इस दिव्य अनुष्ठान में 15 ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार, 600 किलो से अधिक घी की आहुति, दैनिक रुद्राभिषेक तथा यजुर्वेद के पवित्र मंत्रों के पाठ द्वारा यज्ञ को दिव्य ऊर्जा से पूर्ण किया गया।
आचार्य भाविन पंड्या और आचार्य मनन पंड्या आचार्यश्री ने श्री दत्त भगवान के चरणों में प्रार्थना की कि संपूर्ण विश्व में शांति, सुख और सद्भावना स्थापित हो।
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा में मृत्यु को प्राप्त हुए हजारों निर्दोष आत्माओं को श्री दत्त भगवान मोक्ष और शांति प्रदान करें, उनके परिवारजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति और साहस प्रदान करें, ऐसी करुणाभरी प्रार्थना की गई।
साथ ही, सभी भक्तजन सनातन धर्म के मार्ग पर चलें, सदाचार और सत्य को जीवन में उतारें तथा अपने जीवन में आध्यात्मिक एवं सर्वांगीण प्रगति प्राप्त करें, ऐसी भी श्री दत्त भगवान से प्रार्थना की गई।
यज्ञ की पवित्र ज्योति से विश्वशांति का संकल्प…
मंत्रों से दिव्य ऊर्जा…
और हृदय से सर्वजीव कल्याण की प्रार्थना…
जय जय दत्ताश्रय
जय गुरुदेव दत्त
नर्मदे हर
(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)