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Pune Murder Case: जिसका नाम सीने पर गुदवाकर देना चाहता था सरप्राइज, उसी ने उतार दिया मौत के घाट

Pune Murder Case: 18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले से नीचे धकेलकर केतन अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी. इससे पहले सिया का जन्मदिन था और उसे सरप्राइज देने के लिए केतन ने सिया का नाम भी गुदवाया था.

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Last Updated: September 29, 2026 20:49:15 IST

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Pune Murder Case: 18 जून को पुणे में केतन अग्रवाल की हत्या कर दी गई. केतन को उसकी मंगेतर सिया अग्रवाल ने मारा. हालांकि केतन अग्रवाल ने अपनी मंगेतर सिया गोयल के जन्मदिन के लिए पार्टी के अलावा और भी कई सरप्राइज़ प्लान किए थे. पुणे के इस प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की जांच में पता चला है कि उसने अपनी पीठ पर सिया का नाम गुदवाया यानी टैटू बनवाया था. सूत्रों की मानें, तो केतन ने यह टैटू 19 जून को सिया के आने वाले जन्मदिन के लिए एक सरप्राइज़ गिफ़्ट के तौर पर बनवाया था.

तीन आरोपी गिरफ्तार

18 जून को केतन अग्रवाल लोहागढ़ किले से नीचे गिर गए थे. पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, उनकी मौत सिया, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और उनके दोस्त रितेश हिंगे द्वारा की गई एक सोची-समझी हत्या का नतीजा थी. इस मामले में पुलिस ने सिया, चेतन और हिंगे को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

चार्जशीट में खुलासा

पुणे ग्रामीण पुलिस ने अपनी 5,053 पन्नों की चार्जशीट में आरोप लगाया है. बताया गया है कि चेतन चौधरी ने लोहागढ़ किले के पश्चिमी हिस्से में खाई के पास केतन को पीछे से धक्का दिया. उसी समय, सिया गोयल ने केतन के पैर पर ज़ोर से लात मारी, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में गिर गए.

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, केतन और सिया 18 जून को सुबह करीब 9 बजे लोहागढ़ किले पहुंचे, जहां चेतन अग्रवाल पहले से ही भेष बदलकर इंतज़ार कर रहा था. पुलिस का आरोप है कि किले में पहुँचने के बाद, सिया ने टिकट काउंटर पर चेतन को इशारा किया और उसने योजना के अनुसार काम करना शुरू कर दिया. पुलिस का आरोप है कि किले में पहुंचने के बाद, सिया केतन को पश्चिमी तरफ घेरेवाड़ी गांव की दिशा में खाई के पास ले गई. इसके बाद, चेतन ने केतन को धक्का दिया और उसी समय सिया ने उसे लात मारी.

गवाह को धमकाया गया

सूत्रों का कहना है कि जब सिया और चेतन केतन की हत्या कर रहे थे, तो एक अजनबी व्यक्ति इस पूरी घटना का गवाह बना. हालांकि, उस चश्मदीद गवाह को भी केतन जैसा ही हश्र करने की धमकी दी गई थी. डरा हुआ गवाह चुप रहा लेकिन, जब घटना की खबरें आने लगीं, तो उसने पुलिस से संपर्क किया और अपना बयान दर्ज कराया. आंखों देखे गवाह का आरोप है कि चेतन ने उनसे कहा, ‘चुप रहो, वरना मैं तुम्हें भी किले से नीचे फेंक दूंगा.’ पुलिस अब इस मामले में मिले बयानों और अन्य सबूतों की दोबारा जांच कर रही है.

ये भी पढ़ें: 18 साल से कम उम्र के बच्चे नहीं चला सकेंगे सोशल मीडिया, केंद्र सरकार करेगी बदलाव

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Pune Murder Case: 18 जून को पुणे में केतन अग्रवाल की हत्या कर दी गई. केतन को उसकी मंगेतर सिया अग्रवाल ने मारा. हालांकि केतन अग्रवाल ने अपनी मंगेतर सिया गोयल के जन्मदिन के लिए पार्टी के अलावा और भी कई सरप्राइज़ प्लान किए थे. पुणे के इस प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की जांच में पता चला है कि उसने अपनी पीठ पर सिया का नाम गुदवाया यानी टैटू बनवाया था. सूत्रों की मानें, तो केतन ने यह टैटू 19 जून को सिया के आने वाले जन्मदिन के लिए एक सरप्राइज़ गिफ़्ट के तौर पर बनवाया था.

तीन आरोपी गिरफ्तार

18 जून को केतन अग्रवाल लोहागढ़ किले से नीचे गिर गए थे. पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, उनकी मौत सिया, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और उनके दोस्त रितेश हिंगे द्वारा की गई एक सोची-समझी हत्या का नतीजा थी. इस मामले में पुलिस ने सिया, चेतन और हिंगे को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

चार्जशीट में खुलासा

पुणे ग्रामीण पुलिस ने अपनी 5,053 पन्नों की चार्जशीट में आरोप लगाया है. बताया गया है कि चेतन चौधरी ने लोहागढ़ किले के पश्चिमी हिस्से में खाई के पास केतन को पीछे से धक्का दिया. उसी समय, सिया गोयल ने केतन के पैर पर ज़ोर से लात मारी, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में गिर गए.

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, केतन और सिया 18 जून को सुबह करीब 9 बजे लोहागढ़ किले पहुंचे, जहां चेतन अग्रवाल पहले से ही भेष बदलकर इंतज़ार कर रहा था. पुलिस का आरोप है कि किले में पहुँचने के बाद, सिया ने टिकट काउंटर पर चेतन को इशारा किया और उसने योजना के अनुसार काम करना शुरू कर दिया. पुलिस का आरोप है कि किले में पहुंचने के बाद, सिया केतन को पश्चिमी तरफ घेरेवाड़ी गांव की दिशा में खाई के पास ले गई. इसके बाद, चेतन ने केतन को धक्का दिया और उसी समय सिया ने उसे लात मारी.

गवाह को धमकाया गया

सूत्रों का कहना है कि जब सिया और चेतन केतन की हत्या कर रहे थे, तो एक अजनबी व्यक्ति इस पूरी घटना का गवाह बना. हालांकि, उस चश्मदीद गवाह को भी केतन जैसा ही हश्र करने की धमकी दी गई थी. डरा हुआ गवाह चुप रहा लेकिन, जब घटना की खबरें आने लगीं, तो उसने पुलिस से संपर्क किया और अपना बयान दर्ज कराया. आंखों देखे गवाह का आरोप है कि चेतन ने उनसे कहा, ‘चुप रहो, वरना मैं तुम्हें भी किले से नीचे फेंक दूंगा.’ पुलिस अब इस मामले में मिले बयानों और अन्य सबूतों की दोबारा जांच कर रही है.

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