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Home > देश > नए लेबर कोड में बोनस का नया नियम, इतने तक वेतन वालों को बोनस देना होगा अनिवार्य, जानें किसे मिलेगा और कितनी बनेगी रकम

नए लेबर कोड में बोनस का नया नियम, इतने तक वेतन वालों को बोनस देना होगा अनिवार्य, जानें किसे मिलेगा और कितनी बनेगी रकम

New labor law: केंद्र सरकार के नए श्रम प्रावधानों के तहत 21,000 रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों को बोनस का लाभ मिल सकता है. इसके लिए अकाउंटिंग ईयर में कम से कम 30 दिन काम करना जरूरी है. बोनस की न्यूनतम दर 8.33 फीसदी और अधिकतम 20 फीसदी है. इसकी गणना 7,000 रुपये या लागू न्यूनतम मजदूरी, जो अधिक हो, उसके आधार पर की जाएगी.

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Last Updated: September 8, 2026 20:33:15 IST

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New labor law: केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी नए नोटिफिकेशन के बाद कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के बोनस को लेकर तस्वीर साफ हो गई है. नए प्रावधान के तहत 21,000 रुपये प्रति माह तक वेतन पाने वाले कर्मचारी कुछ जरूरी शर्तें पूरी करने पर बोनस के पात्र होंगे. खास बात यह है कि पात्र कर्मचारी को बोनस देना नियोक्ता के लिए अनिवार्य होगा. वहीं, 21,000 रुपये से ज्यादा मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए इस तरह का बोनस अनिवार्य नहीं होगा.

21 हजार रुपये तक सैलरी वालों को मिलेगा लाभ

वेतन संहिता, 2019 की धारा 26(1) के मुताबिक, 21,000 रुपये प्रति माह से कम वेतन पाने वाला कर्मचारी बोनस पाने का पात्र हो सकता है. हालांकि इसके लिए कर्मचारी का संबंधित अकाउंटिंग ईयर में कम से कम 30 दिन काम करना जरूरी है. यानी केवल वेतन की सीमा पूरी करना ही पर्याप्त नहीं है. बोनस का लाभ लेने के लिए तय अवधि में न्यूनतम काम करने की शर्त भी पूरी करनी होगी.

कितना मिलेगा बोनस?

पात्र कर्मचारियों को सालाना बोनस की न्यूनतम दर 8.33 फीसदी और अधिकतम दर 20 फीसदी निर्धारित है. बोनस की गणना कर्मचारी की वास्तविक सैलरी पर सीधे नहीं, बल्कि निर्धारित बेस पर की जाएगी.इसके लिए 7,000 रुपये प्रति माह या संबंधित काम के लिए लागू न्यूनतम मजदूरी, दोनों में से जो रकम ज्यादा होगी, उसे आधार बनाया जाएगा. इसे एक उदाहरण से समझिए. अगर किसी कर्मचारी को 15,000 रुपये महीने की सैलरी मिलती है और उसके काम के लिए संबंधित राज्य में न्यूनतम मजदूरी 10,000 रुपये तय है, तो बोनस की गणना 15,000 रुपये पर नहीं बल्कि तय नियम के अनुसार अधिकतम लागू आधार राशि पर होगी. वहीं, अगर लागू न्यूनतम मजदूरी 7,000 रुपये से अधिक है तो वही राशि बोनस कैलकुलेशन का आधार बनेगी.

12 हजार रुपये की मिनिमम सैलरी पर कितना बोनस?

मान लीजिए किसी कर्मचारी की गणना के लिए निर्धारित न्यूनतम सैलरी 12,000 रुपये है. चूंकि यह 7,000 रुपये की निर्धारित बेस राशि से अधिक है, इसलिए बोनस की गणना 12,000 रुपये के आधार पर होगी. न्यूनतम 8.33 फीसदी बोनस के हिसाब से गणना इस तरह होगी: 12,000 × 8.33% × 12 = करीब 11,995 रुपये यानी इस उदाहरण में कर्मचारी को सालाना न्यूनतम बोनस करीब 11,995 रुपये बनता है.

21 हजार से ज्यादा सैलरी वालों को क्या मिलेगा?

अगर किसी कर्मचारी की मासिक सैलरी 21,000 रुपये से ज्यादा है, तो नए प्रावधान के तहत कंपनी उसके लिए यह बोनस देना अनिवार्य रूप से बाध्य नहीं होगी. इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसे कर्मचारियों को कंपनी बोनस दे ही नहीं सकती. कंपनी की अपनी नीति, रोजगार अनुबंध या अन्य लागू प्रावधानों के आधार पर अलग से बोनस दिया जा सकता है, लेकिन इस व्यवस्था के तहत 21,000 रुपये तक वेतन वाले पात्र कर्मचारियों जैसी अनिवार्यता नहीं होगी.

बोनस कब तक खाते में जमा करना होगा?

वेतन संहिता, 2019 की धारा 39(1) के मुताबिक बोनस की रकम का भुगतान अकाउंटिंग ईयर खत्म होने के आठ महीने के भीतर कर्मचारी के बैंक खाते में किया जाना है. हालांकि, अगर नियोक्ता पर्याप्त कारण बताते हुए समय बढ़ाने के लिए आवेदन करता है, तो निर्धारित परिस्थितियों में भुगतान की अवधि को दो साल तक बढ़ाया जा सकता है. इस तरह नए प्रावधान में कर्मचारियों के लिए दो बातें अहम हैं-पहली, बोनस की पात्रता के लिए वेतन सीमा और कम से कम 30 दिन काम करने की शर्त, और दूसरी, बोनस भुगतान की तय समय सीमा.

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New labor law: केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी नए नोटिफिकेशन के बाद कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के बोनस को लेकर तस्वीर साफ हो गई है. नए प्रावधान के तहत 21,000 रुपये प्रति माह तक वेतन पाने वाले कर्मचारी कुछ जरूरी शर्तें पूरी करने पर बोनस के पात्र होंगे. खास बात यह है कि पात्र कर्मचारी को बोनस देना नियोक्ता के लिए अनिवार्य होगा. वहीं, 21,000 रुपये से ज्यादा मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए इस तरह का बोनस अनिवार्य नहीं होगा.

21 हजार रुपये तक सैलरी वालों को मिलेगा लाभ

वेतन संहिता, 2019 की धारा 26(1) के मुताबिक, 21,000 रुपये प्रति माह से कम वेतन पाने वाला कर्मचारी बोनस पाने का पात्र हो सकता है. हालांकि इसके लिए कर्मचारी का संबंधित अकाउंटिंग ईयर में कम से कम 30 दिन काम करना जरूरी है. यानी केवल वेतन की सीमा पूरी करना ही पर्याप्त नहीं है. बोनस का लाभ लेने के लिए तय अवधि में न्यूनतम काम करने की शर्त भी पूरी करनी होगी.

कितना मिलेगा बोनस?

पात्र कर्मचारियों को सालाना बोनस की न्यूनतम दर 8.33 फीसदी और अधिकतम दर 20 फीसदी निर्धारित है. बोनस की गणना कर्मचारी की वास्तविक सैलरी पर सीधे नहीं, बल्कि निर्धारित बेस पर की जाएगी.इसके लिए 7,000 रुपये प्रति माह या संबंधित काम के लिए लागू न्यूनतम मजदूरी, दोनों में से जो रकम ज्यादा होगी, उसे आधार बनाया जाएगा. इसे एक उदाहरण से समझिए. अगर किसी कर्मचारी को 15,000 रुपये महीने की सैलरी मिलती है और उसके काम के लिए संबंधित राज्य में न्यूनतम मजदूरी 10,000 रुपये तय है, तो बोनस की गणना 15,000 रुपये पर नहीं बल्कि तय नियम के अनुसार अधिकतम लागू आधार राशि पर होगी. वहीं, अगर लागू न्यूनतम मजदूरी 7,000 रुपये से अधिक है तो वही राशि बोनस कैलकुलेशन का आधार बनेगी.

12 हजार रुपये की मिनिमम सैलरी पर कितना बोनस?

मान लीजिए किसी कर्मचारी की गणना के लिए निर्धारित न्यूनतम सैलरी 12,000 रुपये है. चूंकि यह 7,000 रुपये की निर्धारित बेस राशि से अधिक है, इसलिए बोनस की गणना 12,000 रुपये के आधार पर होगी. न्यूनतम 8.33 फीसदी बोनस के हिसाब से गणना इस तरह होगी: 12,000 × 8.33% × 12 = करीब 11,995 रुपये यानी इस उदाहरण में कर्मचारी को सालाना न्यूनतम बोनस करीब 11,995 रुपये बनता है.

21 हजार से ज्यादा सैलरी वालों को क्या मिलेगा?

अगर किसी कर्मचारी की मासिक सैलरी 21,000 रुपये से ज्यादा है, तो नए प्रावधान के तहत कंपनी उसके लिए यह बोनस देना अनिवार्य रूप से बाध्य नहीं होगी. इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसे कर्मचारियों को कंपनी बोनस दे ही नहीं सकती. कंपनी की अपनी नीति, रोजगार अनुबंध या अन्य लागू प्रावधानों के आधार पर अलग से बोनस दिया जा सकता है, लेकिन इस व्यवस्था के तहत 21,000 रुपये तक वेतन वाले पात्र कर्मचारियों जैसी अनिवार्यता नहीं होगी.

बोनस कब तक खाते में जमा करना होगा?

वेतन संहिता, 2019 की धारा 39(1) के मुताबिक बोनस की रकम का भुगतान अकाउंटिंग ईयर खत्म होने के आठ महीने के भीतर कर्मचारी के बैंक खाते में किया जाना है. हालांकि, अगर नियोक्ता पर्याप्त कारण बताते हुए समय बढ़ाने के लिए आवेदन करता है, तो निर्धारित परिस्थितियों में भुगतान की अवधि को दो साल तक बढ़ाया जा सकता है. इस तरह नए प्रावधान में कर्मचारियों के लिए दो बातें अहम हैं-पहली, बोनस की पात्रता के लिए वेतन सीमा और कम से कम 30 दिन काम करने की शर्त, और दूसरी, बोनस भुगतान की तय समय सीमा.

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