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Multiple Sclerosis Symptoms: मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS) एक लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है, जिसका असर हमारी आंखों के रोशनी को भी प्रभावित करता है,आइए जानते हैं शुरुआती लक्षण से लेकर बचाव तक.
क्या है मल्टीपल स्क्लेरोसिस
Multiple Sclerosis Symptoms: मल्टीपल स्क्लेरोसिस, जिसे शॉर्ट में MS कहा जाता है, एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) गलती से अपने ही नर्वस सिस्टम पर हमला करने लगती है. खास तौर पर यह नसों को ढकने वाली परत, जिसे माइलिन कहते हैं, को नुकसान पहुंचाती है.
जब यह परत खराब हो जाती है, तो दिमाग और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच सिग्नल सही तरीके से नहीं पहुंच पाते. इसी वजह से धीरे-धीरे शरीर के कई काम प्रभावित होने लगते हैं.
इस बीमारी का असर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है, लेकिन सबसे आम असर नसों और आंखों पर देखने को मिलता है.कई लोगों में अचानक एक आंख की रोशनी कम होना या धुंधला दिखना शुरुआती संकेत हो सकता है. आंखों को हिलाने पर दर्द होना, डबल दिखना या चीजें साफ न दिखना भी इसके लक्षण हैं.इसके अलावा शरीर में कमजोरी, हाथ-पैरों में सुन्नपन, चलने में दिक्कत, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं. कुछ मामलों में याददाश्त और सोचने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है.
MS के शुरुआती संकेत अक्सर धीरे-धीरे सामने आते हैं, इसलिए लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं.जैसे-बार-बार थकान महसूस होना, शरीर के किसी हिस्से में झनझनाहट या सुन्नपन, एक आंख से कम दिखाई देना, संतुलन बिगड़ना या चलते समय लड़खड़ाना.कई बार गर्दन झुकाने पर शरीर में करंट जैसा झटका महसूस होता है, जिसे डॉक्टर ‘Lhermitte sign’ कहते हैं. ये सभी संकेत बताते हैं कि नसों पर असर शुरू हो चुका है.
मायो क्लिनिक के अनुसार इस बीमारी का सटीक कारण अभी तक पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन माना जाता है कि यह कई कारणों के मिलकर असर करने से होता है.जैसे कम विटामिन D, धूप की कमी, ज्यादा वजन, स्मोकिंग, कुछ वायरसया परिवार में पहले से किसी को MS होना.महिलाओं में यह बीमारी पुरुषों के मुकाबले ज्यादा देखी जाती है और आमतौर पर 20 से 40 साल की उम्र में शुरू होती है.
अभी तक MS का कोई पक्का इलाज नहीं है, लेकिन इसे कंट्रोल जरूर किया जा सकता है.डॉक्टर दवाइयों, थैरेपी और लाइफस्टाइल में बदलाव के जरिए इसके लक्षणों को कम करने और बीमारी की रफ्तार को धीमा करने की कोशिश करते हैं.कुछ दवाएं ऐसी होती हैं जो अटैक के बाद जल्दी रिकवरी में मदद करती हैं, जबकि कुछ दवाएं बीमारी को आगे बढ़ने से रोकती हैं.
MS को पूरी तरह रोकना अभी संभव नहीं है, लेकिन कुछ चीजों का ध्यान रखकर इसके खतरे को कम किया जा सकता है.जैसे-धप लेना ताकि विटामिन D मिले, संतुलित आहार लेना, वजन कंट्रोल में रखना, स्मोकिंग से दूर रहना और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाना.
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