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नेपाल-तिब्बत बाढ़ में ईशा फाउंडेशन के कैलाश समूह के 77 तीर्थयात्री लापता, सद्गुरु ने दी जानकारी

हाल ही में आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने एक्स पर जानकारी दी कि ईशा फॉउंडेशन कैलाश समूह के 77 तीर्थयात्री लापता नेपाल-तिब्बत बाढ़ में लापता हो गए हैं, जिनकी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.

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Last Updated: August 26, 2026 20:18:29 IST

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आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने बुधवार को बताया कि ईशा फॉउंडेशन के कैलाश तीर्थयात्रा समूह के 77 तीर्थयात्री तिब्बत के ग्यिरोंग में एक आव्रजन केंद्र पर थे, जब अचानक आई भीषण बाढ़ ने शहर को अपनी चपेट में ले लिया.

कैलाश तीर्थयात्रा से लौट रहा यह समूह बाढ़ के समय आव्रजन कार्यालय में रुका हुआ था. कार्यालय की इमारत बाढ़ की चपेट में आ गई, जिसके बाद से कई तीर्थयात्री लापता हैं. 

एक्स पर पोस्ट करके दी जानकारी 

सद्गुरु ने X पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्र में तीर्थयात्रियों की स्थिति या ठिकाने के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, क्योंकि बचाव दल नेपाल-तिब्बत सीमा पर व्यापक बाढ़ और भूस्खलन के बीच स्थिति का आकलन करने में जुटे हुए हैं. नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र रसुवा जिले के कुछ हिस्सों में अचानक आई बाढ़ ने कहर बरपाया है. तिब्बत की सीमा से लगे इस जिले में भीषण बाढ़ आई है, जिसमें 95 लोगों की मौत हो गई है और कई गांव और बुनियादी ढांचा परियोजना स्थल बह गए हैं.

X पर एक पोस्ट में सद्गुरु ने कहा, “चीन के तिब्बत में ग्यिरोंग में एक भयानक और दुखद बाढ़ आई है, और कैलाश यात्रा पर गए हमारे एक समूह के सदस्य इसकी चपेट में आ गए.” उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रा से लौटते समय तीर्थयात्री आव्रजन कार्यालय में थे, तभी बाढ़ आई और “इमारत और शहर का अधिकांश हिस्सा जलमग्न हो गया है.” उन्होंने आगे कहा, “इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद किसी भी व्यक्ति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.” स्वयंसेवक और सहायता दल प्रभावित स्थान तक पहुंचने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. सद्गुरु ने ये भी कहा कि उनकी टीमें “जोखिम की परवाह किए बिना” बचाव कार्यों में भाग लेने के लिए तैयार हैं.

नेपाल-चीन सीमा पर संकट 

इस आपदा के कारण नेपाल-चीन सीमा पर व्यापक व्यवधान उत्पन्न हो गया है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि बुधवार को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 10:30 बजे नेपाल की ओर भूस्खलन हुआ, जिससे तिब्बत के शिगात्से शहर के ग्यिरोंग काउंटी में स्थित ग्यिरोंग बंदरगाह पर हताहतों की संख्या बढ़ गई और कई लोग लापता हो गए. शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, आपदा के बाद चीनी पक्ष में ग्यिरोंग बंदरगाह के भूमि मार्ग की ओर जाने वाली सड़कें, साथ ही संचार और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. खोज और बचाव अभियान जारी थे, वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों का पता लगाने के लिए “हर संभव” प्रयास करने का आह्वान किया और अधिकारियों को द्वितीयक आपदाओं को रोकने के लिए निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने का निर्देश दिया.

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आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने बुधवार को बताया कि ईशा फॉउंडेशन के कैलाश तीर्थयात्रा समूह के 77 तीर्थयात्री तिब्बत के ग्यिरोंग में एक आव्रजन केंद्र पर थे, जब अचानक आई भीषण बाढ़ ने शहर को अपनी चपेट में ले लिया.

कैलाश तीर्थयात्रा से लौट रहा यह समूह बाढ़ के समय आव्रजन कार्यालय में रुका हुआ था. कार्यालय की इमारत बाढ़ की चपेट में आ गई, जिसके बाद से कई तीर्थयात्री लापता हैं. 

एक्स पर पोस्ट करके दी जानकारी 

सद्गुरु ने X पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्र में तीर्थयात्रियों की स्थिति या ठिकाने के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, क्योंकि बचाव दल नेपाल-तिब्बत सीमा पर व्यापक बाढ़ और भूस्खलन के बीच स्थिति का आकलन करने में जुटे हुए हैं. नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र रसुवा जिले के कुछ हिस्सों में अचानक आई बाढ़ ने कहर बरपाया है. तिब्बत की सीमा से लगे इस जिले में भीषण बाढ़ आई है, जिसमें 95 लोगों की मौत हो गई है और कई गांव और बुनियादी ढांचा परियोजना स्थल बह गए हैं.

X पर एक पोस्ट में सद्गुरु ने कहा, “चीन के तिब्बत में ग्यिरोंग में एक भयानक और दुखद बाढ़ आई है, और कैलाश यात्रा पर गए हमारे एक समूह के सदस्य इसकी चपेट में आ गए.” उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रा से लौटते समय तीर्थयात्री आव्रजन कार्यालय में थे, तभी बाढ़ आई और “इमारत और शहर का अधिकांश हिस्सा जलमग्न हो गया है.” उन्होंने आगे कहा, “इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद किसी भी व्यक्ति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.” स्वयंसेवक और सहायता दल प्रभावित स्थान तक पहुंचने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. सद्गुरु ने ये भी कहा कि उनकी टीमें “जोखिम की परवाह किए बिना” बचाव कार्यों में भाग लेने के लिए तैयार हैं.

नेपाल-चीन सीमा पर संकट 

इस आपदा के कारण नेपाल-चीन सीमा पर व्यापक व्यवधान उत्पन्न हो गया है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि बुधवार को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 10:30 बजे नेपाल की ओर भूस्खलन हुआ, जिससे तिब्बत के शिगात्से शहर के ग्यिरोंग काउंटी में स्थित ग्यिरोंग बंदरगाह पर हताहतों की संख्या बढ़ गई और कई लोग लापता हो गए. शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, आपदा के बाद चीनी पक्ष में ग्यिरोंग बंदरगाह के भूमि मार्ग की ओर जाने वाली सड़कें, साथ ही संचार और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. खोज और बचाव अभियान जारी थे, वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों का पता लगाने के लिए “हर संभव” प्रयास करने का आह्वान किया और अधिकारियों को द्वितीयक आपदाओं को रोकने के लिए निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने का निर्देश दिया.

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