्ज शूमाकर और वाल्टर ग्रोपियस थे. आर्या ने 50:50 लाइफलाइन ली. इसके बाद स्क्रीन पर सिर्फ ओटो कोनिग्सबर्गर और फ्रिट्ज शूमाकर रह गए. हालांकि, दोनों में से सही नाम को लेकर आर्या का कन्फ्यूजन दूर नहीं हुआ. उन्होंने जोखिम लेने के बजाय गेम छोड़ने का फैसला लिया. उन्होंने फ्रिट्ज शूमाकर को अपना जवाब बताया लेकिन वो गलत था. इस सवाल का सही जवाब ओटो कोनिग्सबर्गर था.

कौन थे ओटो कोनिग्सबर्गर?

बता दें कि ओटो कोनिग्सबर्गर का जन्म बर्लिन में एक यहूदी परिवार में हुआ था. वह 1930 के दशक में भारत आए और 1939 में उन्हें मैसूर राज्य का मुख्य आर्किटेक्ट और प्लानर बनाया गया. IISc के अलावा उन्होंने भारत में कई महत्वपूर्ण इमारतों और संस्थानों के डिजाइन पर काम किया. उन्होंने मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च और बेंगलुरु की कुछ प्रमुख इमारतों के डिजाइन में भी योगदान दिया. 1950 में वह भारतीय नागरिक बने लेकिन अगले साल इंग्लैंड चले गए.

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