Post Pregnancy Fitness: गर्भावस्था की शुरुआत से ही महिलाओं के शरीर में अलग-अलग तरह के बदलाव होते हैं. जहां कुछ महिलाएं जल्दी वेट गेन कर लेती हैं तो वहीं कुछ महिलाओं को मूड स्विंग्स की प्रॉबलम हो जाती है. ऐसे न जाने कितने फिजिकल और मेंटल चेंजेस से गुजरते हुए 9 महीने की प्रेग्नेंसी के बाद डिलीवरी आ समय आ जाता है. वैसे तो डॉक्टर की सलाह पर महिलाएं पूरी प्रेग्नेंसी अपना ख्याल रखती हैं, लेकिन डिलीवरी के बाद अपने बच्चे की देखभाल करने में इतना बिजी हो जाती है कि उनकी खुद की हेल्थ और फिटनेस इग्नोर हो जाती है. फिर शरीर का बढ़ता वजन बार-बार टेंशन पैदा करता है. ऐसी स्थिति में एक्सपर्ट ने अपनी राय रखी है और बताया है कि आखिर डिलीवरी के बाद वजन बढ़ने के पीछे की वजह क्या है और इसे कंट्रोल करने के लिए कौन-कौन से उपाय करने चाहिए-
डिलीवरी बाद क्यों बढ़ता है वजन
गर्भ में पल रहे बच्चे के पोषण के लिए महिलाओं को खान-पान का ध्यान रखना होता है. ऐसे में महिलाओं को क्रेविंग भी होती है और वो ओवरइटिंग का शिकार हो जाती है. ऐसे में ज्यादा कैलोरी इनटेक बढ़ने से वेट गेन होने लगता है.
नींद की कमी
प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाएं मानसिक बदलावों का सामना करती हैं. आराम करने के बावजूद कभी स्ट्रेस तो कभी मूड स्विंग्स घेर लेते हैं. ऐसे में कई बार नींद ना आने की समस्या भी हो जाती है. कुछ केस में फिजिकल एक्टीविटी न करने से भी वेट गेन जल्दी हो सकता है.
बीमारी और दवाएं
हेल्थ एक्टपर्ट्स की मानें तो हाइपरथायरॉइड के कारण भी महिलाओं में तेजी से बजन बढ़ता है, जबकि कुछ मामलों में सप्लीमेंट्स और दवाएं भी वेट गेन का कारण बनती हैं.
डिलीवरी बाद कैसे घटाएं वजन
अक्सर आपने देखा होगा कि डिलीवरी के कुछ समय बाद ही एक्ट्रेस और मॉडल फटाफट शेप में आ जाती हैं, जबकि आम महिलाओं के लिए पहले जैसी फिटनेस वापस पाना मुमकिन नहीं हो पाता. इस मामले में डॉ. तरंग जैन अरोरा ने कुछ स्पेशल टिप्स शेयर किए हैं. यदि आप भी पुराना फिगर वापस हासिल करना चाहती हैं तो आपके लिए एक्सपर्ट एडवाइज फायदेमंद साबित हो सकती है-
डाइट
ज्यादार वॉलीवुड एक्ट्रेस अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान हाई फैट और हाई प्रोटीन डाइट लेती है. ये डाइट डिलीवरी के बाद भी कन्टीन्यू किया जाता है. ऐसे में जंक फूड को अवॉइड किया जाए तो वजन जल्दी कंट्रोल हो जाता है.
टाइमिंग
ज्यादातर सेलेब्रिटीज अपने खाने-पीने से लेकर एक्सरसाइज तक के रुटीन को टाइमिंग के साथ फॉलो करते हैं. इससे क्रेविंग्स तो कंट्रोल में रहती ही है, ब्रेन भी ओवरइटिंग के लिए अलर्ट हो जाता है. एक्यूरेट टाइमिंग पर ये काम करते रहने से भी वजन कम करने में आसानी हो जाती है
एक्सरसाइज
ज्यादातर महिलाएं प्रेग्नेंसी के टाइम बैड रेस्ट को तवज्जो देती हैं जबकि ये पूरी तरह से गलत चॉइस है. जब सीरियस सिचुएशन न हो या डॉक्टर न बोले तब तक बैड रेस्ट अवॉइड करना चाहिए. इसी के साथ प्रेग्नेंसी के स्पेशन योग-व्यायाम और मेडिटेशन में टाइम देना चाहिए.
नींद
कई बार बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराने के टाइमिंग ऐसे होते ही कि डिलीवरी के बाद नींद पूरी नहीं हो पाती. ऐसी कंडीशन में डॉक्टर कहा कहना है कि डिलीवरी के बाद वजन को कम करने में ब्रेस्टफीडिंग मददगार साबित हो सकती है.
एक्सपर्ट का मानना है कि पोस्ट प्रेग्नेंसी ट्रांसफॉर्मेशन पूरी तरह से लाइफस्टाइल पर डिपेंड करता है. इसलिए वजन घटाने के चक्कर में खाना-पीना कम ना करें, बल्कि सही समय पर सही खाना खाएं. पोषण की कमी को दूर करने के लिए सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.