<
Categories: देश

ब्राह्मण छात्रों के जनेऊ, मौली और कलावा उतरवाए, बेंगलुरु के कॉलेज में निरीक्षकों की मंशा पर उठे सवाल

Bengaluru CET 2026 Janeu Row: बेंगलुरु के एक कॉलेज में सीईटी परीक्षा देने से पहले छात्रों के जनेऊ उतरवाने का मामला सामने आया है.

Bengaluru CET 2026 Janeu Row: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक हैरान और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां पर एक परीक्षा केंद्र में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीईटी) के दौरान राजधानी के कृपानिधि कॉलेज में 5 ब्राह्मण छात्रों के जनेऊ (यज्ञोपवीत) उतरवाने के बाद विवाद गहरा गया है. इस मुद्दे पर विपक्ष दल भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और इसे ‘हिंदू विरोधी’ करार दिया. विवाद बढ़ता देखकर इस मामले में KEA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी 3 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि इस विवाद के राजनीतिक मोड़ लेते ही कॉलेज प्रबंधन ने जांच पूरी होने तक संबंधित निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है. वहीं, प्रदेश सरकार ने भी इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

परीक्षा देने से पहले उतरवाए जनेऊ

CET की परीक्षा देने पहुंचे 5 छात्रों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि परीक्षा कक्ष में मौजूद कॉलेज के निरीक्षकों ने कहा कि अगर वे परीक्षा देना चाहते हैं, तो उन्हें अपना जनेऊ उतारना होगा. इसका विरोध किया तो निरीक्षक नाराज हो गए. एक पीड़ित छात्र की मानें तो जब वो परीक्षा केंद्र पर पहुंचे तो शिक्षकों ने उनके कान की बाली उतरवा दी. इसके बाद निरीक्षकों ने उनसे जनेऊ उतारने के लिए भी मजबूर किया. 

परीक्षा देने के लिए उतार दिए जनेऊ

छात्रों का कहना है कि करियर का सवाल था और कोई विकल्प नहीं होने की स्थिति में निरीक्षकों के आदेश का पालन किया और जनेऊ उतार दिए. इन 5 छात्रों के अलावा अन्य परीक्षार्थियों का कहना है कि परीक्षकों ने मौली या कलावा भी उतरवा दिया, जिसके बाद परीक्षा कक्ष में एंट्री लेने दी. 

आदेश का क्यों किया उल्लंघन

कुछ लोग परीक्षा निरीक्षकों की नीयत पर भी सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार की ओर से साफ निर्देश थे कि परीक्षार्थियों के जनेऊ आदि नहीं उतरवाए जाएं, फिर भी ऐसा किया गया. बताया जा रहा है कि पिछले साल शिवमोग्गा और बीदर जैसे जिलों में भी ऐसे ही मामले सामने आए थे. इसके बाद राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर आदेश जारी किया था. इसके साथ ही यह भी कहा था कि किसी भी छात्र यात्रा के जनेऊ समेत अन्य प्रतीक चिह्न नहीं उतरवाए जाएं. 

JP YADAV

जेपी यादव डेढ़ दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह प्रिंट और डिजिटल मीडिया, दोनों में समान रूप से पकड़ रखते हैं. मनोरंजन, साहित्य और राजनीति से संबंधित मुद्दों पर कलम अधिक चलती है. अमर उजाला, दैनिक जागरण, दैनिक हिंदुस्तान, लाइव टाइम्स, ज़ी न्यूज और भारत 24 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.कई बाल कहानियां भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं. सामाजिक मुद्दों पर 'रेडी स्टडी गो' नाटक हाल ही में प्रकाशित हुआ है. टीवी और थिएटर के प्रति गहरी रुचि रखते हुए जेपी यादव ने दूरदर्शन पर प्रसारित धारावाहिक 'गागर में सागर' और 'जज्बा' में सहायक लेखक के तौर पर योगदान दिया है. इसके अलावा, उन्होंने शॉर्ट फिल्म 'चिराग' में अभिनय भी किया है. वर्तमान में indianews.in में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत हैं.

Recent Posts

भविष्य निर्माण के 5 गौरवशाली वर्ष: सार्वजनिक यूनिवर्सिटी मनाएगी स्थापना वर्ष का माहव्यापी उत्सव

1 जून से 30 जून तक शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय गतिविधियों की श्रृंखला आयोजित…

Last Updated: June 4, 2026 17:07:10 IST

एनजी ब्रांड की सूरत में दोबारा एंट्री, भव्य शुरुआत के साथ खुला एनजी मॉल

मॉल की आय का 60 प्रतिशत हिस्सा समाजसेवा में होगा खर्च, गरीब मरीजों के उपचार…

Last Updated: June 4, 2026 16:52:07 IST

IFS आशुतोष कुमार ने बताया बच्चों के लिए सिविल सर्विस और राष्ट्रसेवा का सफलता मंत्र

नई दिल्ली, 19 मई:  युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और प्रशासनिक सेवाओं के प्रति प्रेरित करने…

Last Updated: June 3, 2026 20:22:09 IST

SBS University के छात्र, देश की Top Pharma Companies में

Copmed, Macleods, Intas, Enzene, Akums और 4 और कंपनियों ने SBS University के छात्रों को…

Last Updated: June 3, 2026 20:07:07 IST

UP Politics: अवध में ‘ब्राह्मण कार्ड’ खेलेगी भाजपा? 2027 से पहले सांगठनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज

UP Politics: अवध में 'ब्राह्मण कार्ड' की तैयारी में BJP? जानिए क्यों अचानक संगठन में…

Last Updated: June 3, 2026 18:41:28 IST