Struggle story : ग्लोबल सुपरस्टार प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर को याद किया है. उन्होंने बताया कि कैसे भारत में एक बड़ी फिल्म स्टार होने के बावजूद, 30 साल की उम्र में हॉलीवुड में जाकर दोबारा पहचान बनाना उनके लिए किसी बड़े डर से कम नहीं था. प्रियंका के इस खुलासे ने उनके प्रशंसकों को हैरान कर दिया है कि उन्होंने सफलता के शिखर पर रहते हुए इतना बड़ा जोखिम कैसे लिया.
सफलता को छोड़कर लिया बड़ा जोखिम
प्रियंका चोपड़ा जब साल 2015 के आसपास हॉलीवुड गई, तब वे बॉलीवुड की सबसे महंगी और सफल एक्ट्रेस में से एक थी. उनकी 'मैरी कॉम' और 'बाजीराव मस्तानी' जैसी फिल्में सुपरहिट हो चुकी थी. प्रियंका ने बताया कि वे आर्थिक रूप से बहुत मजबूत थी, लेकिन उन्होंने अपने बने-बनाए करियर को दांव पर लगाकर विदेश में नई शुरुआत करने का कठिन रास्ता चुना.
हॉलीवुड में झेले कड़वे अनुभव
प्रियंका के लिए अमेरिका में काम ढूंढना आसान नहीं था. उन्हें वहां रंग-भेद और कई गलत धारणाओं का सामना करना पड़ा. उन्होंने याद किया कि मीटिंग्स के दौरान लोग उनकी अंग्रेजी सुनकर हैरान हो जाते थे और अजीब सवाल पूछते थे. प्रियंका ने तय किया था कि वे वहां केवल 'साइड रोल' के लिए नहीं, बल्कि अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाने के लिए गई है.
मेहनत रंग लाई और बनीं ग्लोबल स्टार
शुरुआत में संघर्ष करने के बाद प्रियंका को 'क्वांटिको' जैसा बड़ा टीवी शो मिला, जिसने उन्हें पूरी दुनिया में मशहूर कर दिया. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 'सिटाडेल' व 'द मैट्रिक्स' जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों और सीरीज में मुख्य भूमिकाएं निभाई. आज वे हॉलीवुड की ए-लिस्ट एक्ट्रेस में गिनी जाती है.
सालों बाद बॉलीवुड में धमाकेदार वापसी
भारतीय फैंस के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि प्रियंका अब वापस अपनी जड़ों की ओर लौट रही है. वे दिग्गज निर्देशक एस.एस. राजामौली की अगली फिल्म 'वाराणसी' में मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी. इस फिल्म में उनके साथ साउथ के सुपरस्टार महेश बाबू भी होंगे. यह फिल्म अप्रैल 2027 में बड़े पर्दे पर आएगी, जिसका इंतजार अभी से शुरू हो गया है.