Chhattisgarh Crime: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पुलिस हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और 11 साल की बेटी की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. साल 2024 में हुए इस दोहरे हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीन दोषियों को फांसी और एक अन्य आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. यह फैसला 8 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया. पीड़ित परिवार ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए संतुष्टि जताई है.
तीन दोषियों को फांसी, एक को उम्रकैद
सरकारी वकील सुरेश शर्मा के मुताबिक, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया. इनमें कुलदीप साहू (32), चंद्रकांत चौधरी (28) और फूल सिंह उर्फ रिंकू (28) को मौत की सजा सुनाई गई. वहीं, चौथे आरोपी को उम्रकैद की सजा दी गई. अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि यह अपराध बेहद गंभीर था. आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी हवाला दिया गया.
पुलिसकर्मी पर फेंका था गर्म तेल
पुलिस के मुताबिक, यह घटना 13 अक्टूबर 2024 की है. उस रात दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के रास्ते पर तैनात कॉन्स्टेबल घनश्याम सोनी पर कुलदीप साहू ने कथित तौर पर गर्म तेल फेंक दिया था. पुलिसकर्मी ने उसे पकड़ने की कोशिश की, जिसके बाद विवाद बढ़ गया. इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल और अन्य पुलिसकर्मियों ने कुलदीप की तलाश शुरू की. पुलिस का आरोप है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी कार से पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश भी की.
घर में घुसकर पत्नी और बेटी की हत्या
पुलिस के अनुसार, भागते समय कुलदीप साहू हेड कॉन्स्टेबल के घर में घुस गया. वहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी पत्नी और 11 साल की बेटी पर हमला किया. अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि हत्या से पहले महिला के साथ यौन उत्पीड़न भी किया गया था. जांच में महिला के शरीर पर चोट के 33 निशान और बच्ची के शरीर पर 28 निशान मिलने की बात सामने आई. बाद में दोनों के शव घर से करीब चार किलोमीटर दूर पिधा गांव में फेंक दिए गए थे.
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परिवार ने फैसले पर जताई संतुष्टि
फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत जताई. परिजनों ने कहा कि उन्हें अदालत से ऐसे ही फैसले की उम्मीद थी. उनके मुताबिक, परिवार ने इस घटना के बाद बहुत दुख झेला है और अदालत का फैसला उन्हें इस दर्द से उबरने में मदद करेगा. इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई. अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है.
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