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CISF Camp Firing: कठुआ में CISF कैंप में जवान पर चलाई गोलियां, असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 की मौत

CISF Camp Firing: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली इलाके में CISF कैंप में मंगलवार शाम एक हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर अपने ही साथियों पर फायरिंग कर दी. इस घटना में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे समेत चार CISF जवानों की मौत हो गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जवानों के बीच बहस के बाद गोलीबारी हुई, लेकिन घटना की सही वजह अभी स्पष्ट नहीं है. आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है और CISF ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है.

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Last Updated: September 29, 2026 22:59:25 IST

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CISF Camp Firing: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली इलाके में CISF कैंप में मंगलवार शाम हुई फायरिंग से हड़कंप मच गया. एक CISF हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर अपने ही साथियों पर सर्विस राइफल से गोली चला दी. इस घटना में चार जवानों की मौत हो गई. मृतकों में एक असिस्टेंट कमांडेंट रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. घटना के बाद आरोपी हेड कांस्टेबल को पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया. मामले की जांच की जा रही है.

बहस के बाद अचानक चली गोलियां

अधिकारियों के मुताबिक, CISF जवानों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी. इसके बाद 2009 बैच के हेड कांस्टेबल अब्देश कुमार सिंह ने कथित तौर पर अपने साथियों पर फायरिंग कर दी. शुरुआती तौर पर इस घटना को फ्रैट्रिसाइड यानी बल के भीतर आपसी गोलीबारी की घटना के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, बहस की असली वजह क्या थी और गोलीबारी तक मामला कैसे पहुंचा, इसकी जांच जारी है.

चार जवानों की हुई मौत

फायरिंग में घायल चारों CISF कर्मियों को गंभीर हालत में इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के नजदीकी एनएचपीसी अस्पताल ले जाया गया. बाद में चारों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट और कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है.

सर्विस राइफल जब्त, आरोपी पुलिस हिरासत में

रिपोर्टों के मुताबिक, फायरिंग के बाद आरोपी हेड कांस्टेबल को उसके साथियों ने काबू कर लिया. इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया. उसकी सर्विस राइफल भी जांच के तहत जब्त कर ली गई है. अब पुलिस और CISF यह पता लगाने में जुटे हैं कि घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और बहस के बाद फायरिंग की नौबत क्यों आई. घटना के बाद CISF ने मामले की आंतरिक जांच शुरू की है. अधिकारियों की निगरानी में पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है. गोलीबारी के पीछे की वजह, ड्यूटी के दौरान हुई बहस और घटना से पहले की परिस्थितियों को जांच का हिस्सा बनाया गया है. अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.

हिमाचल सीमा के करीब है इलाका

यह घटना कठुआ जिले के बसोहली क्षेत्र में माश्का गांव स्थित हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में हुई. यह इलाका जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की सीमा के करीब है. रिपोर्टों के अनुसार, घटनास्थल भौगोलिक रूप से दुर्गम क्षेत्र में है और नजदीकी चिकित्सा सुविधा के लिए घायल जवानों को हिमाचल प्रदेश के अस्पताल ले जाया गया.

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CISF Camp Firing: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली इलाके में CISF कैंप में मंगलवार शाम हुई फायरिंग से हड़कंप मच गया. एक CISF हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर अपने ही साथियों पर सर्विस राइफल से गोली चला दी. इस घटना में चार जवानों की मौत हो गई. मृतकों में एक असिस्टेंट कमांडेंट रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. घटना के बाद आरोपी हेड कांस्टेबल को पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया. मामले की जांच की जा रही है.

बहस के बाद अचानक चली गोलियां

अधिकारियों के मुताबिक, CISF जवानों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी. इसके बाद 2009 बैच के हेड कांस्टेबल अब्देश कुमार सिंह ने कथित तौर पर अपने साथियों पर फायरिंग कर दी. शुरुआती तौर पर इस घटना को फ्रैट्रिसाइड यानी बल के भीतर आपसी गोलीबारी की घटना के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, बहस की असली वजह क्या थी और गोलीबारी तक मामला कैसे पहुंचा, इसकी जांच जारी है.

चार जवानों की हुई मौत

फायरिंग में घायल चारों CISF कर्मियों को गंभीर हालत में इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के नजदीकी एनएचपीसी अस्पताल ले जाया गया. बाद में चारों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट और कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है.

सर्विस राइफल जब्त, आरोपी पुलिस हिरासत में

रिपोर्टों के मुताबिक, फायरिंग के बाद आरोपी हेड कांस्टेबल को उसके साथियों ने काबू कर लिया. इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया. उसकी सर्विस राइफल भी जांच के तहत जब्त कर ली गई है. अब पुलिस और CISF यह पता लगाने में जुटे हैं कि घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और बहस के बाद फायरिंग की नौबत क्यों आई. घटना के बाद CISF ने मामले की आंतरिक जांच शुरू की है. अधिकारियों की निगरानी में पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है. गोलीबारी के पीछे की वजह, ड्यूटी के दौरान हुई बहस और घटना से पहले की परिस्थितियों को जांच का हिस्सा बनाया गया है. अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.

हिमाचल सीमा के करीब है इलाका

यह घटना कठुआ जिले के बसोहली क्षेत्र में माश्का गांव स्थित हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में हुई. यह इलाका जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की सीमा के करीब है. रिपोर्टों के अनुसार, घटनास्थल भौगोलिक रूप से दुर्गम क्षेत्र में है और नजदीकी चिकित्सा सुविधा के लिए घायल जवानों को हिमाचल प्रदेश के अस्पताल ले जाया गया.

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