Eastern Peripheral Expressway Crime: गाजियाबाद में एक पशु चिकित्सक की मौत का मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में जुटी है. मुरादनगर इलाके में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह एक कार के अंदर डॉक्टर का शव मिला. मृतक की पहचान राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी मंगल सोसाइटी निवासी डॉ. शिवम कार्तिकेय भारद्वाज के तौर पर हुई है. वह दिल्ली में अपना क्लीनिक चलाते थे.
बताया जा रहा है कि शिवम मंगलवार सुबह रोज की तरह अपने घर से क्लीनिक जाने के लिए निकले थे. शाम होने तक जब वह वापस नहीं लौटे तो परिवार को चिंता हुई. काफी देर तक संपर्क नहीं होने के बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की. इसी दौरान घर में उनके कमरे की तलाशी ली गई, जहां एक नोट मिला. उसमें डॉक्टर ने अपनी जिंदगी खत्म करने की बात लिखी थी.
परिवार ने दर्ज कराई शिकायत
नोट मिलने के बाद परिवार ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और नंदग्राम थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई. पुलिस ने डॉक्टर की तलाश शुरू कर दी लेकिन अगले दिन सुबह मुरादनगर पुलिस को एक्सप्रेसवे पर एक ब्रेजा कार में व्यक्ति के पड़े होने की सूचना मिली.
UP: गाजियाबाद में लापता डॉक्टर का शव ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर कार के अंदर मिला।
कार से कई इंजेक्शन और दवाइयां बरामद, शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले।
पुलिस को ओवरडोज की आशंका, लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम के बाद साफ होगी।
डॉ. शिवम कार्तिकेय 29 सितंबर से लापता थे,… pic.twitter.com/2S4BF8iOek— निशान्त शर्मा (भारद्वाज) (@Nishantjournali) October 1, 2026
कार से हुई डॉक्टर की पहचान
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार की जांच की. वाहन के अंदर मिले पहचान पत्र के आधार पर मृतक की पहचान डॉ. शिवम के रूप में हुई. इसके बाद नंदग्राम पुलिस और उनके परिवार को इसकी जानकारी दी गई. मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी.
जांच में सामने आई अहम जानकारी
पुलिस के मुताबिक, कार की तलाशी के दौरान कुछ मेडिकल सामान भी मिला है. शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या से जोड़कर देख रही है लेकिन अभी मौत के कारण को अंतिम रूप से तय नहीं किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. परिजनों से पूछताछ में फिलहाल किसी पारिवारिक विवाद की बात सामने नहीं आई है. वहीं, घर से मिले नोट में भी किसी व्यक्ति पर आरोप लगाए जाने की जानकारी नहीं मिली है.
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