Live TV
Search
Home > India News > Shivashree Ritu Singh: Premanand Maharaj के समर्थन में उतरीं शिवाश्री ऋतु, विराट कोहली पर भी कही बड़ी बात

Shivashree Ritu Singh: Premanand Maharaj के समर्थन में उतरीं शिवाश्री ऋतु, विराट कोहली पर भी कही बड़ी बात

Shivashree Ritu Singh on Premanand Maharaj: ज्योतिषाचार्य शिवाश्री ऋतु सिंह ने प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता को किसी सेलिब्रिटी कनेक्शन से जोड़ने वाली बातों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने महाराज की सादगी, आध्यात्मिक विचारों और भक्तों की आस्था को उनकी पहचान का आधार बताया। विराट कोहली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की आध्यात्मिक यात्रा अपनी समझ और आस्था के आधार पर तय होनी चाहिए। उनके राजनीतिक आरोपों से जुड़े बयान को उनके व्यक्तिगत मत के रूप में देखा जाना चाहिए।

Written By:
Last Updated: October 7, 2026 12:24:55 IST

Mobile Ads 1x1

Shivashree Ritu Singh on Premanand Maharaj: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच ज्योतिषाचार्य और आध्यात्मिक वक्ता शिवाश्री ऋतु सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता को किसी सेलिब्रिटी या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से जोड़ने वाली बातों पर सवाल उठाया है। ऋतु सिंह ने कहा कि उनके अनुसार प्रेमानंद महाराज की पहचान उनकी सादगी, आध्यात्मिक विचारों और भक्तों की आस्था से बनी है।

प्रेमानंद महाराज को लेकर क्या बोलीं शिवाश्री ऋतु?

शिवाश्री ऋतु सिंह ने प्रेमानंद महाराज का बचाव करते हुए कहा कि उनकी लोकप्रियता किसी एक सेलिब्रिटी की वजह से नहीं है। उन्होंने अपने वृंदावन से जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि प्रेमानंद महाराज को लोगों को बुलाने या अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए किसी सेलिब्रिटी या इन्फ्लुएंसर की जरूरत नहीं है। 

ऋतु सिंह के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज के प्रति लोगों की आस्था उनकी सादगी, आध्यात्मिक शिक्षाओं और भक्तों के जुड़ाव से बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी नजर में महाराज की प्रसिद्धि को राधा रानी की कृपा और लोगों के प्रेम से जोड़कर देखा जाना चाहिए। 

विराट कोहली का भी किया जिक्र

प्रेमानंद महाराज और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली की मुलाकातों को लेकर सोशल मीडिया पर लंबे समय से चर्चा होती रही है। इसी संदर्भ में शिवाश्री ऋतु सिंह ने सवाल उठाया कि क्या लोग किसी संत के पास सिर्फ इसलिए जाते हैं क्योंकि कोई मशहूर सेलिब्रिटी वहां जाता है।

उन्होंने लोगों से अपने विवेक और आध्यात्मिक समझ के आधार पर निर्णय लेने की बात कही। उनके अनुसार किसी व्यक्ति की आध्यात्मिक यात्रा केवल किसी प्रसिद्ध व्यक्ति को देखकर तय नहीं होनी चाहिए।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाना पहले भी चर्चा में रहा है। NDTV के अनुसार दोनों जून 2026 में भी वृंदावन स्थित आश्रम पहुंचे थे।

आरोपों पर भी शिवाश्री ऋतु ने रखी राय

शिवाश्री ऋतु सिंह ने प्रेमानंद महाराज को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने इसे हिंदू धर्म और धर्म गुरुओं के खिलाफ कथित राजनीतिक हमलों और प्रोपेगेंडा के व्यापक संदर्भ में देखा। 

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि राजनीतिक हमले या प्रोपेगेंडा होने की बात शिवाश्री ऋतु सिंह का दावा/मत है, स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं। इसलिए इस बयान को उनके व्यक्तिगत विचार के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

कौन हैं शिवाश्री ऋतु सिंह?

शिवाश्री ऋतु सिंह को एस्ट्रोलॉजर ऋतु सिंह के नाम से भी जाना जाता है। वह ज्योतिषाचार्य, आध्यात्मिक वक्ता और वैदिक कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम करती हैं। उनकी सामग्री में ज्योतिष के साथ आध्यात्मिक और सनातन परंपराओं से जुड़े विषय शामिल रहते हैं। 

रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें अयोध्या के जानकीघाट बड़ा स्थान मंदिर में एक धार्मिक समारोह के दौरान ‘शिवाश्री’ की उपाधि दी गई थी। वह ‘The Rhythm of Shiva’ और ‘Katha Mere Mahadev Ki’ जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों से भी जुड़ी रही हैं। 

प्रेमानंद महाराज क्यों चर्चा में हैं?

प्रेमानंद महाराज पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा में लगातार बने हुए हैं। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा जैसी चर्चित हस्तियों के उनके आश्रम पहुंचने के बाद उनकी लोकप्रियता को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हुई हैं। वहीं हाल के दिनों में उनके आश्रम से जुड़े कुछ मामलों को लेकर पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स भी सामने आई हैं। 

ऐसे माहौल में शिवाश्री ऋतु सिंह का बयान प्रेमानंद महाराज के समर्थन में सामने आया है। उन्होंने लोगों से किसी संत या आध्यात्मिक गुरु के बारे में राय बनाने से पहले अपने विवेक और व्यक्तिगत समझ का इस्तेमाल करने की बात कही है।

निष्कर्ष

शिवाश्री ऋतु सिंह ने प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता को सेलिब्रिटी कनेक्शन से जोड़ने वाली धारणा को खारिज करते हुए इसे उनकी सादगी, आध्यात्मिक विचारों और भक्तों की आस्था से जोड़ा है। विराट कोहली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्ग चुनने का फैसला व्यक्ति की अपनी समझ और आस्था पर आधारित होना चाहिए। उनके राजनीतिक हमलों और प्रोपेगेंडा से जुड़े बयान को उनके व्यक्तिगत मत के रूप में समझना चाहिए।

MORE NEWS

Home > India News > Shivashree Ritu Singh: Premanand Maharaj के समर्थन में उतरीं शिवाश्री ऋतु, विराट कोहली पर भी कही बड़ी बात

Written By:
Last Updated: October 7, 2026 12:24:55 IST

Mobile Ads 1x1

Shivashree Ritu Singh on Premanand Maharaj: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच ज्योतिषाचार्य और आध्यात्मिक वक्ता शिवाश्री ऋतु सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता को किसी सेलिब्रिटी या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से जोड़ने वाली बातों पर सवाल उठाया है। ऋतु सिंह ने कहा कि उनके अनुसार प्रेमानंद महाराज की पहचान उनकी सादगी, आध्यात्मिक विचारों और भक्तों की आस्था से बनी है।

प्रेमानंद महाराज को लेकर क्या बोलीं शिवाश्री ऋतु?

शिवाश्री ऋतु सिंह ने प्रेमानंद महाराज का बचाव करते हुए कहा कि उनकी लोकप्रियता किसी एक सेलिब्रिटी की वजह से नहीं है। उन्होंने अपने वृंदावन से जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि प्रेमानंद महाराज को लोगों को बुलाने या अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए किसी सेलिब्रिटी या इन्फ्लुएंसर की जरूरत नहीं है। 

ऋतु सिंह के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज के प्रति लोगों की आस्था उनकी सादगी, आध्यात्मिक शिक्षाओं और भक्तों के जुड़ाव से बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी नजर में महाराज की प्रसिद्धि को राधा रानी की कृपा और लोगों के प्रेम से जोड़कर देखा जाना चाहिए। 

विराट कोहली का भी किया जिक्र

प्रेमानंद महाराज और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली की मुलाकातों को लेकर सोशल मीडिया पर लंबे समय से चर्चा होती रही है। इसी संदर्भ में शिवाश्री ऋतु सिंह ने सवाल उठाया कि क्या लोग किसी संत के पास सिर्फ इसलिए जाते हैं क्योंकि कोई मशहूर सेलिब्रिटी वहां जाता है।

उन्होंने लोगों से अपने विवेक और आध्यात्मिक समझ के आधार पर निर्णय लेने की बात कही। उनके अनुसार किसी व्यक्ति की आध्यात्मिक यात्रा केवल किसी प्रसिद्ध व्यक्ति को देखकर तय नहीं होनी चाहिए।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाना पहले भी चर्चा में रहा है। NDTV के अनुसार दोनों जून 2026 में भी वृंदावन स्थित आश्रम पहुंचे थे।

आरोपों पर भी शिवाश्री ऋतु ने रखी राय

शिवाश्री ऋतु सिंह ने प्रेमानंद महाराज को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने इसे हिंदू धर्म और धर्म गुरुओं के खिलाफ कथित राजनीतिक हमलों और प्रोपेगेंडा के व्यापक संदर्भ में देखा। 

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि राजनीतिक हमले या प्रोपेगेंडा होने की बात शिवाश्री ऋतु सिंह का दावा/मत है, स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं। इसलिए इस बयान को उनके व्यक्तिगत विचार के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

कौन हैं शिवाश्री ऋतु सिंह?

शिवाश्री ऋतु सिंह को एस्ट्रोलॉजर ऋतु सिंह के नाम से भी जाना जाता है। वह ज्योतिषाचार्य, आध्यात्मिक वक्ता और वैदिक कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम करती हैं। उनकी सामग्री में ज्योतिष के साथ आध्यात्मिक और सनातन परंपराओं से जुड़े विषय शामिल रहते हैं। 

रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें अयोध्या के जानकीघाट बड़ा स्थान मंदिर में एक धार्मिक समारोह के दौरान ‘शिवाश्री’ की उपाधि दी गई थी। वह ‘The Rhythm of Shiva’ और ‘Katha Mere Mahadev Ki’ जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों से भी जुड़ी रही हैं। 

प्रेमानंद महाराज क्यों चर्चा में हैं?

प्रेमानंद महाराज पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा में लगातार बने हुए हैं। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा जैसी चर्चित हस्तियों के उनके आश्रम पहुंचने के बाद उनकी लोकप्रियता को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हुई हैं। वहीं हाल के दिनों में उनके आश्रम से जुड़े कुछ मामलों को लेकर पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स भी सामने आई हैं। 

ऐसे माहौल में शिवाश्री ऋतु सिंह का बयान प्रेमानंद महाराज के समर्थन में सामने आया है। उन्होंने लोगों से किसी संत या आध्यात्मिक गुरु के बारे में राय बनाने से पहले अपने विवेक और व्यक्तिगत समझ का इस्तेमाल करने की बात कही है।

निष्कर्ष

शिवाश्री ऋतु सिंह ने प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता को सेलिब्रिटी कनेक्शन से जोड़ने वाली धारणा को खारिज करते हुए इसे उनकी सादगी, आध्यात्मिक विचारों और भक्तों की आस्था से जोड़ा है। विराट कोहली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्ग चुनने का फैसला व्यक्ति की अपनी समझ और आस्था पर आधारित होना चाहिए। उनके राजनीतिक हमलों और प्रोपेगेंडा से जुड़े बयान को उनके व्यक्तिगत मत के रूप में समझना चाहिए।

MORE NEWS