<
Categories: हेल्थ

ऋतिक रोशन ने सभी को चौंकाया… जब आई वर्कआउट से चश्मे का नंबर घटाने का किया दावा, सच्चाई डॉक्टर से जानिए

Vision Medical Myth: हाल ही में एक्टर ऋतिक रोशन ने चौंकाने वाला खुलासा किया. एक्टर का दावा है कि, उन्होंने आई वर्कआउट से चश्मे का नंबर आधा घटाया है. ऋतिक का यह पोस्ट इंस्टा पर वायरल हो रहा है. एक्टर के इस दावे पर बहस छिड़ गई है. आइए जानते हैं कि आखिर, आई वर्कआउट पर क्या कहते हैं ऋतिक रोशन? क्या 40 की उम्र के बाद आई वर्कआउट से चश्मे का नंबर घटाया जा सकता है?

Vision Medical Myth: आजकल स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का जमकर इस्तेमाल करते हैं. इसका असर न सिर्फ उनकी सेहत पर असर पड़ रहा, बल्कि मानसिक सेहत भी बिगड़ रही है. कम उम्र में ही लोगों के चश्मा लगने लगा है. अगर किसी के चश्मे का नंबर अधिक बढ़ जाए तो  डॉक्टर सर्जरी तक की सलाह देते हैं. लेकिन, हाल ही में एक्टर ऋतिक रोशन ने चौंकाने वाला खुलासा किया. एक्टर का दावा है कि, उन्होंने आई वर्कआउट से चश्मे का नंबर आधा घटाया है. ऋतिक का यह पोस्ट इंस्टा पर वायरल हो रहा है. एक्टर के इस दावे पर बहस छिड़ गई है. आइए जानते हैं कि आखिर, आई वर्कआउट पर क्या कहते हैं ऋतिक रोशन? क्या 40 की उम्र के बाद आई वर्कआउट से चश्मे का नंबर घटाया जा सकता है? आइए जानते हैं इस बारे में-

आई वर्कआउट पर क्या कहते हैं ऋतिक रोशन?

सोशल मीडिया में वायरल पोस्ट के मुताबिक, ऋतिक रोशन कहते हैं कि, 42 साल की उम्र में एक डॉक्टर ने उन्हें कहा था कि चश्मे का नंबर परमानेंट होता है और आंख कोई ऐसी मांसपेशी नहीं है, जिसे ट्रेन करके बदला जा सके. फिर उन्होंने इस बात को चुनौती की तरह लिया और बाद में वॉशिंगटन डीसी जाकर ऑप्टोमेट्रिस्ट डॉ. ब्राइस एपलबॉम के साथ 5 दिन का विजन ट्रेनिंग प्रोग्राम किया. रोज 4 घंटे की ट्रेनिंग के बाद उनके चश्मे का नंबर आधा रह गया और उन्हें नया प्रिस्क्रिप्शन लेना पड़ा. 

40 के बाद चश्मे का नंबर घटाने के दावे पर क्या बोले डॉक्टर?

राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. आलोक रंजन कहते हैं कि, 40 वर्ष की उम्र के बाद कई लोगों को प्रेस्बायोपिया नामक समस्या होने लगती है. यह उम्र से जुड़ी स्थिति है, जिसमें पास की चीजें पढ़ने में कठिनाई होती है, क्योंकि आंख की फोकसिंग क्षमता कम होने लगती है. कुछ मामलों में फोकसिंग और आंखों के कोऑर्डिनेशन से जुड़ी एक्सरसाइज से टेंपररी सुधार महसूस हो सकता है. संभव है कि अभिनेता को इसी तरह की फोकसिंग समस्या में लाभ मिला हो, लेकिन स्थायी रिफ्रैक्टिव एरर में वास्तविक कमी संभव नहीं है. 

‘एक्सरसाइज से चश्मे का नंबर आधा होने का दावा पूरी तरह सच नहीं’

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि, चश्मे का नंबर इस एक्सरसाइज से कम करने की बात पूरी तरह सच नहीं है. क्योंकि, ज्यादातर लोग चश्मा मायोपिया, प्रेसबायोपिया या एस्टिग्मैटिज्म जैसी संरचनात्मक समस्याओं के कारण पहनते हैं. ये आंख की बनावट जैसे आई बॉल की लंबाई या कॉर्निया की वक्रता से जुड़ी होती हैं. आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करने से इन संरचनात्मक बदलावों को ठीक नहीं किया जा सकता. इसलिए एक्सरसाइज से स्थायी रूप से चश्मे का नंबर कम होना वैज्ञानिक रूप से संभव नहीं माना जाता है. विजन ट्रेनिंग प्रोग्राम मुख्य रूप से आंख और दिमाग के बीच समन्वय बेहतर करने पर केंद्रित होता है, न कि आंख की संरचना बदलने पर. इसलिए आंखों की एक्सरसाइज को चमत्कारी इलाज नहीं मानना चाहिए.

गलतफहमी से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी

डॉक्टर मानते हैं कि, लंबे समय तक स्क्रीन देखने या नजदीक से काम करने से आंखों की सिलियरी मसल पर दबाव पड़ता है, जिससे अस्थायी रूप से नजर कमजोर लग सकती है. इसे कभी-कभी स्यूडो मायोपिक शिफ्ट कहा जाता है. जब यह तनाव कम होता है और फोकसिंग एक्सरसाइज करते हैं, तो व्यक्ति को लगता है कि नजर सुधर गई है. हालांकि यह स्थायी सुधार नहीं होता, बल्कि अस्थायी राहत होती है. विशेषज्ञों की चिंता यह है कि ऐसे दावों से लोगों में गलतफहमी फैल सकती है. इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

Lalit Kumar

9 साल से ज्यादा के लंबे करियर में ललित कुमार ने दैनिक जागरण, दैनिक भाष्कर, हिन्दुस्तान और नेटवर्क 18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, समाज, कला व संस्कृति के अलावा जटिल स्वास्थ्य विषयों और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का विश्लेषण उनकी विशेषता है। खबरों का डीप एनालिसिस उनकी पहचान है। हर खबर को आसान भाषा में पाठक तक पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वर्तमान में वे देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थानों में एक इंडिया न्यूज (डिजिटल) में लाइफस्टाइल, हेल्थ, धर्म और एस्ट्रो टीम का हिस्सा हैं।

Share
Published by
Lalit Kumar

Recent Posts

Himachal Pradesh Weather Update: हिमाचल में बदल गया मौसम, नोट कर लें कब-कहां होगी बारिश; येलो अलर्ट भी हुआ जारी

Himachal Pradesh Weather Update 25 April 2025: पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज…

Last Updated: April 25, 2026 07:46:50 IST

BDSM रोल प्ले के बहाने आंखों पर पट्टी, हाथ-पैर को रस्सी से बांधा; फिर बॉयफ्रेंड को जिंदा जलाया

Bengaluru Murder Case: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने…

Last Updated: April 25, 2026 07:28:40 IST

UP Weather Alert:  सावधान यूपी! लखनऊ-प्रयागराज में आसमान से बरस रही आग; जानें कब होगी उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश ?

UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में मौसम ने जिस तरह करवट ली है वो हैरान कर…

Last Updated: April 25, 2026 07:03:38 IST

Petrol Diesel Price Today 25 April: एक चूक और खर्च डबल! पेट्रोल-डीजल का रेट तुरंत चेक करें

Petrol Diesel Price Today: भारत की तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियां‌ (OMCs) इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन…

Last Updated: April 25, 2026 06:01:42 IST

UP Petrol Diesel Price 25 April: यूपी में पेट्रोल-डीजल बना सिरदर्द! अभी मिलेगी राहत या बढ़ेगा खर्च का तूफान?

Petrol Diesel Rate Today: सुबह 6 बजे, नेशनल ऑयल कंपनियां‌ (OMCs) अपडेटेड कीमतों की घोषणा…

Last Updated: April 25, 2026 06:00:53 IST

नींद में कुछ लोग दांत क्यों पीसते हैं? केवल आदत या किसी बीमारी का संकेत, शरीर देता है ये 5 चेतावनी

Neend Mein Dant Pisna: अक्सर आपने देखा होगा कि, कई लोग सोते वक्त दांत पीसने…

Last Updated: April 25, 2026 00:11:34 IST