Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र में शोक की लहर. जानें कैसे दी जाती है एक उपमुख्यमंत्री को अंतिम विदाई, क्या है राजकीय सम्मान, गन सैल्यूट और प्रोटोकॉल के नियम.
Ajit Pawar News: आज 28 जनवरी को सुबह एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. बारामती दौरे पर जा रहे राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निजी विमान लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया. रिपोर्ट के मुताबिक बारामती एयरपोर्ट पर टचडाउन के समय विमान से नियंत्रण खो गया और वह आग के गोले में तब्दील होकर क्रैश हो गया.
डीजीसीए (DGCA) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस भयावह दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई है. बताया जा रहा है कि विमान में सवार कुल 5 लोगों की भी इस हादसे में मौत हुई है.
बता दें कि अजित पवार आज बारामती में चार महत्वपूर्ण चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, और इस खबर के बाद पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई है. अजित पवार का परिवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो गया है. वहीं PM मोदी और अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से प्लेन क्रैश मामले में जानकारी ली है.
महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार के निधन पर राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है. इस दौरान किसी भी तरह का सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं मनाया जाएगा। इस बीच आइये जानते हैं की एक उपमुख्यमंत्री के निधन पर राज्य उन्हें कैसे श्रद्धांजलि देते हैं. इस दौरान कौन से कार्य करने की मनाही होती है.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित अनंतराव पवार के सम्मान में पूरे राज्य में तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है. जिसके बाद 28.01.2026 से 30.01.2026 तक (दोनों दिन सम्मिलित) पूरे महाराष्ट्र राज्य में उन सभी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहाँ इसे नियमित रूप से फहराया जाता है. शोक की इस अवधि के दौरान राज्य में कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा आपको बताते चलें कि महाराष्ट्र सरकार ने उपमुख्यमंत्री के दुखद निधन के कारण बुधवार, 28 जनवरी 2026 को पूरे राज्य में सभी सरकारी कार्यालयों को बंद रखने की घोषणा की है.
उपमुख्यमंत्री के अंतिम संस्कार के समय पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा, उनके पार्थिव देह को राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) में लपेटा जाएगा। इस अवसर पर पुलिस की एक विशेष टुकड़ी द्वारा उपमुख्यमंत्री को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया जाएगा और अंतिम विदाई के समय बंदूकों की सलामी (Gun Salute) दी जाएगी। इस दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कैबिनेट के अन्य वरिष्ठ सदस्य आधिकारिक रूप से शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.
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