Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति न्यायालय से बाहर निकलता दिखाई दे रहा है. कहा जा रहा है कि ये वीडियो बिहार के हाजीपुर के वैशाली की बताई जा रही है. ये मामला राघोपुर प्रखंड के जुड़ावनपुर का है. उन्हें ले जाने के लिए दो लोगों का सहारा लेना पड़ रहा है. लेकिन कानून के सामने उम्र की लाचारी भी नहीं चली. 34 साल पुराने जानलेवा हमले के केस में अदालत ने फैसला सुनाया है.
क्या है पूरा मामला?
घटना 10 मई 1992 की है, जहां अदालत राय ने शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने शिकायत देते हुए कहा कि जब वह अपनी पत्नी के साथ दरवाजे पर बैठे थे, तभी हथियारों से लैस होकर उन पर हमला किया गया. पुलिस ने 1993 में चार्जशीट दाखिल की थी. 34 साल बाद आए फैसले में सजा का एलान 2 जून को होगा. यह तस्वीर एक सबक है कि अपराध का अंजाम देर से ही सही, सामने जरूर आता है.
सुनवाई के दौरान 4 की मौत
इस मामले में एक ही परिवार के 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था. सुनवाई के दौरान 4 आरोपियों की मौत हो चुकी है. पांचवें आरोपी दीप राय उर्फ जिसा राय को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने आईपीसी की धारा 147, 148, 307 और 134 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है.
दो जून को सजा का ऐलान
अब 34 साल बाद दीप राय उर्फ जिसा राय जीवित बचे हैं और उन्हें दोषी ठहराया गया है. उनकी सजा दो जून को तय की जाएगी. अब देखने वाली बात ये होगी कि ऐसे व्यक्ति, जो खुद चलने-फिरने में समर्थ नहीं हैं, तो उन्हें क्या सजा दी जाएगी. अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ये वीडियो इन दिनों चर्चा में बनी हुई है. उम्र के अंतिम पड़ाव में पर पहुंच चुके बुजुर्ग को क्या सजा मिलेगी?