Raj Kapoor Red Light Area Story: राज कपूर आज भी हर किसी के दिल में राज करते हैं. उनकी हिट फिल्मों से लेकर उनके गाने तक आज भी लोगों की फेवरेट लिस्ट में शामिल हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी जिंदगी सवारने में किसका हाथ था और वो किन-किन मुश्किलों का सामना कर के इंडस्ट्री में पहुंचे हैं? चलिए जान लेते हैं. दिवंगत केदार शर्मा को गीता बाली, मधुबाला, भारत भूषण और कई अन्य सीताओं के करियर को शुरू करने का श्रेय दिया जाता है. वहीं उनमे से एक युवा राज कपूर भी शामिल थे. केदार शर्मा ने राज कपूर को एक स्टार के तौर पर साइन करने से पहले, उनके दोस्त पृथ्वीराज कपूर ने उन्हें उस युवा स्टार की ज़िंदगी को सुधारने की जिम्मेदारी सौंपी थी. इस दौरान पृथ्वीराज कपूर काफी परेशान थे. कहीं कहीं राज कपूर गलत रास्ते पर थे, जिसकी वजह से पृथ्वीराज ने केदार शर्मा को उनकी जिम्मेदारी सौंपी थी.
रेड लाइट एरिया जाने लगे थे राज कपूर
केदार शर्मा ने इस बात की जानकारी दी थी कि पृथ्वी मेरा बहुत सम्मान करते थे. एक दिन, मैंने देखा कि वो बहुत परेशान लग रहे थे. लगभग रोने की कगार पर थे. एक दोस्त के तौर पर, मैंने हाथ जोड़कर उनसे कहा, ‘मुझे नहीं पता कि क्या समस्या है, लेकिन अगर कोई ऐसा तरीका है जिससे मैं मदद कर सकूँ, तो कृपया मुझे बताएँ.’ उन्होंने मुझसे अपने दिल की बात कही, ‘राज बहुत कम उम्र में ही भटक गया है. पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय, वो अक्सर रेड-लाइट इलाके में जाता है और औरतों की तलाश करता है.’ मैंने उन्हें भरोसा दिलाया, ‘अब और चिंता मत करो; मैं उसे वापस सही रास्ते पर ले आऊँगा.'”
केदार शर्मा ने युवा राज कपूर को वापस सही रास्ते पर लाने की ज़िम्मेदारी खुद उठाई, और उन्हें “सीढ़ी के सबसे निचले पायदान” से अपनी यात्रा शुरू करवाने की चुनौती स्वीकार की. उन्होंने आगे कहा, “राज मेरे साथ असिस्टेंट के तौर पर काम करने आया था, और जब भी मैं उससे पूछता कि क्या वो तैयार है, तो वो कहता, ‘हाँ, अंकल, मैं तैयार हूँ.’ फिर वो कैमरे के लेंस में देखता और अपने बाल सँवारता. आखिर, सिर्फ़ क्लैपरबोर्ड बजाने के लिए उसे अपने बाल ठीक करने की क्या ज़रूरत थी? मैंने कुछ नहीं कहा; आखिर, वो तो बस एक बच्चा था. एक दिन, हम किसी लोकेशन पर शूटिंग कर रहे थे. उन दिनों, रियर प्रोजेक्शन टेक्नोलॉजी मौजूद नहीं थी; हमें बैकग्राउंड की शूटिंग असल में अलग से करनी पड़ती थी. मैंने उसे अपने पास बुलाया, और उसने कहा, ‘हाँ, अंकल मैं आपका ही बच्चा हूँ बताइए.’ मैंने उससे कहा कि उसे कैमरे में देखकर अपने बाल ठीक नहीं करने चाहिए, क्योंकि यह अपमानजनक है.”
राज कपूर को लगाया जोरदार थप्पड़
लेकिन चेतावनी के बावजूद, युवा राज ने फिर से वही काम किया. उन्होंने बताया, “मैं गुस्से से आग-बबूला हो गया था. मैंने उसे एक बार फिर अपने पास बुलाया और उसके चेहरे पर ज़ोरदार थप्पड़ जड़ दिया. उसके चेहरे पर उस थप्पड़ का निशान पड़ गया. उस रात मैं सो नहीं पाया. अगली सुबह, वो मुझसे मिलने आया. निशान अभी भी उसके चेहरे पर था. मुझे एहसास हुआ कि वो लड़का कैमरे के सामने आना चाहता है. वो एक एक्टर बनना चाहता था, जबकि मैं उसे एक डायरेक्टर बनाने की कोशिश कर रहा था. मैंने उसे साइनिंग अमाउंट के तौर पर 5,000 रुपये और नील कमल के लिए 25,000 रुपये दिए.