Relationships after divorce: तलाक या अलगाव के बाद जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाना सिर्फ कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक सीमित नहीं रहता. शादी खत्म होने के बाद जब कोई व्यक्ति नई शुरुआत और दोबारा प्यार की तलाश करता है, तो उसे सामाजिक सवालों के साथ-साथ अपनी भावनाओं, आत्मविश्वास और पहचान से जुड़े कई सवालों का सामना करना पड़ता है. एक नए सर्वे ने इसी पहलू पर रोशनी डाली है और बताया है कि पहले शादी कर चुके लोगों के लिए दोबारा रिश्ते में आने की राह में सबसे बड़ी चुनौती कई बार नया साथी ढूंढना नहीं, बल्कि खुद को उस रिश्ते के लिए दोबारा तैयार करना होती है.
क्या कहते हैं सर्वे के आंकड़े
मैचमेकिंग ऐप रिबाउंस के सर्वे के मुताबिक, तलाकशुदा और अलग रह रहे कई लोग प्यार को दोबारा मौका देना चाहते हैं, लेकिन पिछली शादी के अनुभव उनके व्यवहार और सोच पर असर डालते रहते हैं. कई लोगों के लिए मुश्किल यह नहीं है कि उन्हें प्यार नहीं मिल सकता, बल्कि वे दोबारा प्यार की शुरुआत करना, स्नेह जताना और किसी दूसरे व्यक्ति से मिलने वाले प्यार को स्वीकार करना भूल चुके होते हैं. अप्रैल से जून 2026 के बीच किए गए इस सर्वे में 30 से 45 वर्ष की उम्र के 9,384 तलाकशुदा और अलग रह रहे लोगों को शामिल किया गया. इसमें देश के टियर-1, टियर-2 और टियर-3 शहरों के प्रतिभागी शामिल थे. सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि शादी खत्म होने के बाद भावनात्मक रूप से उबरने की प्रक्रिया काफी लंबे समय तक नई जिंदगी और रिश्तों को प्रभावित कर सकती है.
शादी के बाद खुद की पहचान तलाशना बनी बड़ी चुनौती
नई रिलेशनशिप शुरू करने से पहले कई लोगों को यह समझने में परेशानी हो रही है कि वे अपने पुराने रिश्ते से अलग खुद को कैसे देखें. सर्वे में खास तौर पर महिलाओं के बीच यह समस्या सामने आई. 35 वर्ष से अधिक उम्र की करीब 47 फीसदी तलाकशुदा महिलाओं ने बताया कि उन्हें खुद को शादी की भूमिका से अलग एक स्वतंत्र व्यक्ति के रूप में देखना मुश्किल लगा. शादी के दौरान कई वर्षों तक फैसले ‘मैं’ के बजाय ‘हम’ को ध्यान में रखकर लेने की आदत बन जाती है. ऐसे में रिश्ता खत्म होने के बाद अपने व्यक्तिगत शौक, पसंद, लक्ष्य और भविष्य की योजनाओं को फिर से पहचानना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. यही वजह है कि कुछ लोगों के लिए किसी नए व्यक्ति से मिलना उतना मुश्किल नहीं था, जितना खुद की उस पहचान को वापस पाना, जो शादी के दौरान कहीं पीछे छूट गई थी.
प्यार का दूसरा मौका मिला, लेकिन आत्मविश्वास नहीं
सर्वे में दोबारा डेटिंग शुरू करने को लेकर आत्मविश्वास की कमी भी सामने आई. 9,384 प्रतिभागियों में से 5,432 लोगों ने कहा कि वे दोबारा प्यार की तलाश तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें रोमांस के मामले में खुद को पहले जैसा सहज महसूस नहीं होता. महिलाओं में झिझक का स्तर भी सामने आया. चार में से दस महिलाओं ने माना कि उन्हें अपनी 20 की उम्र की तुलना में अब किसी नए व्यक्ति के सामने पहला कदम बढ़ाने में ज्यादा संकोच होता है. दूसरी तरफ, 33 फीसदी पुरुषों ने बताया कि उन्हें फ्लर्ट करने, किसी संभावित साथी की तारीफ करने या पहली मुलाकात तय करने के दौरान अजीब या भावनात्मक रूप से अनुभवहीन दिखने की चिंता रहती है.
नई मोहब्बत से पहले खुद को स्वीकार करना जरूरी
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि तलाक या अलगाव के बाद प्यार की नई शुरुआत केवल किसी नए साथी की तलाश का मामला नहीं है. कई लोगों के लिए यह अपने पुराने अनुभवों से बाहर निकलने, आत्मविश्वास वापस पाने और अपनी पहचान को दोबारा समझने की प्रक्रिया भी है. नई रिलेशनशिप में अतीत को स्वीकार करना जरूरी हो सकता है, लेकिन हर बार अपनी पिछली शादी या तलाक का बचाव करना जरूरी नहीं. एक स्वस्थ नई शुरुआत के लिए व्यक्ति का अपने वर्तमान और भविष्य पर ध्यान देना उतना ही महत्वपूर्ण हो सकता है, जितना अपने अतीत को समझना.