KBC Mayuri School Dholpur: धौलपुर के डॉ. आरएस गर्ग और उनकी पत्नी मधु गर्ग की कहानी इन दिनों चर्चा में है. बेटी मयूरी के जन्म के बाद परिवार को पता चला कि वह विशेष योग्यजन है. बेटी के भविष्य को लेकर चिंता जरूर हुई, लेकिन दंपती ने इसे उसकी कमजोरी मानने के बजाय उसकी जरूरतों को समझने का फैसला किया. इसी सोच ने आगे चलकर एक ऐसी पहल को जन्म दिया, जिसने सैकड़ों विशेष बच्चों की जिंदगी बदलने का काम किया.
बेटी के इलाज से शुरू हुई नई सोच
मयूरी के इलाज के लिए गर्ग दंपती उसे हैदराबाद लेकर गए. इलाज और प्रशिक्षण पर काफी खर्च हुआ. इसी दौरान उनके मन में विचार आया कि अगर उनकी बेटी को शिक्षा और प्रशिक्षण की जरूरत है, तो ऐसे कई दूसरे बच्चों को भी इसकी जरूरत होगी. इसके बाद बेटी मयूरी के नाम पर मयूरी विशेष योग्यजन स्कूल की शुरुआत की गई.
KBC में दिखाई गई कहानी
गुरुवार, 17 सितंबर को कौन बनेगा करोड़पति के एपिसोड में मयूरी स्कूल और गर्ग दंपती की पहल की कहानी दिखाई गई. इसके लिए डॉ. आरएस गर्ग और मधु गर्ग 7 सितंबर को मुंबई गए थे. शो में करीब पांच मिनट तक स्कूल के सफर और उनके संघर्ष की कहानी दिखाई गई. इस दौरान अमिताभ बच्चन ने दंपती की पहल को सम्मानित भी किया.
आज 400 बच्चों तक पहुंची पहल
मधु गर्ग के मुताबिक, स्कूल में जब कोई बच्चा कुछ नया सीखकर अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश करता है, तो उन्हें उसमें अपनी बेटी मयूरी की झलक दिखाई देती है. आज मयूरी करीब 40-42 वर्ष की हैं और स्कूल में दूसरे बच्चों के प्रशिक्षण में भी सहयोग करती हैं. बेटी के नाम से शुरू हुई यह पहल अब करीब 400 विशेष योग्यजन बच्चों तक पहुंच चुकी है. फिलहाल स्कूल में 62 बच्चे आवासित हैं, जिन्हें निशुल्क थेरेपी, शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जा रहा है. मकसद बच्चों को रोजमर्रा के काम सीखाकर उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाना है.
माता-पिता से खास अपील
डॉ. गर्ग ने ऐसे बच्चों के माता-पिता से उन्हें विशेष रूप से प्रशिक्षित कराने की अपील की है. उनका कहना है कि उचित शिक्षा, थेरेपी और प्रशिक्षण से बच्चे नहाने, पढ़ने-लिखने और घर में अकेले रहने जैसे रोजमर्रा के काम सीख सकते हैं. उन्हें कमजोर समझने के बजाय उनकी विशेष क्षमताओं को पहचानना जरूरी है.