<
Categories: मनोरंजन

हिंदी सिनेमा की मशहूर आवाज, विनोद खन्ना की तरह स्टारडम छोड़ चुना ओशो का मार्ग, जानिये क्या है नेशनल अवॉर्ड विनर सिंगर की कहानी

नेशनल अवार्ड विनर प्लेबैक सिंगर रेखा भारद्वाज ने स्टारडम छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग को चुना. उन्होंने बताया कि ओशो से जुड़ने के बाद उनको बेहद शांति मिली.

विशाल भारद्वाज की आइकॉनिक फिल्म ‘ओमकारा’ तो आप सबको याद होगी. ये फिल्म ही नहीं, बल्कि इसके गाने भी सुपरहिट हुए थे. खासतौर पर ‘बीड़ी जलइले’ और ‘नमक इश्क का.’ ‘नमक इश्क का’ गाने की प्लेबैक सिंगर कोई और नहीं, बल्कि विशाल भरद्वाज की पत्नी रेखा भारद्वाज ही थीं. 
रेखा भारद्वाज म्यूजिक इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं. उन्होंने कई हिट गाने गाये हैं और नेशनल अवार्ड सहित कई पुरस्कार भी जीते हैं. इतनी सफलता के बावजूद रेखा भारद्वाज फ़िल्मी चकाचौंध से दूर आध्यात्मिक दुनिया में लीन रहती हैं.

संगीत की शुरुआत

रेखा का जन्म दिल्ली में हुआ था और उनके परिवार में संगीत का बहुत सम्मान था. उनकी शुरुआती परवरिश ने उनकी अनोखी, ऊंची आवाज को आकार दिया. उनकी संगीत यात्रा तीन साल की उम्र में रेडियो पर गुनगुनाने से शुरू हुई, जिसके बाद 12 साल की उम्र में उन्होंने क्लासिकल ट्रेनिंग ली और ठुमरी में महारत हासिल की. संगीत में करियर की शुरुआत करने की इच्छा से वो मुंबई आ गईं. बॉलीवुड में भारी आवाज के कारण रेखा को बार-बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा. साल 2002 में उनका एल्बम इश्का इश्का ने एक बड़ी सफलता हासिल की, जिसके बाद उन्हें फिल्मों में गाने के भी ऑफर मिलने लगे. 

कई हिट गानों को दी आवाज

2006 की फिल्म ओमकारा के गाने “नमक इश्क का” ने स्टारडम तक पहुंचाया, और उनकी विशिष्ट शैली के लिए उन्हें व्यापक प्रशंसा मिली. इसके बाद “कबीरा,” “ससुराल गेंदा फूल” (ए.आर. रहमान के साथ), और “घाघरा” जैसे हिट गाने आए. रेखा भारद्वाज को कई अवार्ड्स भी मिले हैं. उन्हें 2010 में आई फिल्म इश्किया के लिए नेशनल अवार्ड और 2012 में आई फिल्म सात खून माफ़ के गाने के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिला, जिसने उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे खास आवाज़ों में से एक के रूप में स्थापित किया. 

सफलता के बीच आध्यात्मिक मोड़

बीते दिनों रेखा भारद्वाज ने शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट शो में ओशो से अपने कनेक्शन के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि प्यार, शादी और पेशेवर सफलताओं के बावजूद, रेखा ने रिजेक्शन और डिप्रेशन के दौर में ओशो की शिक्षाओं में वही सांत्वना पाई, जैसे विनोद खन्ना ने अपने करियर के पीक पर आध्यात्मिकता के लिए सब कुछ छोड़ दिया था. ओशो से मिलने के बाद रेखा ध्यान और सूफी सेशंस के लिए पुणे के ओशो आश्रम में जाती रहीं. उन्होंने बताया कि ओशो से जुड़ने के बाद उनको बेहद शांति मिली. ओशो ध्यान पद्धति से जुड़ने से जीवन की पेचीदगियों के बारे में उनकी समझ और गहरी हुई. 

Shivangi Shukla

वर्तमान में शिवांगी शुक्ला इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. हेल्थ, बॉलीवुड और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा रिसर्च बेस्ड आर्टिकल और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करती हैं. तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है. डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

Recent Posts

बुलंदशहर में बंदर बना ‘नोटों का बादशाह’! वकील के ₹2 लाख नकद छीन करने लगा नोटों की बारिश; ये अनोखी करतूत देख लोग हैरान

Bulandshahr Monkey Throws Money: बुलंदशहर में एक हैरतअंगैज घटना ने सबको चौंका दिया. दरअसल कचहरी…

Last Updated: May 31, 2026 23:06:42 IST

इम्युनिटी बूस्टर है यह फल का जूस! गर्मियों में रोजाना पीना करें शुरू, वायरल बीमारियां रहेंगी कोसों दूर!

Immuniy Booster Juice: कई लोग सालभर सर्दी, खांसी और जुकाम से पीड़ित रहते हैं. ऐसे…

Last Updated: May 31, 2026 20:57:30 IST

Tesla Model Y L vs Mercedes-Benz CLA: कौन है सेगमेंट की बेस्ट कार? फीचर्स और परफॉर्मेंस में क्या ज्यादा किफायती

दोनों कारों की कीमत में अंतर है. अगर आप इन दोनों ही कारों को लेकर…

Last Updated: May 31, 2026 20:36:28 IST

Toyota Taisor vs Jeep Compass: कौन सी कार है सेग्मेंट की बेस्ट? किसमें मिलते हैं एडवांस फीचर्स, किसे लेना रहेगा सही

अगर आप एक किफायती और बजट फ्रेंडली कॉम्पैक्ट एसयूवी कार लेना चाहते हैं तो ऐसे…

Last Updated: May 31, 2026 20:33:56 IST

Funny Jokes: तुमने कोई नेक काम किया है? टीचर के पूछने पर छात्र ने दिया ऐसा जवाब, सुनकर सिर पकड़ लेंगे

Funny Jokes of the Day: आपकी हंसी थेरेपी का काम करती है. इसीलिए हम आपकी…

Last Updated: May 31, 2026 19:03:38 IST

DRDA: मोबाइल से देखता था महिला वॉशरूम का फुटेज, एकतरफा प्यार में कर्मचारी ने पार की सारी हदें, अब सलाखों के पीछे

Jagatsinghpur DRDA Office Case: ओडिशा में डिस्ट्रिक्ट रूरल डेवलपमेंट एजेंसी (DRDA) के दफ़्तर में महिलाओं…

Last Updated: May 31, 2026 18:29:10 IST