Delhi Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई. प्रदर्शन को रोकने के लिए CJP अध्यक्ष अभिजीत दिपके और ध्रुव राठी समत तमाम लोगों को हिरासत में लिया गया. इस कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का आरोप लगाते हुए इसे काला आपातकाल करार दिया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल से लेकर दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज तक ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. AAP नेताओं का दावा है कि विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए जिस तरह सुरक्षा बढ़ाई गई और लोगों को हिरासत में लिया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है.
केजरीवाल का घर किले में तब्दील
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल के आवास को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया है. भारद्वाज ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल जी के घर को दिल्ली पुलिस ने किले में बदल दिया है. देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है.’
कैसा घबराया साहिब, बात-बात पर डरता है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल जी के घर के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। https://t.co/h05Va58h8N
— AAP (@AamAadmiParty) October 10, 2026
राष्ट्रीय कार्यालय सील
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि AAP के राष्ट्रीय कार्यालय को भी पुलिस ने सील कर दिया है. भारद्वाज के इन आरोपों के बाद पार्टी ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
आपातकाल से भी बदतर स्थिति…
अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर मौजूदा हालात को आपातकाल से भी बदतर बताते हुए सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया. केजरीवाल ने लिखा, ‘यह आपातकाल से भी बदतर है. यह अब आधिकारिक हो चुका है… हम मोदी के शासन वाली पूर्ण तानाशाही के तहत जी रहे हैं.’
हिरासत में लिए जाने पर सवाल
उन्होंने उड़ान से उतरते ही लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरों पर भी सवाल उठाए. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव में कथित वोट चोरी के आरोपों से जुड़े सवालों को दबाना चाहते हैं. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा, ‘ज्ञानेश को जाना ही होगा लेकिन मोदी को भी जाना होगा.’
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
बता दें कि ये पूरा विवाद CJP के उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है. प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल कर रहे हैं. AAP ने इस विरोध को समर्थन देने का ऐलान किया है. हिरासत की कार्रवाई, पुलिस बंदोबस्त और नेताओं के तीखे बयानों के बाद दिल्ली में राजनीतिक टकराव और बढ़ गया है.