Mohammad Rafi Evergreen Song: कुछ गाने सिर्फ सुने नहीं जाते बल्कि महसूस किए जाते हैं. उनकी धुन कानों तक पहुंचते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और पुराने प्यार की कोई खूबसूरत याद आंखों के सामने तैरने लगती है. ऐसा ही एक सदाबहार गाना है ‘बार बार देखो, हजार बार देखो’. करीब 64 साल पहले आए इस गाने में प्यार भी है, शरारत भी और अपनी प्रेमिका की खूबसूरती पर फिदा एक आशिक का अंदाज भी.
रफी की आवाज, मजरूह सुल्तानपुरी के बोल
इस गाने को अपनी खूबसूरत आवाज दी थी मोहम्मद रफी ने जबकि इसके बोल मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे. मजरूह ने प्रेमिका की खूबसूरती को जिस अंदाज में शब्दों में पिरोया, वह आज भी दिल को छू जाता है. गाना सुनकर ऐसा लगता है जैसे कोई प्रेमी अपनी दिलरुबा को सामने देखकर उसकी तारीफ किए जा रहा हो और उसकी बातें सुनकर प्रेमिका बस हल्के से मुस्कुरा रही हो. इस गाने की धुन मशहूर संगीतकार रवि ने तैयार की थी. रफी की आवाज, मजरूह के चुलबुले बोल और रवि की सुरीली धुन का ऐसा मेल बना कि यह गाना देखते ही देखते लोगों की जुबान पर चढ़ गया.
फिल्म से ज्यादा मशहूर हुआ गाना
इस गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई दशक गुजरने के बाद भी इसकी चमक कम नहीं हुई. टीवी विज्ञापनों से लेकर रियलिटी शोज तक में इसकी धुन और बोल सुनाई देते रहे हैं. इसकी पहली लाइन सुनते ही अक्सर लोगों को आगे के बोल याद आ जाते हैं.
कैटरीना की फिल्म का भी रखा गया नाम
खास बात यह भी है कि इसी मशहूर गाने से प्रेरित होकर कटरीना कैफ और सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘बार बार देखो’ का नाम रखा गया था. 64 साल बाद भी यह गाना सुनकर अगर दिल में हल्की-सी खुशी और चेहरे पर मुस्कान आ जाए, तो यही इसकी असली खूबसूरती है. प्यार जताने का अंदाज बदल सकता है लेकिन रफी साहब की आवाज में बसा यह रोमांस आज भी उतना ही ताजा लगता है.
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