Live TV
Search
Home > देश > ब्राह्मण छात्रों के जनेऊ, मौली और कलावा उतरवाए, बेंगलुरु के कॉलेज में निरीक्षकों की मंशा पर उठे सवाल

ब्राह्मण छात्रों के जनेऊ, मौली और कलावा उतरवाए, बेंगलुरु के कॉलेज में निरीक्षकों की मंशा पर उठे सवाल

Bengaluru CET 2026 Janeu Row: बेंगलुरु के एक कॉलेज में सीईटी परीक्षा देने से पहले छात्रों के जनेऊ उतरवाने का मामला सामने आया है.

Written By:
Last Updated: April 25, 2026 12:38:01 IST

Mobile Ads 1x1

Bengaluru CET 2026 Janeu Row: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक हैरान और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां पर एक परीक्षा केंद्र में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीईटी) के दौरान राजधानी के कृपानिधि कॉलेज में 5 ब्राह्मण छात्रों के जनेऊ (यज्ञोपवीत) उतरवाने के बाद विवाद गहरा गया है. इस मुद्दे पर विपक्ष दल भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और इसे ‘हिंदू विरोधी’ करार दिया. विवाद बढ़ता देखकर इस मामले में KEA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी 3 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि इस विवाद के राजनीतिक मोड़ लेते ही कॉलेज प्रबंधन ने जांच पूरी होने तक संबंधित निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है. वहीं, प्रदेश सरकार ने भी इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

परीक्षा देने से पहले उतरवाए जनेऊ

CET की परीक्षा देने पहुंचे 5 छात्रों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि परीक्षा कक्ष में मौजूद कॉलेज के निरीक्षकों ने कहा कि अगर वे परीक्षा देना चाहते हैं, तो उन्हें अपना जनेऊ उतारना होगा. इसका विरोध किया तो निरीक्षक नाराज हो गए. एक पीड़ित छात्र की मानें तो जब वो परीक्षा केंद्र पर पहुंचे तो शिक्षकों ने उनके कान की बाली उतरवा दी. इसके बाद निरीक्षकों ने उनसे जनेऊ उतारने के लिए भी मजबूर किया. 

परीक्षा देने के लिए उतार दिए जनेऊ

छात्रों का कहना है कि करियर का सवाल था और कोई विकल्प नहीं होने की स्थिति में निरीक्षकों के आदेश का पालन किया और जनेऊ उतार दिए. इन 5 छात्रों के अलावा अन्य परीक्षार्थियों का कहना है कि परीक्षकों ने मौली या कलावा भी उतरवा दिया, जिसके बाद परीक्षा कक्ष में एंट्री लेने दी. 

आदेश का क्यों किया उल्लंघन

कुछ लोग परीक्षा निरीक्षकों की नीयत पर भी सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार की ओर से साफ निर्देश थे कि परीक्षार्थियों के जनेऊ आदि नहीं उतरवाए जाएं, फिर भी ऐसा किया गया. बताया जा रहा है कि पिछले साल शिवमोग्गा और बीदर जैसे जिलों में भी ऐसे ही मामले सामने आए थे. इसके बाद राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर आदेश जारी किया था. इसके साथ ही यह भी कहा था कि किसी भी छात्र यात्रा के जनेऊ समेत अन्य प्रतीक चिह्न नहीं उतरवाए जाएं. 

MORE NEWS

Home > देश > ब्राह्मण छात्रों के जनेऊ, मौली और कलावा उतरवाए, बेंगलुरु के कॉलेज में निरीक्षकों की मंशा पर उठे सवाल

Written By:
Last Updated: April 25, 2026 12:38:01 IST

Mobile Ads 1x1

Bengaluru CET 2026 Janeu Row: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक हैरान और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां पर एक परीक्षा केंद्र में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीईटी) के दौरान राजधानी के कृपानिधि कॉलेज में 5 ब्राह्मण छात्रों के जनेऊ (यज्ञोपवीत) उतरवाने के बाद विवाद गहरा गया है. इस मुद्दे पर विपक्ष दल भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और इसे ‘हिंदू विरोधी’ करार दिया. विवाद बढ़ता देखकर इस मामले में KEA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी 3 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि इस विवाद के राजनीतिक मोड़ लेते ही कॉलेज प्रबंधन ने जांच पूरी होने तक संबंधित निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है. वहीं, प्रदेश सरकार ने भी इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

परीक्षा देने से पहले उतरवाए जनेऊ

CET की परीक्षा देने पहुंचे 5 छात्रों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि परीक्षा कक्ष में मौजूद कॉलेज के निरीक्षकों ने कहा कि अगर वे परीक्षा देना चाहते हैं, तो उन्हें अपना जनेऊ उतारना होगा. इसका विरोध किया तो निरीक्षक नाराज हो गए. एक पीड़ित छात्र की मानें तो जब वो परीक्षा केंद्र पर पहुंचे तो शिक्षकों ने उनके कान की बाली उतरवा दी. इसके बाद निरीक्षकों ने उनसे जनेऊ उतारने के लिए भी मजबूर किया. 

परीक्षा देने के लिए उतार दिए जनेऊ

छात्रों का कहना है कि करियर का सवाल था और कोई विकल्प नहीं होने की स्थिति में निरीक्षकों के आदेश का पालन किया और जनेऊ उतार दिए. इन 5 छात्रों के अलावा अन्य परीक्षार्थियों का कहना है कि परीक्षकों ने मौली या कलावा भी उतरवा दिया, जिसके बाद परीक्षा कक्ष में एंट्री लेने दी. 

आदेश का क्यों किया उल्लंघन

कुछ लोग परीक्षा निरीक्षकों की नीयत पर भी सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार की ओर से साफ निर्देश थे कि परीक्षार्थियों के जनेऊ आदि नहीं उतरवाए जाएं, फिर भी ऐसा किया गया. बताया जा रहा है कि पिछले साल शिवमोग्गा और बीदर जैसे जिलों में भी ऐसे ही मामले सामने आए थे. इसके बाद राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर आदेश जारी किया था. इसके साथ ही यह भी कहा था कि किसी भी छात्र यात्रा के जनेऊ समेत अन्य प्रतीक चिह्न नहीं उतरवाए जाएं. 

MORE NEWS