Male Menstruation Symptoms: कुछ महिलाओं को पीरियड्स के समय हैवी व्लड फ्लो के कारण पेट में दर्द, सिर में दर्द, चक्कर, मूड स्विंग्स, थकान, चिड़चिड़ापन आ जाता है. वो साधारण दिनों के तुलना में पीरियड्स के दिनों में ज्यादा कमजोर महसूस करती हैं. आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन सच ये भी है कि पुरुषों में मासिक धर्म होता है, हालांकि पुरुषों में महिलाओं जैसा दर्द और ब्लड फ्लो तो नहीं होता, लेकिन हर महीने विशेष दिनों में मूड स्विंग, थकान, चिड़चिड़ापन और वीकनेस जरूर महसूस होती है. विज्ञान की भाषा में इसे आईएमएस यानी इरिटेबल मेल सिंड्रोम कहते हैं. जानें इसके बारे में विस्तार से-
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में डॉ. साकेत कांत बताते हैं कि हॉर्मोनल इंबैलेंस यानी वो कंडीशन, जिसमें बॉडी के हार्मोन्स का स्तर सामान्य से कम या ज्यादा हो जाता है. इन चेंजेस की वजब से व्यक्ति को मेटाबॉलिज्म, मूड, नींद, फर्टिलिटी जैसे फैक्टर प्रभावित होते हैं.
क्या होता है मेल मेंस्ट्रुएशन?
पुरुषों में महावारी या पीरियड्स को आईएमएस यानी इरीटेबल मेल सिंड्रोम कहा जाता है. पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स के लेवल में उतार-चढ़ाव होने की वजह से लगते हैं. मेडकल की भाषा में इसे मेल पीरियड भी कहते हैं. इस पर हुई तमाम रिसर्च बताती हैं कि दुनिया के करीब 26 फीसी पुरुष मेल मेंस्ट्रुएशन को फील करते हैं. इस दौरान महिलाओं की तरह रक्तस्राव यानी ब्लीडिंग तो नहीं होती, लेकिन अचानक पेट दर्द, थकान और चिड़चिडेपन से जूझना पड़ सकता है. इस दौरान पुरुषों को भी महिलाओं की तरह फूड क्रेविंग्स होती हैं.
पुरुषों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, पुरुषों में मेल मेंस्ट्रुएशन होने पर रात में टस्टोस्टेरोन हार्मोन्स का लेवल कम होता है और सुबह होते ही बढ़ने लगता है, हालांकि एक्सपर्ट बताते हैं कि महिलाओं की तरह पुरुष अपने हार्मोनल चेंजेस को सीरियस नहीं लेते, जबकि पुरुषों को भी अपने इन दिनों में एक्सरसाइड और हेल्दी डाइट पर फोकस करना चाहिए. इस दौरान एल्कोहॉल और स्मोकिंग से भी दूर रहना चाहिए.
ये बातें भी पता होनी चाहिए
वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स में बदलाव के लिए कुछ चीजें जिम्मेदार होती है, जानिए इनके बारे में-
- पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ-साथ टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स का लेवल कम हो जाता है.
- जब-जब पुरुष स्ट्रेस ज्यादा लेंगे, उनमें टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स इंबैलेंस क्रिएट होगा.
- जंक फूड, फास्ट फूड और फूड हैविट चेंज होने या वेट गेन करने पर भी टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स प्रभावित होते हैं.
- टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स के कारण पुरुषों में हाई बीपी और डायबिटीज भी देखने को मिल सकती है.
- कई बार नींद और आराम की कमी से भी टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स पर नेगेटिव असर पड़ सकता है.
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