आपकी रसोई की अलमारी में रखे मसाले सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं है. इनसे आप अपनी बॉडी के अलग-अलग सिस्टम को ठीक कर सकते हैं. आयुर्वेद ने 6 मसालों को चिन्हित किया है जो खाने में स्वाद का तड़का ही नहीं लगाते, जब आप इन मसालों को सही तरीके से पानी में मिलाकर एक विशेष टाइम पर पीते हैं तो ये आपके शरीर के लिए अमृत का काम करते हैं. ये डायजेशन से लेकर ब्लड शुगर, ब्लड प्रैशर, हार्मोन्स और इम्यूनिटी को भी टार्गेट करते हैं. इसलिए आज हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं 6 मैजिकल स्पाइस वॉटर रेसिपी और पीने का सही समय.
जीरे का पानी
कई लोगों को सुबह उठने के साथ-साथ पेट में भारीपन फील होता है. कुछ लोग इसे ब्लोटिंग समझते हैं तो कुछ एसिडिटी. ऐसी कंडीशन में सुबह उठते ही खाली पेट जीरे का पानी पिएं. ये आपके डायजेस्टिव एंजाइम्स को एक्टीवेट करता है और पीरियड्स को रेगुलेट करता है. रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा भिगोएं. सुबह उबालकर छानें और गुनगुना पिएं.
मेथी का पानी
मेथी दाने के गुण इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारते हैं और ब्लड शुगर को रेगुलेट करते हैं. जिन महिलाओं को PMOS या हार्मोनल गड़बड़ी रहती है और पेट फूला रहता है वो रात को एक गिलास पानी में मेथी दाना भिगोकर सुबह पी जाएं. ये पानी कोलेस्ट्रोल और बैली वेट को भी कम करने में मदद करता है. गर्भवती महिलाओं और डायबिटीज के मरीजों को एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही मेथी का पानी लेना चाहिए.
धनिए का पानी
आयुर्वेद में धनिए के पानी को हार्मोन्स के संतुलन की दवाई बताया गया है. खाली पेट चाय-कॉफी पीने वाले उठने के आधा घंटे के अंदर सबसे पहले धनिए का पानी पी सकते हैं. धनिए के बीजों की तासीर ठंडी होती है, जिससे ये सुबह-सुबह शरीर की एक्सट्रा गर्मी सोख लेता है. ये महिलाओं में थायराइड और पीरियड्स से जुड़े हॉर्मोनल असंतुलन को बैलेंस करता है.यूटीआई, एसिडिटी और हार्मोनल एक्ने को भी ठीक करता है. रात को धनिए के बीज भिगोएं. सुबह हल्का उबालकर छानें और हल्का गुनगुना होने पर पीएं.
दालचीनी का पानी
जिन लोगों को शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर सूजन फील होती है, उन्हें दालचीनी का पानी जरूर ट्राई करना चाहिए. हालांकि दालचीनी के पानी को खाली पेट नहीं पी सकते, इसलिए आप खाना खाने के आधे घंटे बाद हर्बल टी की तरह पी सकते हैं. बता दें कि दालचीनी एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस है, जो शरीर के अंदर छिपी सूजन और बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाती है. ये क्रेविंग्स को कंट्रोल करने में भी हेल्पफुल है.
सौंफ का पानी
गर्मियों में कूलिंग और डिटॉक्स के लिए सौंफ का पानी पीने की सलाह दी जाती है, जो शरीर को एसिडिटी और ब्लॉटिंग से भी राहत देता है. इसकी तासीर ठंडी होतीहै. सौंफ आपके लिवर और आंतों को साफ करती है, जब पेट साफ रहता है तो त्वचा अपने आप चमकने लगती है. सौंफ का पानी बनाने के लिए रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंफ भिगोएं. आप चाहें तो इसे उबालकर या सीधे छानकर भी पी सकते हैं. सौंफ के पानी को खाने के आधे घंटे बाद पीने से राहत मिलती है.
हल्दी और काली मिर्च का पानी
जिन लोगों को मौसम बदलते ही सर्दी, जुकाम, बुखार या इंफेक्शन हो जाता है, वो अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए शाम को चाय के बजाए हल्दी काली मिर्च का पानी ले सकते हैं. जब हल्दी का करक्यूमिन और काली मिर्च का पिपेरिन मिलते हैं तो एक कमाल का एंटी-बायोटिक कॉम्बिनेशन बनता है, जो मौसमी बीमारियों के साथ जॉइन्ट पेन में भी आराम पहुंचाता है
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