Sara Ali Khan: बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान एक बार फिर अपने केदारनाथ दौरे को लेकर सुर्खियों में हैं. भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था जाहिर करने वाली सारा अक्सर केदारनाथ मंदिर पहुंचती हैं लेकिन इस बार उनका मंदिर जाना विवाद की वजह बन गया है. उत्तर प्रदेश के बरेली के मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अभिनेत्री के मंदिर में पूजा करने पर आपत्ति जताते हुए फतवा जारी किया है. इस विवाद के बीच सारा का पुराना बयान भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है.
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, 25 अक्टूबर को सारा अली खान केदारनाथ मंदिर में बाबा के दर्शन करने पहुंची थीं. इस दौरान उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिनमें वह मंदिर के बाहर हाथ जोड़कर प्रार्थना करती नजर आईं. अभिनेत्री की इस यात्रा के बाद मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक वीडियो जारी कर उनके मंदिर जाने पर सवाल उठाए. मौलाना ने कहा कि इस्लाम के शरिया कानून के मुताबिक किसी दूसरे धर्म के तरीके से पूजा करना जायज नहीं है. उन्होंने इसे हराम बताते हुए सारा से अल्लाह से माफी मांगने और तौबा करने की बात कही. मौलाना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है.
ट्रोलर्स को सारा का जवाब
यह पहला मौका नहीं है, जब सारा को मंदिर जाने की वजह से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा हो. इससे पहले भी उनके केदारनाथ और दूसरे धार्मिक स्थलों पर जाने को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए थे. हालांकि, अभिनेत्री ने इन बातों को कभी अपनी निजी आस्था के रास्ते में नहीं आने दिया. साल 2023 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सारा ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी थी. उन्होंने कहा था कि वह अजमेर शरीफ, बंगला साहिब और महाकाल मंदिर में एक जैसी श्रद्धा के साथ जाती हैं. उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं.
सारा को क्या पसंद है?
सारा ने यह भी कहा था कि उन्हें अलग-अलग जगहों की ऊर्जा महसूस करना पसंद है और वह ऊर्जा में विश्वास रखती हैं. अगर किसी को उनका काम पसंद नहीं आता तो उन्हें बुरा लगता है लेकिन उनकी निजी मान्यताएं उनका अपना मामला हैं.
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