Yami Gautam On Aditya Dhar: यामी गौतम बॉलीवुड की उन शानदार एक्ट्रेस में गिनी जाती हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और एक्टिंग के दम पर इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई है. सफलता के इस मुकाम पर पहुंचने के बावजूद यामी अपनी सादगी के लिए जानी जाती हैं. वे न सिर्फ एक सफल कलाकार हैं, बल्कि एक जिम्मेदार वर्किंग मदर भी हैं, जो अपने करियर और परिवार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं.
यामी गौतम मानती हैं कि एक मां के रूप में काम करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब दोनों माता-पिता अपने-अपने काम में व्यस्त हों. उन्होंने बताया कि उनके लिए ये संभव उनके परिवार के सपोर्ट की वजह से हो पाया है. जब वो और उनके पति आदित्य धर दोनों काम में व्यस्त होते हैं, तब उनके माता-पिता उनके बेटे वेदविद की देखभाल करते हैं.
यामी का कहना है कि अगर परिवार का साथ न मिले, तो एक छोटे बच्चे के साथ काम करना काफी कठिन हो सकता है. वो अपनी मां का काफी आभार व्यक्त करती हैं, जिनकी मदद से वो अपने पेशेवर जीवन को जारी रख पा रही हैं.
मदरहूड और बैलेंस लाइफ
एक मां के रूप में यामी गौतम अपने बच्चे की जरूरतों को पूरा करती हैं. उनका मानना है कि इतने छोटे बच्चे को सेट पर ले जाना सही नहीं होता, क्योंकि बच्चे के रूप में एक मां का दिल हमेशा उसके साथ जुड़ा रहता है. ऐसे में जब दोनों माता-पिता काम में व्यस्त हों, तो ये तय करना जरूरी होता है कि बच्चे की देखभाल कौन करेगा. यामी बताती हैं कि फिलहाल वो काम कर रही हैं और आदित्य धर अपने बेटे के साथ समय बिता पा रहे हैं, क्योंकि उनकी फिल्मों की रिलीज पूरी हो चुकी है. उनके अनुसार, परिवार में हमेशा बच्चे को प्राथमिकता दी जाती है.
आदित्य धर की सफलता और सादगी
हाल ही में आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद ये सवाल उठना स्वाभाविक था कि क्या उनकी सफलता ने उनके स्वभाव में कोई बदलाव लाया है. इस पर यामी गौतम ने साफ कहा कि उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया है. यामी के अनुसार, आदित्य धर एक बेहद सरल व्यक्ति हैं. उन्होंने जीवन के कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन हर परिस्थिति में संयम बनाए रखा है. यही गुण उन्हें खास बनाता है.
यामी गौतम और आदित्य धर दोनों ही आध्यात्मिकता में विश्वास रखते हैं. उनका मानना है कि जीवन में अच्छे कर्म करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं. वे भगवान के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और मानते हैं कि जो चीज किसी के लिए बनी है, वो उसे सही समय पर जरूर मिलती है, भले ही उसमें थोड़ी देरी क्यों न हो.