Mumtaz on Hinduism: अपने समय की मशहुर अभिनेत्री 'मुमताज' ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया की ‘हिंदू एक ही शादी करते हैं’और ज्यादातर लोग एक ही शादी को निभाने की कोशिश भी करते हैं.
हिंदू एक ही शादी करते हैं’- मुस्लिम होकर भी शिव-कृष्ण की पूजा करने वाली इस एक्ट्रेस का बयान चर्चा में
Mumtaz on Hinduism: 70 के दशक की लोकप्रिय अभिनेत्री ‘मुमताज’ ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अपने विश्वास, परिवार और शादी से जुड़ी कई निजी बातें शेयर कीं. उन्होंने बताया कि भले ही उनका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ हो, लेकिन बचपन से ही उन्हें हिंदू देवी-देवताओं के प्रति खास श्रद्धा महसूस होती रही है. खास तौर पर भगवान शिव और भगवान कृष्ण को वह बेहद मानती हैं.
मुमताज के अनुसार, उनके घर में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित है और जब भी वह घर की सीढ़ियों से नीचे आती हैं तो सबसे पहले गणेश जी को प्रणाम करती हैं. यह उनके लिए एक तरह की दैनिक आदत बन चुकी है. उन्होंने यह भी बताया कि भगवान शिव की छवि उन्हें हमेशा से आकर्षित करती रही है, इसलिए उनकी पूजा करना उन्हें सुकून देता है.
बातचीत के दौरान मुमताज ने अपने वैवाहिक जीवन का भी जिक्र किया. उन्होंने बिजनेसमैन ‘मयूर माधवानी’ से विवाह किया था. शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और अपना पूरा ध्यान परिवार पर केंद्रित कर दिया.उनका कहना है कि उन्होंने और उनकी बहन दोनों ने हिंदू पुरुषों से शादी की है और वे अपने वैवाहिक जीवन में संतुष्ट हैं. मुमताज का मानना है कि किसी रिश्ते की मजबूती धर्म से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और समझ से तय होती है. अगर पति-पत्नी एक-दूसरे की भावनाओं को समझें, तो अलग-अलग धर्म भी रिश्ते में रुकावट नहीं बनते.
इंटरव्यू में मुमताज ने मुस्लिम समाज में कुछ पुरुषों द्वारा एक से ज्यादा शादियां करने की परंपरा पर भी अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि उन्हें यह तरीका सही नहीं लगता. उनके मुताबिक एक रिश्ते में रहते हुए बार-बार शादी करना न सिर्फ रिश्तों को कमजोर करता है बल्कि इससे महिलाओं को भी मानसिक तकलीफ होती है.उनका कहना है कि हर महिला अपने जीवनसाथी से सम्मान और स्थिरता की उम्मीद करती है. ऐसे में अगर कोई पुरुष बार-बार शादी करे तो इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है.
हिंदू विवाह परंपरा को बताया ज्यादा बेहतर
मुमताज ने यह भी कहा कि इस मामले में उन्हें हिंदू विवाह व्यवस्था अधिक संतुलित लगती है, क्योंकि ज्यादातर लोग एक ही शादी को निभाने की कोशिश करते हैं. उनके अनुसार किसी भी रिश्ते की असली परीक्षा उसे निभाने में होती है, न कि बार-बार नया रिश्ता बनाने में.
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