Neena Gupta On Marriage: ऐसी महिलाओं को शादी के लायक नहीं मानते मर्द.. बॉलीवुड इंडस्ट्री की बेबाक एक्ट्रेस नीना गुप्ता एक बार फिर अपने इस बोल्ड बयान को लेकर चर्चा में आई हैं. एक्ट्रेस का कहना है कि मजबूत और सेल्फ इंडिपेंडेंट महिलाओं को आज भी शादी के लायक नहीं माना जाता. अपनी टूटी सगाई पर भी को लेकर भी की बात
Neena Gupta On Marriage
Neena Gupta On Marriage: बॉलीवुड एक्ट्रेस नीना गुप्ता इंडस्ट्री की बेहद बेबाक एक्ट्रेस में से एक हैं. 66 साल की उम्र में भी एक्ट्रेस अपने स्टाइल और बोल्ड अंदाज से सभी को हैरान कर देती हैं नीना गुप्ता हमेशा से ही अपने करियर और निजी जिंदगी को लेकर खुलकर बात करती आई हैं. 80 के दशक में बिना शादी के मां बनने का उनका फैसला आज भी लोगों को हैरान कर देता है, क्योंकि यह उस दौरान में बड़ी बात थी, जहं बिन बिहाई मां बनना गंदा माना जाता था और चरित्र पर लाखों सावल उठाए जाते हैं, ऐसे में नीना गुप्ता का ऐसा फैसला मिसाल कायम करता है. इसलिए वो इंडस्ट्री की खुले ख्यालात वाली कॉन्फिडेंट महिला मानी जाती है.
हाल ही में फिर से नीना गुप्ता ने फीमेल और पुरुषों की सोच पर खुलकर अपनी राय रखी है. जिसकी वजह से वो एक बार फिर से चर्चा में आ गई है. नीना गुप्ता ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए इंटरव्यू में शादी और जेंडर डायनेमिक्स पर बड़ा बयान दिया. एक्ट्रेस का कहना है कि पुरुष स्ट्रॉन्ग और इंडिपेंडेंट महिलाओं से दूरी बनाते हैं. नीना गुप्ता का कहना है कि पुरुष द्वारा मजबूत औरत को शादी के लायक नहीं समझा जाता है, इसलिए ज्यादातर पुरुष ऐसी महिलाओं को पसंद नहीं करते. पुरुष को ऐसी महिलाए पसंद आती हैं, जो बेबस हो और वो उन पर निर्भर रहे. नीना गुप्ता ने इंटर्व्यू में आगे कहां- जो महिलाएं अपने विचार खुलकर रखती हैं, काम करती हैं और अपने करियर के लेकर गंभीर होती हैं. उनके साथ पुरुष रहना पसंद नहीं करते और कंफर्टेबल नहीं होते हैं. हालांकि नीना ने यह भी किया कि वो सबके बारे में बात नहीं कर रही हैं, लेकिन अधिकांश मर्दों की ऐसी ही मानसिकता देखी गई है.
इसी इंटव्यू में नीना गुप्ता ने अपनी निजी जिंदगीसे जुड़ा एक दर्दनाक किस्सा भी बताया उन्होंने कहा कि वो एक बार सगाई कर चुकी थीं और शादी तक भी बात पहुंची थी. दिल्ली से कपड़े और गहने तक खरीदे जा चुके थे. लेकिन आखिरी मौके पर उस शख्स ने फोन करके शादी को टालने की बात कही. वजह बताई साइनस ऑपरेशन. एक्ट्रेस ने बताया कि आज तक उन्हें अपनी शादी के टूटने की वजह नहीं पता चली. नीना ने बताया- लेकिन जब छह महीने बाद जब वो ही इंसान जब दोबारा शादी का प्रपोजल लेकर आया, तो मैने साफ मना कर दिया.
स्ट्रॉन्ग और इंडिपेंडेंट महिलाओं से दूरी बनाते हैं पुरुष…नीना गुप्ता का यह बयान बड़ा सवाल खड़ा करता है आखिर रिश्तों में महिलाओं की आजादी और आत्मनिर्भरता मर्दों में डर क्यों पैदा करती है? सार्वजनिक जीवन में भले ही बदलाव आएहो, लेकिन निजी रिश्तों में सभी को आज्ञाकारी और समझौता करने वाली महिलाओं को ही ज्यादा अच्छा क्यों माना जाता है. ऐसे में कई महिलाएं खुद के कुछ हिस्सों को दबा देती हैं, ताकि उन्हें अच्छा समझा जाए और वे रिश्ते में स्वीकार हो. इस बारे में बात करते हुए काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट अथुल राज बताते हैं कि भारत में रिश्ते आज भी बराबरी की बजाय एक तरह की हायरार्की पर टिके हैं. क्योंकि कई लोगों का मानना होता है कि एक “मजबूत” महिला असहजता पैदा करती है, क्योंकि वो खुद सभी फैसले लेने में समर्थ होती, यह उस अनकही उम्मीद को तोड़ती है, जिसमें माना जाता है कि औरत अपने आप ही एडजस्ट ककर लेगी.
काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट अथुल राज का कहना है कि लोग महिलाओं के इस असहजता भरे स्वभाव को कमी बताकर पेश करते है जैसे ज़िद्दी, हुक्म चलाने वाली या शादी के लिए अनुपयुक्त नहीं है कहते है. मकसद होता है पुरुष की केंद्रीय भूमिका बनी रहे और बदलाव का बोझ महिलाओं चुपचाप सहे. काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट अथुल राज का मानना है कि यह सोच बचपन की परवरिश से भी आती है. लड़के बड़े होते हुए देखते हैं कि कैसे उनके घर की महिलाएं और बाकी स्त्रीयां भावनात्मक दबाव सह रही हैं और सभी फैसले पुरुष लेते हैं. ऐसे माहौल में बड़े होने वाले कई पुरुष जैसा देखते हैं, वैसा ही सीखते है.
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